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Delhi NCR News: चितरांगदा के जरिए स्त्री-शक्ति की कहानी, तीन दिग्गजों को सम्मान
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। इंडिया हैबिटेट सेंटर बीती शाम भारतीय संस्कृति, शास्त्रीय नृत्य और कला को समर्पित रहा। उत्सव एजुकेशनल एंड कल्चरल सोसायटी की ओर से आयोजित दो दिवसीय समारोह की पहली शाम गुरु रंजना गौहर की प्रस्तुति चितरांगदा-द वॉरियर प्रिंसेस के नाम रही। इस उत्सव को सारे जहां से अच्छा शीर्षक से आयोजित किया गया। इस दौरान रवींद्रनाथ टैगोर की महाभारत आधारित चर्चित रचना से प्रेरित इस प्रस्तुति में मणिपुर की योद्धा राजकुमारी चितरांगदा की कहानी को नृत्य, संगीत और अभिनय के माध्यम से मंच पर उतारा गया। चितरांगदा की यात्रा केवल एक योद्धा राजकुमारी की कहानी नहीं रही, बल्कि अपनी पहचान तलाशती उस स्त्री की कथा बनकर सामने आई, जो सुंदरता और स्त्रीत्व की तय धारणाओं से आगे बढ़कर अपने अस्तित्व को स्वीकार करती है।
समारोह में भारतीय कला और संस्कृति के क्षेत्र में दीर्घ योगदान के लिए तीन कलाकारों को उत्सव सम्मान-लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इनमें मणिपुरी नृत्य की प्रमुख साधिका पद्मश्री और संगीत नाटक अकादमी फेलो गुरु दर्शना झवेरी, अभिनेत्री, अधिवक्ता और कुचिपुड़ी नृत्यांगना रश्मि वैद्यलिंगम, और ओडिसी गुरु और कोरियोग्राफर संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित गुरु रतिकांत महापात्र शामिल रहे। इस मौके पर गुरु रंजना गौहर ने कहा कि सारे जहां से अच्छा की शुरुआत इस विश्वास के साथ हुई थी कि संस्कृति राष्ट्रीय पहचान की सबसे मजबूत अभिव्यक्तियों में से एक है।
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नई दिल्ली। इंडिया हैबिटेट सेंटर बीती शाम भारतीय संस्कृति, शास्त्रीय नृत्य और कला को समर्पित रहा। उत्सव एजुकेशनल एंड कल्चरल सोसायटी की ओर से आयोजित दो दिवसीय समारोह की पहली शाम गुरु रंजना गौहर की प्रस्तुति चितरांगदा-द वॉरियर प्रिंसेस के नाम रही। इस उत्सव को सारे जहां से अच्छा शीर्षक से आयोजित किया गया। इस दौरान रवींद्रनाथ टैगोर की महाभारत आधारित चर्चित रचना से प्रेरित इस प्रस्तुति में मणिपुर की योद्धा राजकुमारी चितरांगदा की कहानी को नृत्य, संगीत और अभिनय के माध्यम से मंच पर उतारा गया। चितरांगदा की यात्रा केवल एक योद्धा राजकुमारी की कहानी नहीं रही, बल्कि अपनी पहचान तलाशती उस स्त्री की कथा बनकर सामने आई, जो सुंदरता और स्त्रीत्व की तय धारणाओं से आगे बढ़कर अपने अस्तित्व को स्वीकार करती है।
समारोह में भारतीय कला और संस्कृति के क्षेत्र में दीर्घ योगदान के लिए तीन कलाकारों को उत्सव सम्मान-लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इनमें मणिपुरी नृत्य की प्रमुख साधिका पद्मश्री और संगीत नाटक अकादमी फेलो गुरु दर्शना झवेरी, अभिनेत्री, अधिवक्ता और कुचिपुड़ी नृत्यांगना रश्मि वैद्यलिंगम, और ओडिसी गुरु और कोरियोग्राफर संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित गुरु रतिकांत महापात्र शामिल रहे। इस मौके पर गुरु रंजना गौहर ने कहा कि सारे जहां से अच्छा की शुरुआत इस विश्वास के साथ हुई थी कि संस्कृति राष्ट्रीय पहचान की सबसे मजबूत अभिव्यक्तियों में से एक है।
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