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Delhi NCR News: आइडिया को उत्पाद में बदलने की तैयारी, दिल्ली में बनेगा इनोवेशन इकोसिस्टम
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हैदराबाद के टी-वर्क्स, टी-हब और इलेक्ट्रॉनिक सिटी के मॉडल का अध्ययन
युवाओं को प्रोटोटाइपिंग और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली में युवाओं के आइडिया अब केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे। सरकार राजधानी में हैदराबाद की तर्ज पर इनोवेशन और हार्डवेयर इकोसिस्टम विकसित करने की तैयारी कर रही है, ताकि युवा अपने विचारों को वास्तविक उत्पाद में बदल सकें।
उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने हैदराबाद के टी-वर्क्स, टी-हब और इलेक्ट्रॉनिक सिटी का दौरा कर वहां विकसित मॉडल का अध्ययन किया। खासतौर पर टी-वर्क्स के हब-एंड-स्पोक मॉडल को दिल्ली के लिए उपयोगी माना है।
अक्सर युवाओं के पास बेहतर आइडिया तो होते हैं, लेकिन उन्हें उत्पाद का प्रोटोटाइप तैयार करने के लिए जरूरी मशीनें, तकनीकी सुविधाएं और विशेषज्ञता नहीं मिल पाती। प्रस्तावित व्यवस्था इसी कमी को दूर करने पर केंद्रित होगी। टी-वर्क्स में इलेक्ट्रॉनिक्स, 3-डी प्रिंटिंग, सीएनसी मशीन, लेजर कटिंग, वेल्डिंग, उत्पाद डिजाइन और टेस्टिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसी सुविधाओं से युवा अपने उत्पाद का नमूना तैयार कर उसमें जरूरी सुधार कर सकेंगे।
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हर इलाके तक पहुंचेगी सुविधा
टी-वर्क्स के हब-एंड-स्पोक मॉडल में एक बड़ा केंद्र मुख्य हब के रूप में काम करता है, जबकि छोटे केंद्र अलग-अलग क्षेत्रों में सुविधाएं पहुंचाते हैं। दिल्ली सरकार इसी मॉडल को अपनाने की संभावनाएं तलाश रही है। इससे युवाओं और छोटे उद्यमियों को हर काम के लिए एक ही बड़े केंद्र पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में छोटी प्रोटोटाइपिंग सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।
नौकरी ढूंढने के बजाय नौकरी देने का मौका
सरकार का लक्ष्य केवल नई कंपनियां शुरू कराना नहीं, बल्कि युवाओं को अपने कौशल और आइडिया के दम पर कारोबार खड़ा करने का अवसर देना है। आधुनिक मशीनों, तकनीकी सलाह, विशेषज्ञों और उद्योग से जुड़ाव की सुविधा मिलने से युवा उत्पाद का शुरुआती नमूना तैयार कर बाजार में उतार सकेंगे। मांग बढ़ने पर वे अपने कारोबार का विस्तार भी कर सकेंगे।
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युवाओं को प्रोटोटाइपिंग और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली में युवाओं के आइडिया अब केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे। सरकार राजधानी में हैदराबाद की तर्ज पर इनोवेशन और हार्डवेयर इकोसिस्टम विकसित करने की तैयारी कर रही है, ताकि युवा अपने विचारों को वास्तविक उत्पाद में बदल सकें।
उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने हैदराबाद के टी-वर्क्स, टी-हब और इलेक्ट्रॉनिक सिटी का दौरा कर वहां विकसित मॉडल का अध्ययन किया। खासतौर पर टी-वर्क्स के हब-एंड-स्पोक मॉडल को दिल्ली के लिए उपयोगी माना है।
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अक्सर युवाओं के पास बेहतर आइडिया तो होते हैं, लेकिन उन्हें उत्पाद का प्रोटोटाइप तैयार करने के लिए जरूरी मशीनें, तकनीकी सुविधाएं और विशेषज्ञता नहीं मिल पाती। प्रस्तावित व्यवस्था इसी कमी को दूर करने पर केंद्रित होगी। टी-वर्क्स में इलेक्ट्रॉनिक्स, 3-डी प्रिंटिंग, सीएनसी मशीन, लेजर कटिंग, वेल्डिंग, उत्पाद डिजाइन और टेस्टिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसी सुविधाओं से युवा अपने उत्पाद का नमूना तैयार कर उसमें जरूरी सुधार कर सकेंगे।
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हर इलाके तक पहुंचेगी सुविधा
टी-वर्क्स के हब-एंड-स्पोक मॉडल में एक बड़ा केंद्र मुख्य हब के रूप में काम करता है, जबकि छोटे केंद्र अलग-अलग क्षेत्रों में सुविधाएं पहुंचाते हैं। दिल्ली सरकार इसी मॉडल को अपनाने की संभावनाएं तलाश रही है। इससे युवाओं और छोटे उद्यमियों को हर काम के लिए एक ही बड़े केंद्र पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में छोटी प्रोटोटाइपिंग सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।
नौकरी ढूंढने के बजाय नौकरी देने का मौका
सरकार का लक्ष्य केवल नई कंपनियां शुरू कराना नहीं, बल्कि युवाओं को अपने कौशल और आइडिया के दम पर कारोबार खड़ा करने का अवसर देना है। आधुनिक मशीनों, तकनीकी सलाह, विशेषज्ञों और उद्योग से जुड़ाव की सुविधा मिलने से युवा उत्पाद का शुरुआती नमूना तैयार कर बाजार में उतार सकेंगे। मांग बढ़ने पर वे अपने कारोबार का विस्तार भी कर सकेंगे।