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Delhi NCR News: करावल नगर ड्रेन पर एलिवेटेड रोड की तैयारी, गोकुलपुरी मेट्रो तक पहुंच होगी आसान
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पीडब्ल्यूडी ने फिजिबिलिटी स्टडी और डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू की, ट्रैफिक सर्वे के आधार पर होगा अंतिम फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में मेट्रो कनेक्टिविटी बेहतर बनाने और स्थानीय सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने की दिशा में दिल्ली सरकार ने नई पहल की है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने करावल नगर ड्रेन के ऊपर अंकुर एन्क्लेव से गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड के लिए व्यवहार्यता अध्ययन (फिजिबिलिटी स्टडी) और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
परियोजना का उद्देश्य यह आकलन करना है कि ड्रेन के ऊपर एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण तकनीकी और आर्थिक दृष्टि से कितना व्यावहारिक होगा। चयनित कंसल्टेंट एजेंसी प्रस्तावित मार्ग का विस्तृत ट्रैफिक सर्वे करेगी। इसके अलावा संभावित एलाइनमेंट, प्रारंभिक इंजीनियरिंग डिजाइन, निर्माण लागत और अन्य तकनीकी पहलुओं का अध्ययन कर डीपीआर तैयार की जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर सरकार परियोजना के निर्माण पर अंतिम निर्णय लेगी।
करावल नगर और आसपास का इलाका उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में शामिल है। यहां की सड़कें स्थानीय यातायात के साथ-साथ बाहरी वाहनों का भी भारी दबाव झेलती हैं। प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से क्षेत्र को एक वैकल्पिक मार्ग मिलेगा और गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन तक पहुंच पहले से अधिक आसान हो सकेगी।
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इसी बीच पश्चिमी दिल्ली में भी ट्रैफिक सुधार की दिशा में एक और परियोजना आगे बढ़ी है। ब्रिटानिया चौक से आउटर रिंग रोड तक गुरु हरकिशन रोड (रोड नंबर-43) के रास्ते शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाले करीब छह किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड के लिए सलाहकार सेवाएं लेने को प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। परियोजना के लिए जल्द ही डीपीआर तैयार कराई जाएगी। यह एलिवेटेड रोड बनने पर ब्रिटानिया चौक और गुरु हरकिशन रोड पर ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है। साथ ही शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन तक पहुंच सुगम होगी। इसका लाभ शकूर बस्ती, वजीरपुर, लॉरेंस रोड, केशवपुरम, त्रिनगर, पंजाबी बाग, अशोक विहार और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के साथ हरियाणा की ओर आने-जाने वाले वाहनों को भी मिलेगा।
राहत की राह
घनी आबादी वाले इलाकों को मिलेगा वैकल्पिक मार्ग
यदि फिजिबिलिटी स्टडी में परियोजना व्यावहारिक पाई जाती है, तो अंकुर एन्क्लेव, करावल नगर, करावल नगर एक्सटेंशन, गोकुलपुरी आसपास की कॉलोनियों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। स्थानीय सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा और मेट्रो स्टेशन तक पहुंच तेज व आसान होगी।
छह किलोमीटर तक हो सकता है कॉरिडोर
प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर की लंबाई प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करीब पांच से छह किलोमीटर हो सकती है। हालांकि अंतिम लंबाई, एलाइनमेंट और डिजाइन का निर्धारण फिजिबिलिटी स्टडी और डीपीआर तैयार होने के बाद ही किया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में मेट्रो कनेक्टिविटी बेहतर बनाने और स्थानीय सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने की दिशा में दिल्ली सरकार ने नई पहल की है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने करावल नगर ड्रेन के ऊपर अंकुर एन्क्लेव से गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड के लिए व्यवहार्यता अध्ययन (फिजिबिलिटी स्टडी) और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
परियोजना का उद्देश्य यह आकलन करना है कि ड्रेन के ऊपर एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण तकनीकी और आर्थिक दृष्टि से कितना व्यावहारिक होगा। चयनित कंसल्टेंट एजेंसी प्रस्तावित मार्ग का विस्तृत ट्रैफिक सर्वे करेगी। इसके अलावा संभावित एलाइनमेंट, प्रारंभिक इंजीनियरिंग डिजाइन, निर्माण लागत और अन्य तकनीकी पहलुओं का अध्ययन कर डीपीआर तैयार की जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर सरकार परियोजना के निर्माण पर अंतिम निर्णय लेगी।
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करावल नगर और आसपास का इलाका उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में शामिल है। यहां की सड़कें स्थानीय यातायात के साथ-साथ बाहरी वाहनों का भी भारी दबाव झेलती हैं। प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से क्षेत्र को एक वैकल्पिक मार्ग मिलेगा और गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन तक पहुंच पहले से अधिक आसान हो सकेगी।
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इसी बीच पश्चिमी दिल्ली में भी ट्रैफिक सुधार की दिशा में एक और परियोजना आगे बढ़ी है। ब्रिटानिया चौक से आउटर रिंग रोड तक गुरु हरकिशन रोड (रोड नंबर-43) के रास्ते शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाले करीब छह किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड के लिए सलाहकार सेवाएं लेने को प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। परियोजना के लिए जल्द ही डीपीआर तैयार कराई जाएगी। यह एलिवेटेड रोड बनने पर ब्रिटानिया चौक और गुरु हरकिशन रोड पर ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है। साथ ही शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन तक पहुंच सुगम होगी। इसका लाभ शकूर बस्ती, वजीरपुर, लॉरेंस रोड, केशवपुरम, त्रिनगर, पंजाबी बाग, अशोक विहार और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के साथ हरियाणा की ओर आने-जाने वाले वाहनों को भी मिलेगा।
राहत की राह
घनी आबादी वाले इलाकों को मिलेगा वैकल्पिक मार्ग
यदि फिजिबिलिटी स्टडी में परियोजना व्यावहारिक पाई जाती है, तो अंकुर एन्क्लेव, करावल नगर, करावल नगर एक्सटेंशन, गोकुलपुरी आसपास की कॉलोनियों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। स्थानीय सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा और मेट्रो स्टेशन तक पहुंच तेज व आसान होगी।
छह किलोमीटर तक हो सकता है कॉरिडोर
प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर की लंबाई प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करीब पांच से छह किलोमीटर हो सकती है। हालांकि अंतिम लंबाई, एलाइनमेंट और डिजाइन का निर्धारण फिजिबिलिटी स्टडी और डीपीआर तैयार होने के बाद ही किया जाएगा।