{"_id":"6a6cc55d11fa82570a07d24d","slug":"sansad-marg-violence-court-orders-preservation-of-cctv-footage-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-148529-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"संसद मार्ग हिंसा: अदालत ने सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का दिया आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संसद मार्ग हिंसा: अदालत ने सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का दिया आदेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को निर्धारित है।
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पटियाला हाउस अदालत ने 20 जुलाई को नीट परीक्षा में गड़बड़ी के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा पर महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट कौतुक भारद्वाज ने संसद मार्ग थाना प्रभारी को सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। उन्हें अगली सुनवाई पर इसकी अनुपालन रिपोर्ट पेश करने को भी कहा गया है।
यह आदेश एक याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। याचिका में दिल्ली पुलिस आयुक्त सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है। इसमें प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के आरोप हैं। अदालत ने याचिकाकर्ता अधिवक्ता अभिजीत आनंद और उनके ट्रस्ट से याचिका दायर करने का कानूनी अधिकार स्पष्ट करने को कहा। दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश का विवरण भी मांगा गया है। इस आदेश के तहत थाना प्रभारी को शिकायत प्राप्त करने का निर्देश दिया गया था। मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को निर्धारित है।
अभिजीत आनंद के ट्रस्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की थी। ट्रस्ट का दावा है कि उसने 22 जुलाई को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दी थी। इस शिकायत में 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग का आरोप था। अदालत ने इस मामले में याचिकाकर्ता से कुछ स्पष्टीकरण मांगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पटियाला हाउस अदालत ने 20 जुलाई को नीट परीक्षा में गड़बड़ी के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा पर महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट कौतुक भारद्वाज ने संसद मार्ग थाना प्रभारी को सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। उन्हें अगली सुनवाई पर इसकी अनुपालन रिपोर्ट पेश करने को भी कहा गया है।
यह आदेश एक याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। याचिका में दिल्ली पुलिस आयुक्त सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है। इसमें प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के आरोप हैं। अदालत ने याचिकाकर्ता अधिवक्ता अभिजीत आनंद और उनके ट्रस्ट से याचिका दायर करने का कानूनी अधिकार स्पष्ट करने को कहा। दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश का विवरण भी मांगा गया है। इस आदेश के तहत थाना प्रभारी को शिकायत प्राप्त करने का निर्देश दिया गया था। मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को निर्धारित है।
विज्ञापन
अभिजीत आनंद के ट्रस्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की थी। ट्रस्ट का दावा है कि उसने 22 जुलाई को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दी थी। इस शिकायत में 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग का आरोप था। अदालत ने इस मामले में याचिकाकर्ता से कुछ स्पष्टीकरण मांगे हैं।
विज्ञापन