East Delhi: ओ-जोन के खिलाफ आंदोलन तेज, महापंचायत में गढ़ी मांडू और ओल्ड उस्मानपुर के ग्रामीणों ने रखी मांग
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि अपने गांव के अधिकार, पहचान और बुनियादी सुविधाओं के लिए है।
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ओल्ड उस्मानपुर बाढ़ क्षेत्र में ओ-जोन से बाहर किए जाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। रविवार को गढ़ी मांडू और ओल्ड उस्मानपुर गांव के लोगों ने महापंचायत आयोजित की। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि अपने गांव के अधिकार, पहचान और बुनियादी सुविधाओं के लिए है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे। महापंचायत में घोंडा विधानसभा क्षेत्र के विधायक अजय महावर भी शामिल हुए।
महापंचायत में ग्रामीणों ने विधायक के सामने गांव को ओ-जोन से बाहर करने, बिजली के मीटर उपलब्ध कराने, पक्की सड़क बनाने और यमुना किनारे मजबूत बांध निर्माण जैसी मांगें रखीं। ग्रामीणों का कहना था कि वर्षों से ओ-जोन की पाबंदियों के कारण वे बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
विधायक अजय महावर ने कहा कि गांव की समस्याओं को लेकर वह लंबे समय से सदन में आवाज उठाते रहे हैं। ग्रामीणों के मुद्दे उनके लिए प्राथमिकता है। विधायक ने कहा कि यदि सोनिया विहार जैसे क्षेत्र में विकास कार्य और बांध निर्माण हो सकता है, तो वजीराबाद रोड से शास्त्री पार्क तक भी बांध बनाया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि आवश्यक एनओसी प्राप्त कर ली गई है तथा दोनों गांव में सड़क, प्री-कास्ट ड्रेन और गांव के चारों ओर सुरक्षा बांध के निर्माण के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये स्वीकृत कराए गए हैं।
विधायक ने ग्रामीणों से अनुशासन बनाए रखने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अपनी निर्धारित सीमाओं के भीतर रहें और अतिरिक्त अतिक्रमण से बचें। उन्होंने गांव में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों, जैसे तेजाब और कलर-डाई से जुड़ी फैक्ट्रियों को संचालित न करने की सलाह दी।
विधायक अजय महावर द्वारा गांव की समस्याओं को लेकर किए गए प्रयासों और घोषणाओं को लेकर ग्रामीणों ने संतोष भी व्यक्त किया। कई ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि यदि घोषित योजनाएं समय पर धरातल पर उतरती हैं तो क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान संभव हो सकेगा।
लोगों ने कहा...
हम कई वर्षों से ओ-जोन की वजह से परेशान हैं। गांव में विकास कार्य अटक जाते हैं और लोगों को मूलभूत सुविधाएं भी पूरी तरह नहीं मिल पातीं। हमारी मांग है कि सरकार गांव की स्थिति को देखते हुए कोई स्थायी समाधान निकाले। -राकेश कुमार, स्थानीय निवासी
हम किसी राजनीतिक लड़ाई का हिस्सा नहीं हैं। हमारी मांग सिर्फ इतनी है कि गांव को ओ-जोन से बाहर किया जाए। हम गांव वालों को बेघर न किया जाए।
-सुनील गुर्जर, स्थानीय निवासी
विधायक ने हमारी बात सुनी और विकास कार्यों का भरोसा दिया है। उम्मीद है कि इस बार सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम भी दिखाई देगा। जल्द कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
-करण डेढ़ा, स्थानीय निवासी