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Delhi NCR News: जेम के जरिये सरकारी खरीद में 156 फीसदी उछाल
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दिल्ली के एमएसएमई को मिला बड़ा बाजार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) के माध्यम से होने वाली खरीद में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2026-27 में जुलाई तक यह खरीद 1,595 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 624 करोड़ रुपये से 156 फीसदी अधिक है। इस डिजिटल व्यवस्था से दिल्ली के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बड़ा बाजार मिला है।
दिल्ली को सेवाओं की खरीद में जेम के प्रभावी उपयोग के लिए सस्टेंड सर्विसेस प्रिक्योरमेंट एडोप्शन श्रेणी में विशेष सम्मान भी मिला है। आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में दिल्ली में जेम के जरिये कुल 4,311 करोड़ रुपये की सरकारी खरीद हुई थी। यह वित्त वर्ष 2024-25 के मुकाबले 41 फीसदी अधिक थी। इसमें एमएसई से करीब 2,177 करोड़ रुपये की खरीद शामिल थी, जो 2021-22 के 965 करोड़ रुपये से दोगुनी से अधिक है। दिल्ली के विक्रेताओं को 2025-26 में लगभग 95 फीसदी ऑर्डर केंद्र सरकार और अन्य राज्यों से मिले, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर व्यापार का अवसर मिला। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि एमएसएमई रोजगार और नवाचार की मजबूत नींव हैं। उन्होंने जेम के बढ़ते उपयोग से सरकारी खरीद में पारदर्शिता बढ़ने और छोटे कारोबारियों के लिए नए बाजार खुलने की बात कही।
छोटे उद्यमियों को लाभ
जेम पर वित्त वर्ष 2025-26 में महिला उद्यमियों से 315 करोड़ रुपये की खरीद हुई। इसी अवधि में एससी/एसटी उद्यमियों से 41 करोड़ रुपये और स्टार्टअप्स से 405 करोड़ रुपये के उत्पाद व सेवाएं खरीदी गईं। सरकार का लक्ष्य छोटे उद्यमियों तक सरकारी खरीद का लाभ पहुंचाना है। जेम पर ऑनलाइन प्रक्रिया से बोली, नीलामी और भुगतान सहित कई प्रक्रियाएं डिजिटल हो गई हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) के माध्यम से होने वाली खरीद में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2026-27 में जुलाई तक यह खरीद 1,595 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 624 करोड़ रुपये से 156 फीसदी अधिक है। इस डिजिटल व्यवस्था से दिल्ली के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बड़ा बाजार मिला है।
दिल्ली को सेवाओं की खरीद में जेम के प्रभावी उपयोग के लिए सस्टेंड सर्विसेस प्रिक्योरमेंट एडोप्शन श्रेणी में विशेष सम्मान भी मिला है। आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में दिल्ली में जेम के जरिये कुल 4,311 करोड़ रुपये की सरकारी खरीद हुई थी। यह वित्त वर्ष 2024-25 के मुकाबले 41 फीसदी अधिक थी। इसमें एमएसई से करीब 2,177 करोड़ रुपये की खरीद शामिल थी, जो 2021-22 के 965 करोड़ रुपये से दोगुनी से अधिक है। दिल्ली के विक्रेताओं को 2025-26 में लगभग 95 फीसदी ऑर्डर केंद्र सरकार और अन्य राज्यों से मिले, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर व्यापार का अवसर मिला। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि एमएसएमई रोजगार और नवाचार की मजबूत नींव हैं। उन्होंने जेम के बढ़ते उपयोग से सरकारी खरीद में पारदर्शिता बढ़ने और छोटे कारोबारियों के लिए नए बाजार खुलने की बात कही।
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छोटे उद्यमियों को लाभ
जेम पर वित्त वर्ष 2025-26 में महिला उद्यमियों से 315 करोड़ रुपये की खरीद हुई। इसी अवधि में एससी/एसटी उद्यमियों से 41 करोड़ रुपये और स्टार्टअप्स से 405 करोड़ रुपये के उत्पाद व सेवाएं खरीदी गईं। सरकार का लक्ष्य छोटे उद्यमियों तक सरकारी खरीद का लाभ पहुंचाना है। जेम पर ऑनलाइन प्रक्रिया से बोली, नीलामी और भुगतान सहित कई प्रक्रियाएं डिजिटल हो गई हैं।
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