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Delhi NCR News: राग-रागिनियों के रस में रमी राजधानी
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त्रिवेणी कला संगम में शास्त्रीय संगीत संध्या, बरसन लागे रे बदरिया से झूमा मन
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। बीती शाम राजधानी के त्रिवेणी कला संगम में ऐसी शास्त्रीय संगीत संध्या सजी कि कलाप्रेमी बारिश के भीनी-भीनी फुहारों में नहाते नजर आए। मौका था प्राचीन कला केंद्र की तरफ से आयोजित 32वीं त्रैमासिक बैठक का। इसे शृंखला ‘लेजेंड्स ऑफ टुमॉरो’ के तहत आयोजित किया गया था।
शास्त्रीय गायिका डॉ. नीपा चौधरी ने राग मियां मल्हार में बड़ा खयाल ‘हे करीम नाम’ और ‘बरसन लागे रे बदरिया’ गाया। इसके बाद राग मिश्र शिवरंजनी में संत मीराबाई के भजन ‘बसो मेरे नैनन में नंदलाल’ की प्रस्तुति दी। तबले पर उनके साथ सुस्मय मिश्रा और हारमोनियम पर मुकेश भारद्वाज रहे।
उनके बाद शास्त्रीय गायक संदीप मोहंती ने राग मेघ में विलंबित एकताल का बड़ा खयाल ‘धीर धरूं कैसे’, मध्यलय में ‘कजरा कारे कारे’ और द्रुत तीनताल की बंदिश ‘आयो गरजत बदरवा’ प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी। उनके साथ तबले पर ईशान शर्मा, हारमोनियम पर मुकेश भारद्वाज और तानपुरे पर वसुंधरा बर्थवाल और दीक्षा उप्रेती ने संगत की। इससे पहले संतूर वादक मयूख दास की राग मधुवंती की प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। आलाप के बाद झपताल और तीनताल में उनकी प्रस्तुति को खूब सराहा गया। तबले पर दिपायन दास ने संगत की। कार्यक्रम में पं. सुभ्रत डे, पं. देवेन्द्र वर्मा और पं. देबाशीष अधिकारी समेत अन्य अतिथि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। बीती शाम राजधानी के त्रिवेणी कला संगम में ऐसी शास्त्रीय संगीत संध्या सजी कि कलाप्रेमी बारिश के भीनी-भीनी फुहारों में नहाते नजर आए। मौका था प्राचीन कला केंद्र की तरफ से आयोजित 32वीं त्रैमासिक बैठक का। इसे शृंखला ‘लेजेंड्स ऑफ टुमॉरो’ के तहत आयोजित किया गया था।
शास्त्रीय गायिका डॉ. नीपा चौधरी ने राग मियां मल्हार में बड़ा खयाल ‘हे करीम नाम’ और ‘बरसन लागे रे बदरिया’ गाया। इसके बाद राग मिश्र शिवरंजनी में संत मीराबाई के भजन ‘बसो मेरे नैनन में नंदलाल’ की प्रस्तुति दी। तबले पर उनके साथ सुस्मय मिश्रा और हारमोनियम पर मुकेश भारद्वाज रहे।
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उनके बाद शास्त्रीय गायक संदीप मोहंती ने राग मेघ में विलंबित एकताल का बड़ा खयाल ‘धीर धरूं कैसे’, मध्यलय में ‘कजरा कारे कारे’ और द्रुत तीनताल की बंदिश ‘आयो गरजत बदरवा’ प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी। उनके साथ तबले पर ईशान शर्मा, हारमोनियम पर मुकेश भारद्वाज और तानपुरे पर वसुंधरा बर्थवाल और दीक्षा उप्रेती ने संगत की। इससे पहले संतूर वादक मयूख दास की राग मधुवंती की प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। आलाप के बाद झपताल और तीनताल में उनकी प्रस्तुति को खूब सराहा गया। तबले पर दिपायन दास ने संगत की। कार्यक्रम में पं. सुभ्रत डे, पं. देवेन्द्र वर्मा और पं. देबाशीष अधिकारी समेत अन्य अतिथि मौजूद रहे।
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