{"_id":"6a847d7cc2d3a9a2700de661","slug":"restructuring-of-apex-and-district-development-committees-in-delhi-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-151240-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: दिल्ली में एपेक्स और जिला विकास समितियों का पुनर्गठन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: दिल्ली में एपेक्स और जिला विकास समितियों का पुनर्गठन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- 13 राजस्व जिलों के अनुरूप डीडीसी की संख्या नौ से बढ़कर 13 हुई, पीडब्ल्यूडी प्रमुख सचिव को स्थायी सदस्य बनाया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने एपेक्स समिति और जिला विकास समितियों (डीडीसी) के पुनर्गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नई व्यवस्था में दिल्ली के 13 राजस्व जिलों के अनुरूप डीडीसी की संख्या नौ से बढ़ाकर 13 कर दी गई है। 15 नवंबर 1999 को लागू मूल ढांचे में आंशिक संशोधन करते हुए यह बदलाव किया गया है। सरकार के अनुसार इससे विकास योजनाओं की निगरानी और विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा।
नई व्यवस्था में वित्त, शहरी विकास, योजना, सामान्य प्रशासन, एमसीडी, एनडीएमसी और दिल्ली जल बोर्ड समेत प्रमुख विभागों के प्रशासनिक प्रमुख समिति के सदस्य होंगे। दिल्ली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को भी नियमित सदस्य बनाया गया है। विभिन्न विभागों के पदनामों को मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार संशोधित किया गया है। पुनर्गठित एपेक्स समिति में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव को स्थायी सदस्य बनाया गया है। दिल्ली में सड़क, फ्लाईओवर और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में पीडब्ल्यूडी की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। राजस्व सचिव-सह-मंडलायुक्त को समिति का सदस्य-सचिव बनाया गया है।
मुख्यमंत्री करेंगे समिति की अध्यक्षता-
एपेक्स समिति की अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे। इसमें सभी कैबिनेट मंत्री, 13 जिला विकास समितियों के अध्यक्ष, मुख्य सचिव और एमसीडी की स्थायी समिति के अध्यक्ष शामिल होंगे। नई व्यवस्था में पुराने और अप्रासंगिक पदनामों को हटाया गया है।
विज्ञापन
स्थानीय स्तर पर फैसलों पर जोर-
जिला विकास समितियों के पुनर्गठन का उद्देश्य निर्णय लेने की प्रक्रिया को विकेंद्रीकृत करना और स्थानीय विकास कार्यों की निगरानी मजबूत करना है। निर्वाचित प्रतिनिधियों, स्थानीय निकायों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को एक मंच पर लाने से जमीनी समस्याओं के समाधान और योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर तालमेल की उम्मीद है। इससे विकास कार्यों की जवाबदेही भी बढ़ेगी।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने एपेक्स समिति और जिला विकास समितियों (डीडीसी) के पुनर्गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नई व्यवस्था में दिल्ली के 13 राजस्व जिलों के अनुरूप डीडीसी की संख्या नौ से बढ़ाकर 13 कर दी गई है। 15 नवंबर 1999 को लागू मूल ढांचे में आंशिक संशोधन करते हुए यह बदलाव किया गया है। सरकार के अनुसार इससे विकास योजनाओं की निगरानी और विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा।
नई व्यवस्था में वित्त, शहरी विकास, योजना, सामान्य प्रशासन, एमसीडी, एनडीएमसी और दिल्ली जल बोर्ड समेत प्रमुख विभागों के प्रशासनिक प्रमुख समिति के सदस्य होंगे। दिल्ली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को भी नियमित सदस्य बनाया गया है। विभिन्न विभागों के पदनामों को मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार संशोधित किया गया है। पुनर्गठित एपेक्स समिति में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव को स्थायी सदस्य बनाया गया है। दिल्ली में सड़क, फ्लाईओवर और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में पीडब्ल्यूडी की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। राजस्व सचिव-सह-मंडलायुक्त को समिति का सदस्य-सचिव बनाया गया है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री करेंगे समिति की अध्यक्षता-
एपेक्स समिति की अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे। इसमें सभी कैबिनेट मंत्री, 13 जिला विकास समितियों के अध्यक्ष, मुख्य सचिव और एमसीडी की स्थायी समिति के अध्यक्ष शामिल होंगे। नई व्यवस्था में पुराने और अप्रासंगिक पदनामों को हटाया गया है।
विज्ञापन
स्थानीय स्तर पर फैसलों पर जोर-
जिला विकास समितियों के पुनर्गठन का उद्देश्य निर्णय लेने की प्रक्रिया को विकेंद्रीकृत करना और स्थानीय विकास कार्यों की निगरानी मजबूत करना है। निर्वाचित प्रतिनिधियों, स्थानीय निकायों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को एक मंच पर लाने से जमीनी समस्याओं के समाधान और योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर तालमेल की उम्मीद है। इससे विकास कार्यों की जवाबदेही भी बढ़ेगी।