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Delhi NCR News: जमीन और फंड की कमी मियावाकी जंगल की राह में बाधा
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फोटो है
2023 में विकसित किए गए थे सबसे अधिक मियावाकी जंगल
वन विभाग ने पौधरोपण के लिए जमीन की तलाश की शुरू
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। गौतमबुद्ध नगर को हरा-भरा रखने के लिए वन व अन्य विभाग हर साल पौधरोपण कर मियावाकी जंगल बनाते हैं। इस साल भी प्री-मानसून बारिश के साथ वन विभाग ने पौधरोपण के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे अधिक मियावाकी जंगल 2023 में विकसित किए गए थे। इसके बाद संख्या कम हो गई। जमीन की उपलब्धता, अन्य विभागों की प्लानिंग और फंड में कमी के कारण अधिक संख्या में मियावाकी जंगल विकसित करने में बाधा आ रही है।
मियावाकी एक जापानी तकनीक है, जिससे बहुत कम समय और कम जगह में घने जंगल उगाए जाते हैं। पारंपरिक जंगलों की तुलना में यह 10 गुना तेजी से बढ़ते हैं और 30 गुना ज्यादा घने होते हैं। इसमें केवल उसी क्षेत्र की मूल प्रजातियों के पौधे लगाए जाते हैं, ताकि वे स्थानीय वातावरण में जल्दी ढल जाएं। यह तकनीक शहरी इलाकों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।
मियावाकी जंगल बनाने से पहले मिट्टी उपजाऊ बनाई जाती है, ताकि जड़ें तेजी से फैलें। इसके अलावा शुरुआत के 2-3 साल इन्हें देखभाल और पानी की जरूरत होती है, उसके बाद ये आत्मनिर्भर हो जाते हैं।
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मियावाकी जंगल के फायदे
-घना होने के कारण पक्षियों, तितलियों और मधुमक्खियों के रहने के लिए यह बेहतर।
-शहरी इलाकों में हीट आइलैंड प्रभाव को कम करते हैं। तापमान में कमी आती है।
-धूलकण को सोखते हैं।
-प्राकृतिक साउंड बैरियर की तरह काम करते हैं।
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वर्ष - वन विभाग - अन्य विभाग - कुल मियावाकी जंगल
2023-24
- 3 - 29 - 32
2024-25 - 3 - 3 - 6
2025-26 - 5 - 6 - 11
कोट
मियावाकी जंगल बनाने की प्रक्रिया जमीन की उपलब्धता, अन्य विभागों की प्लानिंग और फंड पर निर्भर करती है। प्रयास रहता है कि अधिकाधिक मियावाकी जंगल बनाए जाएं, जिससे जिला हरा-भरा हो।
रजनीकांत मित्तल, डीएफओ, गौतमबुद्ध नगर
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2023 में विकसित किए गए थे सबसे अधिक मियावाकी जंगल
वन विभाग ने पौधरोपण के लिए जमीन की तलाश की शुरू
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। गौतमबुद्ध नगर को हरा-भरा रखने के लिए वन व अन्य विभाग हर साल पौधरोपण कर मियावाकी जंगल बनाते हैं। इस साल भी प्री-मानसून बारिश के साथ वन विभाग ने पौधरोपण के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे अधिक मियावाकी जंगल 2023 में विकसित किए गए थे। इसके बाद संख्या कम हो गई। जमीन की उपलब्धता, अन्य विभागों की प्लानिंग और फंड में कमी के कारण अधिक संख्या में मियावाकी जंगल विकसित करने में बाधा आ रही है।
मियावाकी एक जापानी तकनीक है, जिससे बहुत कम समय और कम जगह में घने जंगल उगाए जाते हैं। पारंपरिक जंगलों की तुलना में यह 10 गुना तेजी से बढ़ते हैं और 30 गुना ज्यादा घने होते हैं। इसमें केवल उसी क्षेत्र की मूल प्रजातियों के पौधे लगाए जाते हैं, ताकि वे स्थानीय वातावरण में जल्दी ढल जाएं। यह तकनीक शहरी इलाकों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।
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मियावाकी जंगल बनाने से पहले मिट्टी उपजाऊ बनाई जाती है, ताकि जड़ें तेजी से फैलें। इसके अलावा शुरुआत के 2-3 साल इन्हें देखभाल और पानी की जरूरत होती है, उसके बाद ये आत्मनिर्भर हो जाते हैं।
मियावाकी जंगल के फायदे
-घना होने के कारण पक्षियों, तितलियों और मधुमक्खियों के रहने के लिए यह बेहतर।
-शहरी इलाकों में हीट आइलैंड प्रभाव को कम करते हैं। तापमान में कमी आती है।
-धूलकण को सोखते हैं।
-प्राकृतिक साउंड बैरियर की तरह काम करते हैं।
वर्ष - वन विभाग - अन्य विभाग - कुल मियावाकी जंगल
2023-24
- 3 - 29 - 32
2024-25 - 3 - 3 - 6
2025-26 - 5 - 6 - 11
कोट
मियावाकी जंगल बनाने की प्रक्रिया जमीन की उपलब्धता, अन्य विभागों की प्लानिंग और फंड पर निर्भर करती है। प्रयास रहता है कि अधिकाधिक मियावाकी जंगल बनाए जाएं, जिससे जिला हरा-भरा हो।
रजनीकांत मित्तल, डीएफओ, गौतमबुद्ध नगर