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Delhi Turkman Gate: 'अतिक्रमण नहीं हटाना है मस्जिदें तोड़नी है', अतिक्रमण अभियान और पत्थरबाजी पर कौन क्या बोला

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 07 Jan 2026 03:15 PM IST
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सार

दिल्ली के तुर्कमान गेट के पास फैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास एमसीडी द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान और पत्थरबाजी पर किसने क्या कहा? आइए देखते हैं

Reaction on Delhi Turkman Gate anti-encroachment demolition drive carried out by MCD near Faiz-e-Ilahi Masjid
दिल्ली में अतिक्रमण हटाओ अभियान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान हिंसक झड़पें हुईं। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेशों पर देर रात यह कार्रवाई शुरू की थी। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध किया, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई। विरोध कर रहे लोगों की भीड़ ने पुलिस और एमसीडी की टीमों पर पथराव कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
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हिंसा और पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित कर लिया। पथराव की इस घटना में पांच पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है और उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच और फुटेज के आधार पर पुलिस ने करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की जा रही थी।
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गिरफ्तारी और जांच
दिल्ली पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से पत्थर फेंकने वालों की पहचान की जा रही है। फिलहाल, प्राथमिकी अज्ञात लोगों के खिलाफ है, हालांकि पुलिस ने चार से पांच संदिग्धों की पहचान कर ली है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है और आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस घटना में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

100-150 के करीब उपद्रवियों ने पुलिस पर किया पथराव
ज्वाइंट सीपी मधुर वर्मा ने तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने पर कहा, "100-150 के करीब उपद्रवी थे जिन्होंने पुलिस पर पथराव किया। कुछ लोगों को चिह्नित किया गया है। पांच गिरफ्तारियां हुई है, 10-15 लोगों को हिरासत में लिया गया है। जो लोग अतिक्रमण विरोधी अभियान में बाधा उत्पन्न करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

 

'मस्जिद के पास जितनी जमीन थी वो सुरक्षित है'
दिल्ली नगर निगम के डीसी विवेक अग्रवाल ने तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण पर बताया, "ये मामला काफी समय से हाई कोर्ट में चल रहा था। हाई कोर्ट के आदेश के बाद इस पर कार्रवाई की गई है। यह लगभग 36,400 वर्ग फुट का क्षेत्र था। इसके आस-पास दो मंजिला दीवार थी जिस पर एक मंजिला ढांचा बना हुआ था। मस्जिद के पास जितनी जमीन थी वो सुरक्षित है। पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल उपलब्ध करवाया गया था। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी रात भर मौके पर मौजूद रहे... हमारी टीम को पूरी सुरक्षा दी गई। रात में पथराव की घटना हुई लेकिन पुलिस की पूरी तैयारी थी। इसमें 32 JCB, 4 पोकलेन मशीन, न्यूमेटिक हैमर और कई ट्रकों का हमने इस्तेमाल किया। हमारी टीम के किसी सदस्य को कोई हानि नहीं हुई है।


 

'वहां कई ऐसे इलाके हैं जहां अतिक्रमण बढ़ गया था'
NDMC उपाध्यक्ष कुलजीत चहल ने तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण पर कहा कि वहां कई ऐसे इलाके हैं जहां अतिक्रमण बढ़ गया है और मैं MCD और इसमें शामिल दूसरे विभागों को बधाई देता हूं, जिन्होंने अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। पत्थरबाजी की घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।"

 

'इस कार्रवाई को रोकना गलत है'
तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने और पत्थरबाजी की घटना पर दिल्ली कैबिनेट मंत्री आशीष सूद ने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। मस्जिद के इर्द-गिर्द जो व्यवसायिक प्रतिष्ठान बने थे उनके खिलाफ कोर्ट का निर्देश था। उस कोर्ट के निर्देश पर ये कार्रवाई हो रही है। इस कार्रवाई को रोकना गलत है। दोषियों को दंडित किया जाएगा और कुछ दोषियों को गिरफ्तार भी किया गया है।"


'यह कार्रवाई हाई कोर्ट के आदेश के बाद की गई थी'
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने और पत्थरबाजी की घटना पर कहा, "यह कार्रवाई हाई कोर्ट के आदेश के बाद की गई थी...पूरी कार्रवाई कानून के मुताबिक की गई।

 

'इन पत्थरबाजों के हाथ में पत्थर किसने दिए?'
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने पर कहा कि वह अतिक्रमण हटना ही था लेकिन जिस तरह पुलिस पर पथराव किया गया है, यह सोचने की बात है कि राजधानी में इन पत्थरबाजों के हाथ में पत्थर किसने दिए? यह धार्मिक उन्माद भड़काने की कोशिश थी। मैं पुलिस, प्रशासन को बधाई देता हूं कि उन्होंने बहुत संयम से इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस से निवेदन है कि जो लोग इसमें शामिल हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। 

 

'MCD ने हाई कोर्ट के आदेश का पालन किया है'
दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह ने तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने पर कहा, "MCD ने हाई कोर्ट के आदेश का पालन किया है। रामलीला मैदान पर अवैध कब्ज़ा था जहांबैंक्वेट हॉल चल रहा था उसे हटाया गया... जब सरकार जनता की भलाई की बात करती है, तो कुछ धार्मिक लोग जनता को गुमराह करने और अफवाहें फैलाने की कोशिश करते हैं, जिससे ऐसी घटनाएं (पत्थरबाजी) होती हैं। ऐसी घटनाओं का कोई असर नहीं होगा क्योंकि हम दिल्ली को साफ़-सुथरा बनाना चाहते हैं।"

 

भाजपा विधायक कैलाश गहलोत ने तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने और पत्थरबाजी की घटना पर कहा, "इसे लेकर कोर्ट का आदेश है और कोर्ट के आदेश के निष्पादन में यदि कोई भी अड़चन आती है तो उसे दूर करना और कोर्ट के आदेशों का पालन करना हर पब्लिक अथॉरिटी का कर्तव्य है।

 

'कानून अपना काम कर रहा है'
भाजपा नेता करनैल सिंह ने तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने और हुई पत्थरबाजी की घटना पर कहा, "कानून अपना काम कर रहा है, कानून के हिसाब से सारी चीज़ें होती हैं।"

 

'जिस तरह पत्थरबाजी की गई वह बहुत दुखद है'
भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने और पत्थरबाजी की घटना पर कहा, "जो अवैध तरीके से निर्माण किया गया है वह तो जमींदोज होगा ही लेकिन वहां पर जिस तरह पत्थरबाजी की गई वह बहुत दुखद है। दिल्ली में कहीं से भी यह स्वीकार्य नहीं है... ये दुर्भाग्यपूर्ण है और दिल्ली में इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती।"

 

'पूरी दिल्ली में लोगों को बेघर करने का अभियान चल रहा है'
आप नेता और विधायक गोपाल राय ने तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने और पत्थरबाजी की घटना पर कहा, "जब से भाजपा की सरकार बनी है एक जगह की बात नहीं है बल्कि पूरी दिल्ली में अतिक्रमण व लोगों के घरों को उजाड़ने का काम ये सरकार कर रही है... यह केवल एक घटना की बात नहीं है... पूरी दिल्ली में लोगों को बेघर करने का अभियान चल रहा है। बहुत सारी जगहों पर ये घटनाएं हो रही हैं। मुझे लगता है कि सरकार को लोगों को बसाने का काम करना चाहिए न कि उजाड़ने का।"

 

'अतिक्रमण नहीं हटाना है मस्जिदें तोड़नी है, कितनी मस्जिद तोड़ेंगे?'
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने पर कहा, "अतिक्रमण नहीं हटाना है मस्जिदें तोड़नी है, कितनी मस्जिद तोड़ेंगे? अतिक्रमण के नाम पर आप मस्जिदें तोड़ेंगे, मदरसों पर बुलडोजर चलाएंगे, यही देश में चल रहा है। आप इससे नफरत फैलाकर अपना राजनीतिक एजेंडा फैला रहे हैं... यह इतनी कमज़ोर सरकार है कि यह बांग्लादेश को मुंहतोड़ जवाब भी नहीं दे पा रही है।"


 

'यह असहनशील और असंवेदनशील सरकारी कदम है'
राजद नेता मनोज कुमार झा ने तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने पर कहा, "दुनिया के कौन से देश में जनवरी की सर्द रात में आप इस काम को अंजाम देते हैं? यह असहनशील और असंवेदनशील सरकारी कदम है... आप वैकल्पित व्यवस्था कीजिए लेकिन जनवरी के समय जब लोग रजाई में दुबके पड़े हैं, ये व्यवहार उचित नहीं है..."

 

'यहां कार्रवाई क्यों की गई? क्योंकि यह एक मस्जिद थी'
दिल्ली के तुर्कमान गेट फैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास MCD द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाने के अभियान पर, ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष, मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि "जब ऐसे अतिक्रमण हटाए जाते हैं, तो ऐसी बातें होना तय है... सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब हमारे पास 3.5 करोड़ मामले पेंडिंग हैं, तो हमारी न्यायपालिका को इन मामलों पर फैसले सुनाने और ऐसे मामलों पर सुनवाई करने का समय कैसे मिल जाता है... इस मस्जिद के पास, रामलीला मैदान में एक मंदिर भी है। वहां भी अतिक्रमण है। उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। अगर आप दिल्ली गेट से थोड़ा आगे, मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज के पास जाएं, तो सड़क पर एक मंदिर बना हुआ है। सड़क पर ही मंदिर बना है। उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। आपको ऐसे अतिक्रमण कई जगहों पर मिलेंगे। यहां कार्रवाई क्यों की गई? क्योंकि यह एक मस्जिद थी। इसलिए इसके खिलाफ कार्रवाई की गई। अगर यह मंदिर होता, तो शायद कोई कार्रवाई नहीं होती। कई मंदिर सड़क पर बने हुए हैं। मैं पत्थरबाजी की निंदा करता हूं। ऐसा नहीं होना चाहिए था क्योंकि आदेश आखिरकार न्यायपालिका, कोर्ट का है, इसलिए कोर्ट के आदेश के आलोक में ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए। उन्हें समझना चाहिए कि कार्रवाई क्यों की जा रही है। लेकिन मैंने जो सवाल उठाए हैं, वे भी तथ्यों पर आधारित हैं। न्यायपालिका को भी इस बारे में सोचना चाहिए, और पुलिस को भी सोचना चाहिए कि यह कार्रवाई सिर्फ मुसलमानों के खिलाफ या इसलिए की जाती है क्योंकि यह एक मस्जिद है?।
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