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AAP Rift LIVE: राघव समेत सात MP भाजपा के साथ, BJP अध्यक्ष नवीन ने स्वागत किया; अब सदस्यता रद्द करने की मांग

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विकास कुमार Updated Fri, 24 Apr 2026 09:02 PM IST
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सार

Raghav Chadha Resigns: राघव चड्ढा ने राज्य सभा सांसद संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि हमने फैसला किया है कि हम, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य, भारत के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए भाजपा में विलय कर लेंगे।

Raghav Chadha Resign News: Claims of 7 Rajya Sabha MPs Joining BJP, No Official Confirmation
भाजपा में शामिल हुए राघव समेत संदीप पाठक और अशोक मित्तल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

आम आदमी पार्टी (आप) को शुक्रवार जोर का सियासी झटका लगा है। सांसद राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक एक साथ आप से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने का एलान किया है। इस मौके पर राघव चड्ढा ने दावा किया कि किया कि उनके साथ सात सांसद भाजपा में शामिल हो रहे हैं। इससे राज्य सभा में पूरी आप का भाजपा में विलय हो गया है। इसके बाद भाजपा के डीडीयू मार्ग स्थित राष्ट्रीय कार्यालय पहुंचे आप सांसदों का राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आप सांसदों का स्वागत किया। उधर, आप सांसद संजय सिंह ने इसे ऑपरेशन लोटस करार दिया है। वहीं, संयोजक अरविंद केजरीवाल का आरोप है कि भाजपा ने पंजाबियों के साथ धक्का किया है।

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Raghav Chadha Resign News: Claims of 7 Rajya Sabha MPs Joining BJP, No Official Confirmation
राघव चड्ढा - फोटो : अमर उजाला

मैंने अपनी जवानी के 15 साल दिए
शुक्रवार दोपहर आप के तीनों सांसदों ने नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में मीडिया से बात की। राघव चड्ढा ने कहा, आप को मैंने अपनी युवावस्था के 15 साल दिए। अब वह अपने सिद्धांतों, मूल्यों और बुनियादी नैतिकताओं से पूरी तरह भटक गई है। अब यह पार्टी देश या राष्ट्रीय हित के लिए काम नहीं कर रही है, बल्कि निजी स्वार्थ के लिए काम कर रही है।

मैं सही आदमी, गलती पार्टी में
बकौल राघव चड्ढा, आप में से कई लोग पिछले कुछ वर्षों से मुझसे यह कहते आ रहे हैं, और मैंने भी व्यक्तिगत रूप से यह महसूस किया है कि मैं सही आदमी हूं, लेकिन गलत पार्टी में हूं। चड्ढा ने दोहराया कि वह सही आदमी है, लेकिन गलत पार्टी में हैं। इसलिए, घोषणा करता हूं कि मैं आप से खुद को अलग कर रहा हूं और जनता के पास जा रहा हूं।

किस-किस ने छोड़ा आप का साथ
मीडिया के एक सवाल पर राघव चड्ढा ने कहा कि राज्यसभा में आप के 10 सांसद हैं। इनमें से दो-तिहाई से ज्यादा हमारे साथ हैं। उन्होंने हस्ताक्षर कर दिए हैं और सुबह हमने हस्ताक्षरित पत्र और दस्तावेज राज्य सभा के सभापति को सौंप दिए। इनमें से तीन यहां आपके सामने मौजूद हैं। इसके अलावा हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल शामिल हैं।

नितिन नवीन ने मिठाई खिलाई
इसके बाद तीनों सांसद भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने मिठाई खिलाकर सभी का स्वागत किया।

तीनों सांसद कभी आप के रहे रीढ़, चड्ढा शुरू से ही रहे फ्रंट लाइनर
राघव चड्ढा राजनीति में आने से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट थे। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री ली है। राघव चड्ढा के राजनीतिक जीवन की शुरुआत ही आप के साथ हुई थी। पार्टी के गठन के समय भी चड्ढा अरविंद केजरीवाल के साथ थे। 24 वर्ष की आयु में, उन्होंने 2012 में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने में सहयोग किया। मीडिया में वह पार्टी और संगठन का पक्ष रखते रहे और जल्द ही वह पार्टी का जाना-पहचाना चेहरा बन गए।

कब-कब मिली क्या-क्या जिम्मेदारी?
राघव चड्ढा भारतीय राजनीतिक दलों में सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने। वह पूर्व में राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष भी रह चुके हैं। इससे पहले वे 2020 से मार्च 2022 तक दिल्ली के राजेंद्र नगर से आप विधायक रहे। इसी दौरान उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष की भी जिम्मेदारी निभाई थी। 2022 से वह पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं। पिछले दिनों पार्टी ने चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया। इसके बाद उन्होंने बगावती रूख अपना लिया। माना जा रहा था कि उनका आप का साथ अब वक्त की बात है।

संदीप पाठक की भूमिका भी रही अहम
डॉ. संदीप कुमार पाठक भी 2022 से पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद हैं। इसके साथ ही वह पार्टी में संगठन महासचिव की जिम्मेदारी निभा रहे थे। पंजाब का पिछला विधान सभा चुनाव जिताने में पाठक की भूमिका अहम रही थी। पार्टी उस वक्त उनकी सियासी समझ और संगठनात्मक क्षमता का कायल थी। पंजाब जीत के बाद ही उनको संगठन का महासचिव बनाया गया था। इससे पहले यह जिम्मेदारी आप सांसद संजय सिंह के पास थी। संदीप पाठक ने छत्तीसगढ़ से स्नातकोत्तर की उपाधि लेने के बाद हैदराबाद और पुणे में पढ़ाई की। फिर वह कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय गए। वहां से उन्होंने डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।

अशोक मित्तल का नाम सबसे चौंकाने वाला
पार्टी छोड़ने वालों में चौंकाने वाला नाम राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल का है। मित्तल को आप ने हाल ही में राघव चड्ढा को हटाकर राज्यसभा में उपनेता बनाया था। वहीं, दिल्ली की सत्ता से बाहर होने के बाद जब अरविंद केजरीवाल ने सरकारी आवास छोड़ा था, तब से वह अशोक मित्तल के फिरोज शाह कोटला स्थित सरकारी आवास पर रह रहे थे। केजरीवाल ने शुक्रवार सुबह ही जानकारी दी थी कि उनको अब आप के अध्यक्ष के तौर पर दिल्ली में सरकारी आवास मिल गया है। वह अपने आवास में शिफ्ट होने जा रहे हैं। इसी बची मित्तल ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। अशोक मित्तल लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के संस्थापक कुलाधिपति भी हैं। आप ने उनको पंजाब से राज्यसभा भेजा। वह साल 2022 में राज्यसभा के लिए चुने गए थे। फिलहाल वह राज्यसभा में आप के उपनेता की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

चड्ढा का दावा, सात सांसद साथ
राघव चड्ढा ने मीडिया के सामने दावा किया कि दावा किया है कि उनके साथ स्वाति मालीवाल और हरभजन सिंह भी हैं। इतना ही नहीं, बलबीर सिंह सीचेवाल और विक्रमजीत सिंह साहनी भी आप छोड़ रहे हैं। ये सभी पंजाब से सांसद हैं और ऐसे में माना जा रहा है कि इन नेताओं के पार्टी छोड़ने से पंजाब की राजनीति में भूचाल आ सकता है। आने वाले पंजाब विधान सभा चुनाव में इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है। 

मेरा मकसद देश के लिए कुछ बड़ा करने का- संदीप पाठक
संदीप पाठक ने इस दौरान कहा कि मैंने अपने जीवन में नहीं सोचा था ये स्थिति आएगी, और ये आ गई। मैं किसान परिवार से आया फिर पढ़ाई लिखाई की। मैं राजनीति में सिर्फ इस मकसद से आया कि देश के लिए कुछ बड़ा कर सकूं। देश सेवा के मकसद से ही आम आदमी पार्टी में जुड़ा था।

कैसे बिगड़ी थी बात
दरअसल केजरीवाल और राघव चड्ढा में दूरियां उसी दिन से नजर आने लगी थी जब केजरीवाल जेल में थे और राघव अपनी पत्नी परिनीति के साथ लंदन में घूमते व मस्ती की फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे थे। राघव को लोकसभा चुनाव में भी पंजाब से दूर रखा गया। औपचारिक तौर पर वे श्री आनंदपुर साहब सीट पर नजर आए थे।
 राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ समय से राघव चड्ढा पार्टी के अहम मुद्दों पर अपेक्षाकृत शांत नजर आ रहे थे। 

विपक्ष जहां इसे आप के अंदरूनी मतभेद का संकेत बता रहा है। वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह और नए उपनेता डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने इसे एक सामान्य संगठनात्मक प्रक्रिया करार दिया है, जिसका मकसद अन्य सांसदों को भी जिम्मेदारी देना है।

पंजाब से अब केवल आप का एक ही राज्यसभा सांसद
राज्यसभा में अब आम आदमी पार्टी के इकलाैते सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल बचे हैं। पंजाब में वर्ष 2000 में कार सेवा शुरू करके संत सीचेवाल ने गुरु नानक देव जी से जुड़ी ऐतिहासिक नदी काली बेई का कायाकल्प करने में विशेष भूमिका निभाई थी। उनके प्रयास से ही औद्योगिक व मानवीय प्रदूषण से जाम 160 किलोमीटर लंबी काली बेई साफ हो पाई थी।

आज काली बेई देश में न केवल एक रोल माडल के रुप में देखी जाती है, बल्कि आज वह जगह एक पिकनिक स्थल के रुप में विकसित हो चुकी है। सड़कों वाला बाबा, वेलफेयर बाबा, बेईं वाले बाबा और ईको बाबा से विख्यात संत सीचेवाल ने अपने हाथों से बेईं से कांग्रेस बूटी निकाली थी। शुरुआती दौर में अकेले चलने वाले संत सीचेवाल के प्रयास लोक लहर बन चुके हैं।

आप सांसदों के इस्तीफे की चर्चा के बीच फरीदाबाद में की गई बैठक
आम आदमी पार्टी के सांसदों के पार्टी छोड़ने की खबर के बीच फरीदाबाद इकाई में संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिला अध्यक्ष रविंद्र फौजदार ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर मौजूदा स्थिति पर चर्चा की और आगे की रणनीति तय की।

बैठक में फौजदार ने कहा कि इस तरह के घटनाक्रम से पार्टी की मजबूती और कार्यकर्ताओं के मनोबल पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है बल्कि यह कार्यकर्ताओं और विचारधारा पर आधारित संगठन है। ऐसे में यदि कुछ लोग व्यक्तिगत कारणों से पार्टी छोड़ते हैं तो इससे संगठन की जड़ों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने और जनता के बीच लगातार संवाद बनाए रखने पर जोर दिया गया। साथ ही आने वाले समय में संगठन को और मजबूत करने के लिए बूथ स्तर तक गतिविधियां बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

फौजदार ने केंद्र की एजेंसियों के दबाव का भी जिक्र करते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को प्रभावित करने की कोशिशें हो रही हैं लेकिन पार्टी का कार्यकर्ता इन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों पर कायम रहेगा। बैठक के अंत में कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने और ईमानदार राजनीति के एजेंडे को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

भाजपा के सामने झुकने वाले सांसदों ने पंजाब के लोगों के साथ गद्दारी की: मनीष सिसोदिया
राघव चड्डा के पार्टी छोड़ने के फैसले पर दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की प्रतिक्रिया सामने आई है। सिसोदिया ने एक्स पोस्ट में लिखा, "तीन दिन से गुजरात में हूं, जिस समय गुजरात में हजारों कार्यकर्ता अपनी जान जोखिम में डालकर, सारे खतरे और भाजपा की धमकियां झेलकर पार्टी की विचारधारा को मजबूत करने के लिए खून-पसीना बहा रहे हैं, उसी समय कुछ गद्दारों ने पंजाब के कार्यकर्ताओं के खून-पसीने की कमाई का सौदा कर लिया।"

सिसोदिया ने आगे कहा, "जो राज्यसभा सदस्य आज भाजपा के सामने झुक गए, अपनी निजी मजबूरियों, डर और लालच के कारण जिन्होंने पंजाब के लोगों के साथ गद्दारी की है, उन्हें पता होना चाहिए कि पंजाब गद्दारों को कभी माफ नहीं करता है।"

आप को हो गया था आभास
आम आदमी पार्टी को इस टूट का आभास हो गया था। राघव चड्ढा की प्रेस कांफ्रेंस से कुछ देर पहले पार्टी के पंजाब महासचिव और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने आरोप लगाया कि अमित शाह ने आम आदमी पार्टी तोड़ने की साजिश रची है। पन्नू ने चड्ढा पर आरोप लगाया था कि वह आम आदमी पार्टी के कई राज्यसभा सांसदों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। अमित शाह ने राघव चड्ढा को आप सांसद तोड़कर लाने पर केंद्रीय मंत्री बनाने का आश्वासन दिया है। ईडी की रेड के जरिये सांसद पर राघव चड्ढा की पार्टी में शामिल होने का दबाव बनाया जाता है। 

आम आदमी पार्टी सदस्यता रद्द करने की मांग करेगी: संजय सिंह

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राघव प्रकरण में भाजपा अध्यक्ष का पहला बयान: तीन सांसदों का पार्टी में स्वागत, बाकी नेताओं को भी शुभकामनाएं

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आप के सात सांसदों के इस्तीफे पर भाजपा ने आत्मनिरीक्षण को कहा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आम आदमी पार्टी (आप) की आलोचना की। यह आप के सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद हुई। भाजपा नेताओं ने कहा कि आप नेतृत्व को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। बंसुरी स्वराज ने इसे संगठन के बिखरने का संकेत बताया। अनुराग ठाकुर के अनुसार, भ्रष्टाचार ही आप छोड़ने का मुख्य कारण है। उन्होंने यह भी कहा कि आप के कई नेता कम समय में जेल गए। सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि आप अपने मुख्य लक्ष्य से भटक गई है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आप सांसदों के भाजपा में शामिल होने का स्वागत किया। उन्होंने पंजाब में भी आप की इकाई में बड़े विभाजन की भविष्यवाणी की। तरुण चुघ ने अरविंद केजरीवाल पर भ्रष्टाचार की राजनीति करने का आरोप लगाया।

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