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Delhi NCR News: अमीर कारोबारी बनकर दिल्ली, यूपी व हरियाणा की 50 से अधिक महिला सिपाहियों को ठग चुका है विक्रांत
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बागपत के लिए उपयोगी
महिला सिपाही से ठगी का मामला : आरोपी की सहमति संबंध पार्टनर भी दिल्ली पुलिस की सिपाही
-बागपत के इस जालसाज को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार, रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
यूपी के बागपत का 23 वर्ष का विक्रांत तोमर उर्फ विक्की तोमर अब तक दिल्ली, यूपी व हरियाणा में 50 से ज्यादा महिला सिपाहियों को ठग चुका है। दिल्ली में तो उसने दिल्ली पुलिस की एक ही बैच की 20 से ज्यादा महिला सिपाहियों से ठगी की है। आरोपी सोशल मीडिया पर अमीर कारोबारी बनकर महिलाओं को फंसाता था। आरोपी की सहमति संबंध पार्टनर भी दिल्ली पुलिस की सिपाही है। बताया जा रहा कि वह अब तक 70 लाख से एक करोड़ रुपये से ज्यादा महिला सिपाहियों से ठग चुका है।
दिल्ली पुलिस की मध्य जिला साइबर थाना पुलिस ने एक महिला सिपाही की शिकायत पर विक्रांत तोमर को बुराड़ी इलाके से गिरफ्तार किया था। उसे शनिवार को अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मध्य जिला पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उसे फिर से रिमांड पर लाया जाएगा। आरोपी किराये पर महंगी कारें लेता था और उन्हीं गाड़ियों के लग्जरी वीडियो तथा रील्स बनाकर महिलाओं को भेजता था। हैरानी की बात यह है कि वह एक ही किराये की कार में अलग-अलग महिला कांस्टेबलों को घुमाता था और खुद को उनका अमीर पार्टनर बताता था। यहां तक कि वह कई बार एक महिला कांस्टेबल से ही दूसरी महिला को घुमाने का खर्च भी अलग-अलग बहाने बनाकर वसूल लेता था।
लिव-इन पार्टनर की मदद से बनाता था पुलिसकर्मियों को निशाना : इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपी की सहमति संबंध पार्टनर खुद दिल्ली पुलिस में एक महिला कांस्टेबल है। आरोपी ने पुलिस को बताया है कि वह उसकी पत्नी है। आरोपी अपनी लिव-इन पार्टनर की मदद से उसकी बैचमेट महिला सिपाहियों की जानकारी जुटाता था और फिर उन्हें अपने जाल में फंसाता था। टारगेट तय करने के बाद वह उनसे दोस्ती करता, शादी का झूठा भरोसा देता और अलग-अलग बहानों से उनसे मोटी रकम ऐंठ लेता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस तरह ठगी का शिकार बनी करीब 20 महिला कांस्टेबल एक ही बैच की हैं। कई महिला सिपाहियों ने अभी तक आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। आरोपी पर मायापुरी, हरिनगर, इंद्रपुरी और पूर्वी जिला साइबर पुलिस थाने में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं। वह इसी साल जून महीने में ही जमानत पर जेल से बाहर आया था और बाहर आते ही फिर से वारदातों को अंजाम देने लगा
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बैंक खातों और अन्य पीड़ितों की जांच जारी : दिल्ली पुलिस की साइबर सेल टीम ने सर्विलांस और डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और सोशल मीडिया चैट्स को खंगाल रही है।
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महिला सिपाही से ठगी का मामला : आरोपी की सहमति संबंध पार्टनर भी दिल्ली पुलिस की सिपाही
-बागपत के इस जालसाज को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार, रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
यूपी के बागपत का 23 वर्ष का विक्रांत तोमर उर्फ विक्की तोमर अब तक दिल्ली, यूपी व हरियाणा में 50 से ज्यादा महिला सिपाहियों को ठग चुका है। दिल्ली में तो उसने दिल्ली पुलिस की एक ही बैच की 20 से ज्यादा महिला सिपाहियों से ठगी की है। आरोपी सोशल मीडिया पर अमीर कारोबारी बनकर महिलाओं को फंसाता था। आरोपी की सहमति संबंध पार्टनर भी दिल्ली पुलिस की सिपाही है। बताया जा रहा कि वह अब तक 70 लाख से एक करोड़ रुपये से ज्यादा महिला सिपाहियों से ठग चुका है।
दिल्ली पुलिस की मध्य जिला साइबर थाना पुलिस ने एक महिला सिपाही की शिकायत पर विक्रांत तोमर को बुराड़ी इलाके से गिरफ्तार किया था। उसे शनिवार को अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मध्य जिला पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उसे फिर से रिमांड पर लाया जाएगा। आरोपी किराये पर महंगी कारें लेता था और उन्हीं गाड़ियों के लग्जरी वीडियो तथा रील्स बनाकर महिलाओं को भेजता था। हैरानी की बात यह है कि वह एक ही किराये की कार में अलग-अलग महिला कांस्टेबलों को घुमाता था और खुद को उनका अमीर पार्टनर बताता था। यहां तक कि वह कई बार एक महिला कांस्टेबल से ही दूसरी महिला को घुमाने का खर्च भी अलग-अलग बहाने बनाकर वसूल लेता था।
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लिव-इन पार्टनर की मदद से बनाता था पुलिसकर्मियों को निशाना : इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपी की सहमति संबंध पार्टनर खुद दिल्ली पुलिस में एक महिला कांस्टेबल है। आरोपी ने पुलिस को बताया है कि वह उसकी पत्नी है। आरोपी अपनी लिव-इन पार्टनर की मदद से उसकी बैचमेट महिला सिपाहियों की जानकारी जुटाता था और फिर उन्हें अपने जाल में फंसाता था। टारगेट तय करने के बाद वह उनसे दोस्ती करता, शादी का झूठा भरोसा देता और अलग-अलग बहानों से उनसे मोटी रकम ऐंठ लेता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस तरह ठगी का शिकार बनी करीब 20 महिला कांस्टेबल एक ही बैच की हैं। कई महिला सिपाहियों ने अभी तक आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। आरोपी पर मायापुरी, हरिनगर, इंद्रपुरी और पूर्वी जिला साइबर पुलिस थाने में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं। वह इसी साल जून महीने में ही जमानत पर जेल से बाहर आया था और बाहर आते ही फिर से वारदातों को अंजाम देने लगा
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