बाहर निकलना जरूरी: क्या आपके बच्चे जल्दी थक जाते हैं? हड्डी में दर्द की करते हैं शिकायत; इसे नजरअंदाज न करें
डॉक्टरों के मुताबिक विटामिन डी की कमी का सीधा असर हड्डियों और मांसपेशियों पर पड़ता है। इसके कारण कमर दर्द, घुटनों में दर्द, पीठ में दर्द और जल्दी थकान जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
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भारत को धूप वाला देश माना जाता है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग विटामिन डी की कमी से जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बदलती जीवनशैली, लंबे समय तक घर और ऑफिस के अंदर रहना तथा खानपान की गलत आदतें इसके पीछे प्रमुख कारण बन रही हैं। इसका असर खासतौर पर युवाओं, महिलाओं और बच्चों में देखने को मिल रहा है।
घर और ऑफिस की जीवनशैली बन रही कारण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल लोग सुबह से शाम तक घर, ऑफिस या बंद जगहों में रहते हैं, जिससे शरीर को पर्याप्त धूप नहीं मिल पाती। इसके अलावा धूप में निकलते समय सनस्क्रीन का अत्यधिक इस्तेमाल भी शरीर में विटामिन डी बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। जंक फूड और पोषण की कमी वाला खानपान भी इस समस्या को बढ़ा रहा है।
युवाओं और महिलाओं में बढ़ रहा कमर-घुटने का दर्द
डॉक्टरों के मुताबिक विटामिन डी की कमी का सीधा असर हड्डियों और मांसपेशियों पर पड़ता है। इसके कारण कमर दर्द, घुटनों में दर्द, पीठ में दर्द और जल्दी थकान जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। अस्पतालों में कम उम्र के युवा भी जोड़ों के दर्द और हड्डियों की कमजोरी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। महिलाओं में यह समस्या और ज्यादा देखने को मिल रही है।
बच्चों के विकास पर भी पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों के अनुसार छोटे बच्चों में विटामिन डी की कमी होने से उनकी हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और शारीरिक विकास प्रभावित हो सकता है। ऐसे बच्चों में जल्दी थकान, कमजोरी और हड्डियों में दर्द की समस्या देखने को मिलती है। लंबे समय तक कमी रहने पर हड्डियों से जुड़ी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं।
धूप और संतुलित आहार से बचाव संभव
गुरु तेग बहादुर अस्पताल के एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि शरीर में विटामिन डी का स्तर बनाए रखने के लिए रोजाना कुछ समय सुबह की धूप लेना जरूरी है। 80 प्रतिशत लोग विटामिन डी की कमी से परेशान हैं। उन्होंने बताया कि दूध, अंडा, मछली, मशरूम और फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों का सेवन भी लाभदायक होता है। साथ ही यदि लगातार हड्डियों में दर्द, कमजोरी या थकान महसूस हो तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है, ताकि समय पर इलाज किया जा सके।