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Delhi NCR News: यूजीसी नेट में गड़बड़ी पर छात्र संगठनों का हल्ला बोल
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-एनटीए को भंग करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। यूजीसी नेट जून 2026 के अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों के प्रश्नपत्रों में कथित अनियमितताओं के बाद सोमवार को छात्र संगठनों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जहां एनएसयूआई ने एनटीए कार्यालय के पास विरोध प्रदर्शन किया, वहीं, क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने शिक्षा मंत्रालय के पास प्रदर्शन किया। जबकि छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने भी मामले में जवाबदेही तय करने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की।
एनएसयूआई ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में प्रदर्शन किया, इसमें बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और यूजीसी नेट अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। विनोद जाखड़ ने एनटीए को भंग करने और एनटीए अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सवाल किया कि एनटीए की खामियों का खामियाजा विद्यार्थी क्यों भुगतें। एनएसयूआई के प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने का दावा भी किया गया।
निजी एजेंसियों को परीक्षा से बाहर रखने की मांग
केवाईएस ने शिक्षा मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन कर एनटीए को भंग करने और सार्वजनिक परीक्षाओं के निजीकरण को खत्म करने की मांग उठाई। संगठन ने कहा कि एनटीए की जगह ऐसी सार्वजनिक संस्था बनाई जाए, जिसके पास स्थायी कर्मचारी हों और प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा कराने तक की जिम्मेदारी खुद संभालने की क्षमता हो।
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एबीवीपी ने उचित परीक्षा केंद्र की मांग की
वहीं एबीवीपी ने यूजीसी नेट के तीन विषयों के प्रश्न पत्रों में गंभीर अनियमितताओं पर चिंता जताई। एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि केवल पुन: परीक्षा कराना पर्याप्त नहीं है। प्रश्नपत्र निर्माण, विशेषज्ञ समीक्षा, अनुवाद, प्रूफ-रीडिंग और अंतिम गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया में सुधार जरूरी है। उन्होंने पुन: परीक्षा में अभ्यर्थियों के लिए उचित परीक्षा केंद्र और आवागमन की समुचित व्यवस्था करने की मांग की। समस्याओं का समाधान नहीं होने पर एबीवीपी देशभर में विद्यार्थियों के साथ इस विषय को मजबूती से उठाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। यूजीसी नेट जून 2026 के अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों के प्रश्नपत्रों में कथित अनियमितताओं के बाद सोमवार को छात्र संगठनों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जहां एनएसयूआई ने एनटीए कार्यालय के पास विरोध प्रदर्शन किया, वहीं, क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने शिक्षा मंत्रालय के पास प्रदर्शन किया। जबकि छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने भी मामले में जवाबदेही तय करने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की।
एनएसयूआई ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में प्रदर्शन किया, इसमें बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और यूजीसी नेट अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। विनोद जाखड़ ने एनटीए को भंग करने और एनटीए अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सवाल किया कि एनटीए की खामियों का खामियाजा विद्यार्थी क्यों भुगतें। एनएसयूआई के प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने का दावा भी किया गया।
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निजी एजेंसियों को परीक्षा से बाहर रखने की मांग
केवाईएस ने शिक्षा मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन कर एनटीए को भंग करने और सार्वजनिक परीक्षाओं के निजीकरण को खत्म करने की मांग उठाई। संगठन ने कहा कि एनटीए की जगह ऐसी सार्वजनिक संस्था बनाई जाए, जिसके पास स्थायी कर्मचारी हों और प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा कराने तक की जिम्मेदारी खुद संभालने की क्षमता हो।
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एबीवीपी ने उचित परीक्षा केंद्र की मांग की
वहीं एबीवीपी ने यूजीसी नेट के तीन विषयों के प्रश्न पत्रों में गंभीर अनियमितताओं पर चिंता जताई। एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि केवल पुन: परीक्षा कराना पर्याप्त नहीं है। प्रश्नपत्र निर्माण, विशेषज्ञ समीक्षा, अनुवाद, प्रूफ-रीडिंग और अंतिम गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया में सुधार जरूरी है। उन्होंने पुन: परीक्षा में अभ्यर्थियों के लिए उचित परीक्षा केंद्र और आवागमन की समुचित व्यवस्था करने की मांग की। समस्याओं का समाधान नहीं होने पर एबीवीपी देशभर में विद्यार्थियों के साथ इस विषय को मजबूती से उठाएगी।