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Delhi NCR News: (डॉक्टर की सलाह) लक्षण कम होते ही अस्थमा की दवा बंद करना पड़ सकता है भारी
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नई दिल्ली (संवाद)। अस्थमा के मरीजों में अक्सर लक्षण कम होते ही दवा बंद करने की गलती सामने आती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सांस फूलना, खांसी और सीने में जकड़न जैसे लक्षण नियंत्रित होने के बावजूद सांस की नलियों में सूजन बनी रह सकती है। ऐसे में बिना डॉक्टर की सलाह दवा बंद करने से बीमारी दोबारा उभरने और अस्थमा अटैक का खतरा बढ़ सकता है। डॉक्टर मरीज की स्थिति और बीमारी के नियंत्रण के आधार पर ही दवा की खुराक कम करने या बंद करने का फैसला करते हैं।
क्या है अस्थमा के मुख्य लक्षण
सांस लेने में कठिनाई होना या जल्दी-जल्दी सांस चलना, खासकर रात में या काम करते समय
सांस छोड़ते या लेते समय सीटी जैसी या घर-घर की आवाज आना
छाती में भारीपन या दर्द महसूस होना
सूखी या बलगम वाली खांसी, जो रात में या सुबह के समय ज़्यादा बढ़ जाती है
-डॉ. ग्लेडविन त्यागी-चेस्ट एवं क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट, स्वामी दयानंद अस्पताल
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क्या है अस्थमा के मुख्य लक्षण
सांस लेने में कठिनाई होना या जल्दी-जल्दी सांस चलना, खासकर रात में या काम करते समय
सांस छोड़ते या लेते समय सीटी जैसी या घर-घर की आवाज आना
छाती में भारीपन या दर्द महसूस होना
सूखी या बलगम वाली खांसी, जो रात में या सुबह के समय ज़्यादा बढ़ जाती है
-डॉ. ग्लेडविन त्यागी-चेस्ट एवं क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट, स्वामी दयानंद अस्पताल