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जेहन में नैतिकता उतारकर राजनीति में आएं युवा : विस अध्यक्ष
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श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में माइन्ड्यूक्टर 14.0 में शामिल हुए विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता
नई दिल्ली। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा है कि शासन की असली परीक्षा बहस में नहीं, बल्कि ऐसी नीतियां बनाने और लागू करने में है, जो आम नागरिक के जीवन में वास्तविक सुधार लाएं। उन्होंने युवाओं को राजनीति में आने और जेहन में नैतिकता उतारने की सलाह दी। उन्होंने कहा, युवा ही विकसित भारत के लक्ष्य के सूत्रधार हैं। वे श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में सोमवार को आयोजित माइन्ड्यूक्टर 14.0 कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
कार्यक्रम में मौजूद छात्रों, शिक्षकों और युवा नेतृत्वकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने छात्र जीवन की यादें भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र सिर्फ राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं होता, बल्कि उसे प्रभावी नीति-क्रियान्वयन तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग राय और असहमति स्वाभाविक है। किसी सरकार की सफलता इस बात से तय होती है कि उसके कानून और नीतियां आम लोगों की जिंदगी पर कितना सकारात्मक असर डालती हैं। विकसित भारत की पहचान सिर्फ आर्थिक प्रगति से नहीं होती। असली विकास मजबूत संस्थाओं, पारदर्शिता, जवाबदेही और ऐसे कानूनों से आता है, जो हर नागरिक के अधिकार और गरिमा की रक्षा करे। ब्यूरो
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नई दिल्ली। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा है कि शासन की असली परीक्षा बहस में नहीं, बल्कि ऐसी नीतियां बनाने और लागू करने में है, जो आम नागरिक के जीवन में वास्तविक सुधार लाएं। उन्होंने युवाओं को राजनीति में आने और जेहन में नैतिकता उतारने की सलाह दी। उन्होंने कहा, युवा ही विकसित भारत के लक्ष्य के सूत्रधार हैं। वे श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में सोमवार को आयोजित माइन्ड्यूक्टर 14.0 कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
कार्यक्रम में मौजूद छात्रों, शिक्षकों और युवा नेतृत्वकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने छात्र जीवन की यादें भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र सिर्फ राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं होता, बल्कि उसे प्रभावी नीति-क्रियान्वयन तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग राय और असहमति स्वाभाविक है। किसी सरकार की सफलता इस बात से तय होती है कि उसके कानून और नीतियां आम लोगों की जिंदगी पर कितना सकारात्मक असर डालती हैं। विकसित भारत की पहचान सिर्फ आर्थिक प्रगति से नहीं होती। असली विकास मजबूत संस्थाओं, पारदर्शिता, जवाबदेही और ऐसे कानूनों से आता है, जो हर नागरिक के अधिकार और गरिमा की रक्षा करे। ब्यूरो
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