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Delhi NCR News: ट्रैफिक पुलिसकर्मियों का वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल करने के आरोप में दो और गिरफ्तार
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-दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दोनों आरोपियों को दबोचा, अब तक कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी पुलिस
-जीशान अली और राजकुमार मीना चला रहे थे अलग-अलग दो गिरोह, दो अलग-अलग एफआईआर हैं दर्ज, छानबीन जारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
ट्रैफिक पुलिसकर्मियों और दूसरे सरकारी अधिकारियों का वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल करने वाले अलग-अलग गिरोह के दो और बदमाशों को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान आमिर चौधरी उर्फ सिकंदर और संजय गुप्ता के रूप में हुई है। वसूली की दो अलग-अलग एफआईआर में इनकी गिरफ्तारी हुई है।
आमिर चौधरी गैंग लीडर जीशान अली के गिरोह का सदस्य है, जबकि संजय गुप्ता राजकुमार उर्फ राजू मीना गैंग का सदस्य है। दोनों मामलों में पुलिस अब तक कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। बाकी बदमाशों की तलाश की जा रही है। अपराध शाखा की टीम पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि बदमाशों का सिंडिकेट दो अलग-अलग गिरोहों के रूप में सक्रिय था। एक गिरोह जीशान अली और दूसरा राजकुमार उर्फ राजू मीना चला रहा था। इनके गिरोह ट्रैफिक पुलिसकर्मियों का चालान काटने या कागजात जांच करने के दौरान चुपचाप वीडियो बना लेता था।
बाद में इन वीडियो में एआई की मदद से हेराफेरी कर विभागीय जांच, निलंबन, विजिलेंस कार्रवाई या झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी देकर डराते थे। बदले में मोटी रकम वसूली जाती थी। सिंडिकेट फर्जी ‘नो-एंट्री’ स्टीकर बेचकर पहले वाहनों के चालकों से नियम तुड़वाते थे। बाद में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों का वीडियो बनाकर उसके जरिए ब्लैकमेल कर लाखों रुपये ऐंठे जाते थे।
पुलिस आयुक्त के निर्देश पर मामले में मकोका और गैंगस्टर एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। इसमें 29 अप्रैल और 8 दिसंबर को दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं। छानबीन के बाद पुलिस ने जीशान अली व उसके गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं दूसरी मामले में राजकुमार और उसके साथी मुकेश उर्फ पकौड़ी गिरफ्तार कर लिया गया।
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-जीशान अली और राजकुमार मीना चला रहे थे अलग-अलग दो गिरोह, दो अलग-अलग एफआईआर हैं दर्ज, छानबीन जारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
ट्रैफिक पुलिसकर्मियों और दूसरे सरकारी अधिकारियों का वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल करने वाले अलग-अलग गिरोह के दो और बदमाशों को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान आमिर चौधरी उर्फ सिकंदर और संजय गुप्ता के रूप में हुई है। वसूली की दो अलग-अलग एफआईआर में इनकी गिरफ्तारी हुई है।
आमिर चौधरी गैंग लीडर जीशान अली के गिरोह का सदस्य है, जबकि संजय गुप्ता राजकुमार उर्फ राजू मीना गैंग का सदस्य है। दोनों मामलों में पुलिस अब तक कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। बाकी बदमाशों की तलाश की जा रही है। अपराध शाखा की टीम पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि बदमाशों का सिंडिकेट दो अलग-अलग गिरोहों के रूप में सक्रिय था। एक गिरोह जीशान अली और दूसरा राजकुमार उर्फ राजू मीना चला रहा था। इनके गिरोह ट्रैफिक पुलिसकर्मियों का चालान काटने या कागजात जांच करने के दौरान चुपचाप वीडियो बना लेता था।
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बाद में इन वीडियो में एआई की मदद से हेराफेरी कर विभागीय जांच, निलंबन, विजिलेंस कार्रवाई या झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी देकर डराते थे। बदले में मोटी रकम वसूली जाती थी। सिंडिकेट फर्जी ‘नो-एंट्री’ स्टीकर बेचकर पहले वाहनों के चालकों से नियम तुड़वाते थे। बाद में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों का वीडियो बनाकर उसके जरिए ब्लैकमेल कर लाखों रुपये ऐंठे जाते थे।
पुलिस आयुक्त के निर्देश पर मामले में मकोका और गैंगस्टर एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। इसमें 29 अप्रैल और 8 दिसंबर को दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं। छानबीन के बाद पुलिस ने जीशान अली व उसके गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं दूसरी मामले में राजकुमार और उसके साथी मुकेश उर्फ पकौड़ी गिरफ्तार कर लिया गया।
