फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Response sought from the Centre on the formation of the standing committee.

Delhi NCR News: स्टैंडिंग कमेटी के गठन पर केंद्र से मांगा जवाब

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2026 06:08 PM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्डलाइफ (एनबीडब्ल्यूएल) की स्टैंडिंग कमेटी के गठन में कथित अनुपालन की कमी को लेकर दायर जनहित याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र को चार हफ्ते के भीतर हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी।


याचिकाकर्ता का कहना है कि अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, स्टैंडिंग कमेटी नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्डलाइफ द्वारा गठित की जानी चाहिए थी। साथ ही इसमें कम से कम पांच गैर-सरकारी विशेषज्ञ और दो वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञता वाले गैर-सरकारी संगठन शामिल होने चाहिए थे। लेकिन वर्तमान कमेटी केंद्रीय मंत्रालय द्वारा नियुक्त की जा रही है, जो किसी भी प्रस्ताव को बिना पर्याप्त विचार-विमर्श और कारण बताए एक दिन में हजारों परियोजनाओं को मंजूरी दे देती है। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के आधार पर कहा गया कि कमेटी के पास कोई ठोस रिकॉर्ड भी नहीं है, जो पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए चिंताजनक है।
विज्ञापन



सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने केंद्र सरकार के वकील से पूछा क्या आप स्टेट्यूटरी बोर्ड और सरकार के बीच अंतर नहीं कर सकते? बोर्ड को सरकार का विस्तार मानकर नहीं चलाया जा सकता। अधिनियम का उद्देश्य स्वायत्त और स्वतंत्र बोर्ड बनाना है। हर शक्तियां सरकार द्वारा ग्रहण नहीं की जा सकतीं। अदालत ने स्पष्ट किया कि संसद द्वारा बनाए गए प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed