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Delhi NCR News: अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन में बैटरी फटने से दो की मौत
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- ख्याला के रघुवीर नगर इलाके में घटना, पहली मंजिल पर पिता-पुत्र समेत तीन लोग किराये पर रह रहे थे, यहीं एक व्यक्ति चला रहा था चार्जिंग स्टेशन
- पुलिस ने लापरवाही से हुई मौत का मामला दर्ज कर मकान मालिक से कर रही है पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के रघुबीर नगर क्षेत्र में सोमवार तड़के एक इमारत की पहली मंजिल पर अवैध रूप से चल रहे ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन में बैटरी फटने से आग में झुलसकर दो लोगों की मौत हो गई। उनकी शिनाख्त 17 साल के मोहम्मद सुफेद और उसके मौसा 38 साल के मोहम्मद सहमद के रूप में हुई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि किशन मकान मालिक से मिलीभगत कर किराये पर कमरे लेकर अवैध रूप से बैटरी चार्जिंग स्टेशन चला रहा था। ख्याला थाना पुलिस ने लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक सोमवार सुबह करीब 4.42 बजे पुलिस और दमकल विभाग को रघुबीर नगर में आर-17 की पहली मंजिल पर आग लगने की जानकारी मिली। पुलिस और दमकल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंची तो वहां कमरे में आग लगी थी जिसमें दो लोग झुलसी अवस्था में पड़े थे। पुलिस ने घायल सुफेद और सहमद को गुरु गोविंद सिंह अस्पताल में लेकर गई जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में पता चला कि मूलत: बिहार के भागलपुर के रहने वाला सुफेद अपने पिता मोहम्मद नसीब और मौसा के साथ रहता था। उसके पिता और मौसा ई-रिक्शा चालक थे और कमरे में उस जगह पर पोर्टेबल ई-रिक्शा बैटरी चार्ज कर रहे थे। दमकल कर्मियों ने चार गाड़ियों की मदद से आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया।
मौके पर पुलिस को 22 बैटरी मिले हैं जिसे चार्ज किया जा रहा था। पुलिस को आशंका है कि चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से बैटरी फटने से आग तेजी से कमरे में फैल गई। कमरे में सो रहे सुफेद और सहमद को निकलने का मौका नहीं मिला। पुलिस मकान मालिक मुस्तकीन से पूछताछ कर रही है।
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दूसरे कमरे में होने के कारण बची मोहम्मद नसीब की जान
पड़ोस में रहने वाले सहमद के भाई मोहम्मद रहमान ने बताया कि मोहम्मद नसीब भी उसी कमरे में सोते थे, जिसमें उनका बेटा मोहम्मद सुफेद और साढू मोहम्मद सहमद सोते थे। रविवार की रात वह बगल वाले कमरे में सोने चले गए थे। इस कारण उनकी जान बच गई। लेकिन बेटे की मौत से वह सदमे में हैं।
चोरी की बिजली से चला रहा था चार्जिंग स्टेशन
जिस इमारत में आग लगी वह चार मंजिला है। मोहम्मद रहमान ने बताया कि इमारत की पहली मंजिल को मोहम्मद नसीब और किशन ने किराये पर ले रखी थी। कमरे में तीनों लोग रहते थे, वहीं किशन अवैध रूप से बैटरी चार्जिंग स्टेशन चला रहा था। रहमान का आरोप है कि मकान मालिक मुस्तकीन की मिलीभगत से किशन चोरी की बिजली से स्टेशन चला रहा था। पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
60 हजार रुपये देकर मामले को करना चाहता था रफा-दफा
मोहम्मद रहमान ने बताया कि मकान मालिक मुस्तकीन 60 हजार रुपये देकर मामले को रफा-दफा करना चाह रहा था। आरोप लगाया कि मकान मालिक ने कहा कि 60 हजार रुपये लेकर वह शवों को बिहार लेकर चले जाएं। उन्होंने कहा कि परिवार को मुआवजा मिलनी चाहिए। मोहम्मद सहमद अकेले कमाने वाले थे। ऐसे में उनके परिवार का भरण पोषण कौन करेगा।
लोग धमाका सुनकर बाहर निकलकर भागे
इस इमारत की ऊपर की मंजिल में रहने वाले रवि ने बताया कि तड़के जोरदार धमाका हुआ था। आग लगने की जानकारी मिलते ही वह और ऊपर की मंजिल में रहने वाले अन्य लोग तुरंत उठकर नीचे की तरफ भागे। पहली मंजिल के कमरे से धुआं और आग की लपटें निकल रही थी। उन लोगों ने दरवाजा खोला तो देखा कि अंदर दो लोग पूरी तरह से झुलस गए थे। उनको कमरे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
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- पुलिस ने लापरवाही से हुई मौत का मामला दर्ज कर मकान मालिक से कर रही है पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के रघुबीर नगर क्षेत्र में सोमवार तड़के एक इमारत की पहली मंजिल पर अवैध रूप से चल रहे ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन में बैटरी फटने से आग में झुलसकर दो लोगों की मौत हो गई। उनकी शिनाख्त 17 साल के मोहम्मद सुफेद और उसके मौसा 38 साल के मोहम्मद सहमद के रूप में हुई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि किशन मकान मालिक से मिलीभगत कर किराये पर कमरे लेकर अवैध रूप से बैटरी चार्जिंग स्टेशन चला रहा था। ख्याला थाना पुलिस ने लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक सोमवार सुबह करीब 4.42 बजे पुलिस और दमकल विभाग को रघुबीर नगर में आर-17 की पहली मंजिल पर आग लगने की जानकारी मिली। पुलिस और दमकल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंची तो वहां कमरे में आग लगी थी जिसमें दो लोग झुलसी अवस्था में पड़े थे। पुलिस ने घायल सुफेद और सहमद को गुरु गोविंद सिंह अस्पताल में लेकर गई जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में पता चला कि मूलत: बिहार के भागलपुर के रहने वाला सुफेद अपने पिता मोहम्मद नसीब और मौसा के साथ रहता था। उसके पिता और मौसा ई-रिक्शा चालक थे और कमरे में उस जगह पर पोर्टेबल ई-रिक्शा बैटरी चार्ज कर रहे थे। दमकल कर्मियों ने चार गाड़ियों की मदद से आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया।
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मौके पर पुलिस को 22 बैटरी मिले हैं जिसे चार्ज किया जा रहा था। पुलिस को आशंका है कि चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से बैटरी फटने से आग तेजी से कमरे में फैल गई। कमरे में सो रहे सुफेद और सहमद को निकलने का मौका नहीं मिला। पुलिस मकान मालिक मुस्तकीन से पूछताछ कर रही है।
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दूसरे कमरे में होने के कारण बची मोहम्मद नसीब की जान
पड़ोस में रहने वाले सहमद के भाई मोहम्मद रहमान ने बताया कि मोहम्मद नसीब भी उसी कमरे में सोते थे, जिसमें उनका बेटा मोहम्मद सुफेद और साढू मोहम्मद सहमद सोते थे। रविवार की रात वह बगल वाले कमरे में सोने चले गए थे। इस कारण उनकी जान बच गई। लेकिन बेटे की मौत से वह सदमे में हैं।
चोरी की बिजली से चला रहा था चार्जिंग स्टेशन
जिस इमारत में आग लगी वह चार मंजिला है। मोहम्मद रहमान ने बताया कि इमारत की पहली मंजिल को मोहम्मद नसीब और किशन ने किराये पर ले रखी थी। कमरे में तीनों लोग रहते थे, वहीं किशन अवैध रूप से बैटरी चार्जिंग स्टेशन चला रहा था। रहमान का आरोप है कि मकान मालिक मुस्तकीन की मिलीभगत से किशन चोरी की बिजली से स्टेशन चला रहा था। पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
60 हजार रुपये देकर मामले को करना चाहता था रफा-दफा
मोहम्मद रहमान ने बताया कि मकान मालिक मुस्तकीन 60 हजार रुपये देकर मामले को रफा-दफा करना चाह रहा था। आरोप लगाया कि मकान मालिक ने कहा कि 60 हजार रुपये लेकर वह शवों को बिहार लेकर चले जाएं। उन्होंने कहा कि परिवार को मुआवजा मिलनी चाहिए। मोहम्मद सहमद अकेले कमाने वाले थे। ऐसे में उनके परिवार का भरण पोषण कौन करेगा।
लोग धमाका सुनकर बाहर निकलकर भागे
इस इमारत की ऊपर की मंजिल में रहने वाले रवि ने बताया कि तड़के जोरदार धमाका हुआ था। आग लगने की जानकारी मिलते ही वह और ऊपर की मंजिल में रहने वाले अन्य लोग तुरंत उठकर नीचे की तरफ भागे। पहली मंजिल के कमरे से धुआं और आग की लपटें निकल रही थी। उन लोगों ने दरवाजा खोला तो देखा कि अंदर दो लोग पूरी तरह से झुलस गए थे। उनको कमरे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।