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Delhi NCR News: इमर्सिव म्यूजियम के रूप में विकसित होगा टाउन हॉल
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एमसीडी की स्थायी समिति की अध्यक्ष ने दी योजना को मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने चांदनी चौक के ऐतिहासिक टाउन हॉल भवन के संरक्षण और पुनर्विकास की योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 160 साल पुराने भवन को आधुनिक इमर्सिव म्यूजियम और इंटरप्रिटेशन सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।
सत्या शर्मा ने बताया कि 1861 में यह भवन बनना शुरू हुआ था। इसे दिल्ली इंस्टीट्यूट के लिए बनाया गया था। 1866 में इसे नगर निगम मुख्यालय में बदल दिया गया। वर्ष 2012 तक यह निगम का मुख्यालय रहा, लेकिन उसके बाद से काफी हद तक खाली पड़ा है। यह इमारत ग्रेड-1 हेरिटेज संरचना है। इसलिए इसका पुनर्विकास पूरी तरह वैज्ञानिक तरीके और हेरिटेज मानकों के अनुसार किया जाएगा।
36 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य
उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम ने इमर्सिव म्यूजियम का कॉन्सेप्ट प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत शाहजहानाबाद के इतिहास को डिजिटल तकनीक, इंटरएक्टिव गैलरी, आर्काइव डिस्प्ले और मल्टीलिंगुअल सेवाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही यहां हेरिटेज वॉक, सांस्कृतिक कार्यक्रम, शैक्षणिक गतिविधियां, रिटेल और फूड सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि परियोजना को डेवलप-ऑपरेट-मेंटेन मॉडल पर लागू किया जाएगा। परियोजना को लगभग 36 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने चांदनी चौक के ऐतिहासिक टाउन हॉल भवन के संरक्षण और पुनर्विकास की योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 160 साल पुराने भवन को आधुनिक इमर्सिव म्यूजियम और इंटरप्रिटेशन सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।
सत्या शर्मा ने बताया कि 1861 में यह भवन बनना शुरू हुआ था। इसे दिल्ली इंस्टीट्यूट के लिए बनाया गया था। 1866 में इसे नगर निगम मुख्यालय में बदल दिया गया। वर्ष 2012 तक यह निगम का मुख्यालय रहा, लेकिन उसके बाद से काफी हद तक खाली पड़ा है। यह इमारत ग्रेड-1 हेरिटेज संरचना है। इसलिए इसका पुनर्विकास पूरी तरह वैज्ञानिक तरीके और हेरिटेज मानकों के अनुसार किया जाएगा।
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36 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य
उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम ने इमर्सिव म्यूजियम का कॉन्सेप्ट प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत शाहजहानाबाद के इतिहास को डिजिटल तकनीक, इंटरएक्टिव गैलरी, आर्काइव डिस्प्ले और मल्टीलिंगुअल सेवाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही यहां हेरिटेज वॉक, सांस्कृतिक कार्यक्रम, शैक्षणिक गतिविधियां, रिटेल और फूड सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि परियोजना को डेवलप-ऑपरेट-मेंटेन मॉडल पर लागू किया जाएगा। परियोजना को लगभग 36 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है