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Delhi NCR News: उम्रकैद शब्द सुनते ही ताहिर का चेहरा पड़ गया पीला
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अदालत में छाया सन्नाटा, बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
चिराग गुप्ता
पूर्वी दिल्ली। उम्रकैद...यह शब्द सुनते ही ताहिर हुसैन का चेहरा एकदम पीला पड़ गया। अदालत कक्ष में कुछ पल के लिए सन्नाटा और गहरा हो गया। पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांचों दोषी सिर झुकाए खड़े रहे, जबकि अदालत के बाहर मौजूद परिजनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के बहुचर्चित मामले में शुक्रवार को कड़कड़डूमा कोर्ट ने सभी पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
शुक्रवार सुबह से ही कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में असामान्य हलचल थी। सभी की निगाह कोर्ट रूम नंबर-56 पर टिकी थी, जहां अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह को सजा पर फैसला सुनाना था। अदालत परिसर में सबसे बड़ा सवाल यही था कि दोषियों को फांसी मिलेगी या उम्रकैद।
दोपहर बाद सुरक्षा और कड़ी कर दी गई। करीब 3:47 बजे ताहिर हुसैन और अन्य दोषियों को पुलिस के कड़े सुरक्षा घेरे में अदालत कक्ष में लाया गया। परिजनों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई। ठीक चार बजे न्यायाधीश ने फैसला सुनाना शुरू किया। आदेश के दौरान अदालत कक्ष में गहरा सन्नाटा छाया रहा और सभी की निगाहें न्यायाधीश पर टिकी थीं।
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फैसले के बाद अदालत परिसर का माहौल भावुक हो गया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शाम करीब 4:35 बजे सभी दोषियों को पुलिस सुरक्षा में वापस जेल ले जाया गया। बाहर मौजूद कई परिजन फूट-फूटकर रो पड़े। करीब आधे घंटे तक अदालत परिसर में सिसकियां, कानूनी चर्चाएं और भारी सुरक्षा का माहौल बना रहा।
मीडिया के सवाल पर बोला ताहिर-हाईकोर्ट से मिलेगा इंसाफ
अदालत से बाहर ले जाते समय मीडिया के सवाल पर ताहिर हुसैन ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा, इंसाफ हाईकोर्ट से मिलेगा, अभी देर नहीं हुई है। ताहिर के वकीलों ने भी स्पष्ट किया कि फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।
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चिराग गुप्ता
पूर्वी दिल्ली। उम्रकैद...यह शब्द सुनते ही ताहिर हुसैन का चेहरा एकदम पीला पड़ गया। अदालत कक्ष में कुछ पल के लिए सन्नाटा और गहरा हो गया। पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांचों दोषी सिर झुकाए खड़े रहे, जबकि अदालत के बाहर मौजूद परिजनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के बहुचर्चित मामले में शुक्रवार को कड़कड़डूमा कोर्ट ने सभी पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
शुक्रवार सुबह से ही कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में असामान्य हलचल थी। सभी की निगाह कोर्ट रूम नंबर-56 पर टिकी थी, जहां अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह को सजा पर फैसला सुनाना था। अदालत परिसर में सबसे बड़ा सवाल यही था कि दोषियों को फांसी मिलेगी या उम्रकैद।
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दोपहर बाद सुरक्षा और कड़ी कर दी गई। करीब 3:47 बजे ताहिर हुसैन और अन्य दोषियों को पुलिस के कड़े सुरक्षा घेरे में अदालत कक्ष में लाया गया। परिजनों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई। ठीक चार बजे न्यायाधीश ने फैसला सुनाना शुरू किया। आदेश के दौरान अदालत कक्ष में गहरा सन्नाटा छाया रहा और सभी की निगाहें न्यायाधीश पर टिकी थीं।
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फैसले के बाद अदालत परिसर का माहौल भावुक हो गया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शाम करीब 4:35 बजे सभी दोषियों को पुलिस सुरक्षा में वापस जेल ले जाया गया। बाहर मौजूद कई परिजन फूट-फूटकर रो पड़े। करीब आधे घंटे तक अदालत परिसर में सिसकियां, कानूनी चर्चाएं और भारी सुरक्षा का माहौल बना रहा।
मीडिया के सवाल पर बोला ताहिर-हाईकोर्ट से मिलेगा इंसाफ
अदालत से बाहर ले जाते समय मीडिया के सवाल पर ताहिर हुसैन ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा, इंसाफ हाईकोर्ट से मिलेगा, अभी देर नहीं हुई है। ताहिर के वकीलों ने भी स्पष्ट किया कि फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।