दिल्ली में वारदात: स्कूल के जमाने से दोस्त की पत्नी से करता था प्यार, अब सुपारी देकर करवा दी मित्र की हत्या
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने सोनिया विहार इलाके में 14 अक्तूबर की रात हुई सीएनजी पंप ऑपरेटर की हत्या की गुत्थी को सुलझाया लिया है। मुख्य आरोपी और दो नाबालिग शूटर समेत सात को पुलिस ने दबोचा।
विस्तार
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने सोनिया विहार इलाके में 14 अक्तूबर को सीएनजी पंप ऑपरेटर मनीष यादव (34) के सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी को सुलझा लिया है। पुलिस ने इस संबंध में मुख्य आरोपी व दो नाबालिग शूटरों समेत कुल सात आरोपियों को दबोचा है। आरोपियों के पास से पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल पिस्टल, दो कारतूस और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद की है।
पकड़े आरोपियों की पहचान
पकड़े गए आरोपियों की पहचान मुख्य आरोपी उमेश मौर्य उर्फ मयंक (38), दूसरे मुख्य आरोपी विवेक सिंह (26), आनंद (22), नितिन उर्फ नरेंद्र (32) और भीम सिंह (45) व दो नाबालिग शूटरों के रूप में हुई है। दरअसल मनीष, उमेश और मनीष की पत्नी स्कूल में एक ही क्लास में पढ़ते थे। स्कूल के जमाने से ही उमेश मनीष की पत्नी से एक तरफा प्यार करता था।
एक तरफा प्यार पाने के लिए वारदात
लेकिन स्कूल खत्म होने के बाद मनीष ने स्कूल की दोस्त से प्रेम विवाह कर लिया। अपने स्कूल के एक तरफा प्यार को पाने के लिए उमेश ने इस सनसनीखेज हत्याकांड की अपने दोस्त विवेक के साथ मिलकर साजिश रची। दो नाबालिग शूटर का इंतजाम कर उनको दो लाख रुपये में सुपारी देकर मनीष की हत्या करवा दी गई। पुलिस ने इस उलझी हत्याकांड की गुत्थी से पर्दा उठा दिया।
एक आरोपी वकील और तांत्रिक
पकड़े गए आरोपियों में विवेक पेशे से वकील है और लोगों के दुख-दर्द दूर करने के लिए बाबागिरी-तांत्रिक का काम भी करता है। वहीं नितिन शिक्षा विभाग में अनुबंध पर डेटा एंट्री ऑपरेटर है। पुलिस को मामले में कुछ और आरोपियों की तलाश है। उनकी तलाश में उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस छापेमारी कर रही है।
बेहद नजदीक से मारी गोली
पूर्वी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त मिलिंद महादेव डुंबरे ने बताया कि 14 अक्तूबर की रात सोनिया विहार साढ़े चार पुश्ता पर बाइक सवार लड़कों ने बेहद नजदीक से मनीष यादव नामक युवक के सिर में गोली मार दी। पड़ोसियों की मदद से मनीष को सिविल लाइंस स्थित ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
उमेश ने फोन कर मनीष को बुलाया था घर के बाहर
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू की। कॉलर विवेक सिंह ने पुलिस को बताया कि हेलमेट लगाए बाइक सवार दो लड़कों ने वारदात को अंजाम दिया है। पड़ताल हुई तो पता चला कि वारदात से कुछ ही मिनटों पहले मनीष के पड़ोसी व बचपन के दोस्त उमेश ने उसे कॉल कर घर से बाहर बुलाया था। जैसे ही मनीष घर से बाहर आया इस बीच बाइक सवारों ने उसे गोली मार दी।
शूटरों तक कैसे पहुंची पुलिस?
पुलिस ने 200 सीसीटीवी कैमरों के अलावा टेक्निकल सर्विलांस की पड़ताल की। कॉलर से भी पूछताछ हुई। उसके बयान पर पुलिस को कुछ शक हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर कॉलर विवेक टूट गया। उसने बताया कि उमेश के कहने पर उसने ही मनीष की हत्या की योजना बनाई। विवेक ने नाबालिग शूटरों का इंतजाम दिया। उनको हत्या के बदले दो लाख रुपये देने का वादा किया गया।
ऑनलाइन भेजे गए थे दो लाख रुपये
इसके अलावा विवेक ने अपने जानकार नितिन के जरिए हथियार का इंतजाम करवाया। नितिन ने झड़ौदा के रहने वाले भीम सिंह से एक पिस्टल विवेक को दिलवाई। इसके अलावा न्यू उस्मानपुर में एक युवक से कारतूस व एक अन्य से चोरी की बाइक का इंतजाम करवाया गया। विवेक ने नाबालिगों को हत्या के लिए दो लाख रुपये ऑन लाइन ट्रांसफर कर दिए।
पुलिस को अब इनकी तलाश
योजना के तहत उमेश ने उधार दिए गए एक हजार रुपये लेने के बहाने मनीष को घर से बाहर बुलाया। इस बीच नाबालिगों ने उसकी हत्या कर दी। गोली लगने के बाद उमेश ही मनीष को पकड़कर उसके घर के करीब ले गए, जहां से बाद में पड़ोसी उसे अस्पताल ले गए। अब पुलिस को कारतूस और बाइक मुहैया करवाने वालों की तलाश है।