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Delhi NCR News: पेट के गंभीर कैंसर का सफल इलाज
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नई दिल्ली। दिल्ली के एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने पेट के एक गंभीर और फैल चुके कैंसर (एचईआर2-पॉजिटिव मेटास्टेटिक गैस्ट्रिक कैंसर) के मरीज का ऐसा इलाज किया है, जिससे वह कई सालों तक स्वस्थ बना रहा। डॉक्टरों ने बताया कि 65 वर्षीय मरीज 2018 में पेट दर्द, खाना खाने के बाद उल्टी, तेजी से वजन घटना और लीवर तक कैंसर फैल जाने की शिकायत लेकर अस्पताल आए थे। जांच में पता चला कि उन्हें एचईआर2-पॉजिटिव पेट का कैंसर है। यह कैंसर का काफी आक्रामक रूप होता है, जिसमें मरीजों के पांच साल तक जीवित रहने की संभावना आमतौर पर 10 प्रतिशत से भी कम होती है।
डॉक्टरों ने इलाज की शुरुआत कीमोथेरेपी के साथ ट्रास्टुजुमैब नाम की खास दवा से की, जो एचईआर2 प्रोटीन वाले कैंसर पर असर करती है। इससे पेट के मुख्य ट्यूमर और लीवर में फैला कैंसर दोनों काफी कम हो गए। इसके बाद मरीज को लंबे समय तक मेंटेनेंस थेरेपी पर रखा गया। जब बीमारी काबू में आ गई, तो डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी करके पेट का मुख्य ट्यूमर निकाल दिया। बाद की जांच में लीवर का कैंसर भी पूरी तरह खत्म हो चुका था। साल 2021 और 2024 में बीमारी दो बार थोड़ी-बहुत दोबारा हुई। डॉक्टरों ने पूरा इलाज बदलने की जगह दोनों बार स्थानीय उपचार किया। पहली बार सर्जरी वाली जगह के पास कैंसर को सटीक रेडियोथेरेपी से ठीक किया गया, जबकि दूसरी बार लीवर में बने छोटे हिस्से को माइक्रोवेव एब्लेशन तकनीक से नष्ट कर दिया गया। इस दौरान एचईआर2 वाली दवा जारी रखी गई, जिससे मरीज की हालत अच्छी बनी रही। ब्यूरो
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डॉक्टरों ने इलाज की शुरुआत कीमोथेरेपी के साथ ट्रास्टुजुमैब नाम की खास दवा से की, जो एचईआर2 प्रोटीन वाले कैंसर पर असर करती है। इससे पेट के मुख्य ट्यूमर और लीवर में फैला कैंसर दोनों काफी कम हो गए। इसके बाद मरीज को लंबे समय तक मेंटेनेंस थेरेपी पर रखा गया। जब बीमारी काबू में आ गई, तो डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी करके पेट का मुख्य ट्यूमर निकाल दिया। बाद की जांच में लीवर का कैंसर भी पूरी तरह खत्म हो चुका था। साल 2021 और 2024 में बीमारी दो बार थोड़ी-बहुत दोबारा हुई। डॉक्टरों ने पूरा इलाज बदलने की जगह दोनों बार स्थानीय उपचार किया। पहली बार सर्जरी वाली जगह के पास कैंसर को सटीक रेडियोथेरेपी से ठीक किया गया, जबकि दूसरी बार लीवर में बने छोटे हिस्से को माइक्रोवेव एब्लेशन तकनीक से नष्ट कर दिया गया। इस दौरान एचईआर2 वाली दवा जारी रखी गई, जिससे मरीज की हालत अच्छी बनी रही। ब्यूरो
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