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Delhi: बिहार के भाजपा विधायक को 2018 फायरिंग केस में चार साल की सजा, पीड़ित परिवार को मिलेगा 25 लाख मुआवजा
Sat, 04 Jul 2026 04:38 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Sat, 04 Jul 2026 04:38 PM IST
सार
राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को बिहार बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह को चार साल की साधारण कैद और 25 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। उन्हें 2018 के एक मामले में दोषी ठहराया गया था, जिसमें जश्न में की गई फायरिंग से एक महिला की मौत हो गई थी।
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राजू कुमार सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली की एक कोर्ट ने बिहार के भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को 2018 के एक मामले में 4 साल की साधारण कैद की सजा सुनाई है। यह मामला जश्न में की गई फायरिंग से एक महिला की मौत से संबंधित है। अदालत ने उन पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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पीड़ित परिवार को 25 लाख का मुआवजा
राउज एवेन्यू कोर्ट की स्पेशल जज विशाल गोगने ने शनिवार को यह सजा सुनाई। सिंह को 4 साल की कैद मिली है। उन्हें शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत 2 महीने की कैद भी दी गई है। न्यायाधीश गोगने ने कहा कि सिंह को पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा भी देना होगा। सिंह बिहार के साहेबगंज से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। शुक्रवार को सिंह ने अदालत से परिवीक्षा पर रिहा करने का आग्रह किया था। उन्होंने तर्क दिया था कि उनका इरादा मौत का कारण बनने का नहीं था। सिंह (56) को लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन से संबंधित शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत भी दोषी ठहराया गया था।
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जानें क्या है पूरा मामला
यह मामला फतेहपुर बेरी के एक फार्महाउस में न्यू ईयर पार्टी में हुई फायरिंग से जुड़ा है। यह घटना 31 दिसंबर, 2018 की रात और 1 जनवरी, 2019 की सुबह के बीच हुई थी। जश्न में की गई फायरिंग के कारण एक महिला की मौत हो गई थी। अदालत ने 6 जून को अपने 97 पेज के आदेश में कहा था कि जश्न में फायरिंग से अक्सर मौतें होती हैं। अदालत ने सबूतों पर गौर करते हुए कहा कि सिंह ने ही घातक गोली चलाई थी। इस गोली से पीड़ित अर्चना गुप्ता की मौत हुई थी।
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जानें घटना पर स्पेशल जज ने क्या कहा
कोर्ट ने कहा कि यह मामला एक ऐसी ही त्रासदी को दर्शाता है। बिहार के कई बार के विधायक राजू कुमार सिंह द्वारा लापरवाही से की गई फायरिंग से एक मेहमान की मौत हुई। कोर्ट ने आगे कहा कि जश्न में फायरिंग देश में एक अभिशाप है। यह अक्सर हमारे देश में घातक साबित होती है। कई गवाहों ने सिंह की पहचान की थी।