{"_id":"69dba87a6ffed7197c06ed64","slug":"the-cm-directed-for-strict-scrutiny-of-accounts-related-to-liquor-sales-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-132036-2026-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: शराब बिक्री से जुड़े खातों की सख्त जांच के सीएम ने दिए निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: शराब बिक्री से जुड़े खातों की सख्त जांच के सीएम ने दिए निर्देश
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकारी उपक्रमों के रिकॉर्ड का होगा क्रॉस-वेरिफिकेशन, गड़बड़ी पर कार्रवाई तय
दो महीने में रिपोर्ट देने के निर्देश, राजस्व नुकसान पर सरकार सख्त
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार ने शराब बिक्री से जुड़े सरकारी उपक्रमों के खातों की जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दिल्ली में शराब की रिटेल बिक्री से जुड़े सरकारी उपक्रमों के वित्तीय रिकॉर्ड की अब सघन जांच होगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पिछले पांच वर्षों के सभी खातों का व्यापक मिलान और क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाए। हाल ही में सामने आया है कि कुछ उपक्रमों में लंबे समय तक खातों का ठीक से मिलान नहीं किया गया। इससे वित्तीय गड़बड़ी और सरकारी खजाने को नुकसान की आशंका बनी है। इसी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
दिल्ली में शराब की खुदरा बिक्री का संचालन दिल्ली उपभोक्ता सहकारी थोक भंडार (डीसीसीडब्ल्यूएस), दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी), दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (डीएससीएससी) और दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (डीएसआईआईडीसी) जैसे सरकारी उपक्रम करते हैं। इन संस्थाओं ने शहर के अलग-अलग इलाकों में शराब की दुकानें संचालित की हुई हैं।
आबकारी आयुक्त करेंगे क्रॉस वेरिफिकेशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी संस्थाएं अपने रिकॉर्ड, जैसे बिक्री, खरीद, स्टॉक और नकद खातों की विस्तार से जांच करें। साथ ही आबकारी विभाग के साथ समन्वय कर सभी आंकड़ों का सही मिलान और सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक अतिरिक्त कदम भी उठाया है। आबकारी आयुक्त स्तर पर इन संस्थाओं के बिक्री, स्टॉक और राजस्व से जुड़े आंकड़ों का स्वतंत्र क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाएगा।
दो महीने में वित्त विभाग को देनी है रिपोर्ट
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अगर जांच में किसी भी तरह की अनियमितता या वित्तीय कुप्रबंधन सामने आता है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और इसमें किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए समयसीमा भी तय की है। सभी संबंधित संस्थाओं और आबकारी विभाग को निर्देश दिया गया है कि विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आदेश जारी होने की तारीख से दो महीने के भीतर वित्त विभाग को सौंपें।
Trending Videos
दो महीने में रिपोर्ट देने के निर्देश, राजस्व नुकसान पर सरकार सख्त
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार ने शराब बिक्री से जुड़े सरकारी उपक्रमों के खातों की जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दिल्ली में शराब की रिटेल बिक्री से जुड़े सरकारी उपक्रमों के वित्तीय रिकॉर्ड की अब सघन जांच होगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पिछले पांच वर्षों के सभी खातों का व्यापक मिलान और क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाए। हाल ही में सामने आया है कि कुछ उपक्रमों में लंबे समय तक खातों का ठीक से मिलान नहीं किया गया। इससे वित्तीय गड़बड़ी और सरकारी खजाने को नुकसान की आशंका बनी है। इसी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली में शराब की खुदरा बिक्री का संचालन दिल्ली उपभोक्ता सहकारी थोक भंडार (डीसीसीडब्ल्यूएस), दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी), दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (डीएससीएससी) और दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (डीएसआईआईडीसी) जैसे सरकारी उपक्रम करते हैं। इन संस्थाओं ने शहर के अलग-अलग इलाकों में शराब की दुकानें संचालित की हुई हैं।
आबकारी आयुक्त करेंगे क्रॉस वेरिफिकेशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी संस्थाएं अपने रिकॉर्ड, जैसे बिक्री, खरीद, स्टॉक और नकद खातों की विस्तार से जांच करें। साथ ही आबकारी विभाग के साथ समन्वय कर सभी आंकड़ों का सही मिलान और सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक अतिरिक्त कदम भी उठाया है। आबकारी आयुक्त स्तर पर इन संस्थाओं के बिक्री, स्टॉक और राजस्व से जुड़े आंकड़ों का स्वतंत्र क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाएगा।
दो महीने में वित्त विभाग को देनी है रिपोर्ट
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अगर जांच में किसी भी तरह की अनियमितता या वित्तीय कुप्रबंधन सामने आता है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और इसमें किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए समयसीमा भी तय की है। सभी संबंधित संस्थाओं और आबकारी विभाग को निर्देश दिया गया है कि विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आदेश जारी होने की तारीख से दो महीने के भीतर वित्त विभाग को सौंपें।