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किचनर झील के पानी की गुणवत्ता सामान्य : डीडीए
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एनजीटी में दायर एक मामले में डीडीए ने झील के पुनर्जीवन पर अतिरिक्त हलफनामा दाखिल किया
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में दायर एक मामले में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने किचनर झील के पुनर्जीवन पर अतिरिक्त हलफनामा दाखिल किया है। पर्यावरण सुरक्षा संगठन एसपी-चेतना की याचिका पर डीडीए ने बताया कि झील का पानी अब सुरक्षित स्तर पर पहुंच गया है और सफाई का काम नियमित चल रहा है। एनजीटी ने 24 नवंबर के आदेश के पालन में यह रिपोर्ट सौंपी गई है। एसपी-चेतना ने धौला कुआं स्थित किचनर झील के संरक्षण की मांग की थी। एनजीटी के 31 जुलाई और 23 अक्तूबर 2024 के आदेशों के बाद मामला अब सिर्फ झील के पुनर्जीवन तक सीमित हो गया है।
डीडीए ने बताया कि झील से ताजा पानी के दो सैंपल और आरआर बेस अस्पताल के पास सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से एक सैंपल लैब में भेजे गए। लैब रिपोर्ट के अनुसार, पीएच स्तर, कुल निलंबित ठोस पदार्थ (टीएसएस), फीकल कोलीफॉर्म जैसे सभी महत्वपूर्ण पैरामीटर निर्धारित सीमा में पाए गए। एसटीपी का पानी भी झील के पुनर्जीवन के लिए पूरी तरह उपयुक्त पाया गया।
हलफनामे में डीडीए ने कहा कि झील की नियमित सफाई हो रही है। मौजूदा टेंडर 31 जुलाई तक वैध है। हालांकि, सैन्य इंजीनियरिंग सेवा (एमईएस) विभाग से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। डीडीए ने कहा कि इस पर लगातार फॉलो-अप किया जा रहा है। डीडीए ने एनजीटी को आश्वासन दिया कि वे ट्रिब्यूनल के सभी आदेशों का सख्ती से पालन कर रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में दायर एक मामले में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने किचनर झील के पुनर्जीवन पर अतिरिक्त हलफनामा दाखिल किया है। पर्यावरण सुरक्षा संगठन एसपी-चेतना की याचिका पर डीडीए ने बताया कि झील का पानी अब सुरक्षित स्तर पर पहुंच गया है और सफाई का काम नियमित चल रहा है। एनजीटी ने 24 नवंबर के आदेश के पालन में यह रिपोर्ट सौंपी गई है। एसपी-चेतना ने धौला कुआं स्थित किचनर झील के संरक्षण की मांग की थी। एनजीटी के 31 जुलाई और 23 अक्तूबर 2024 के आदेशों के बाद मामला अब सिर्फ झील के पुनर्जीवन तक सीमित हो गया है।
डीडीए ने बताया कि झील से ताजा पानी के दो सैंपल और आरआर बेस अस्पताल के पास सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से एक सैंपल लैब में भेजे गए। लैब रिपोर्ट के अनुसार, पीएच स्तर, कुल निलंबित ठोस पदार्थ (टीएसएस), फीकल कोलीफॉर्म जैसे सभी महत्वपूर्ण पैरामीटर निर्धारित सीमा में पाए गए। एसटीपी का पानी भी झील के पुनर्जीवन के लिए पूरी तरह उपयुक्त पाया गया।
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हलफनामे में डीडीए ने कहा कि झील की नियमित सफाई हो रही है। मौजूदा टेंडर 31 जुलाई तक वैध है। हालांकि, सैन्य इंजीनियरिंग सेवा (एमईएस) विभाग से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। डीडीए ने कहा कि इस पर लगातार फॉलो-अप किया जा रहा है। डीडीए ने एनजीटी को आश्वासन दिया कि वे ट्रिब्यूनल के सभी आदेशों का सख्ती से पालन कर रहे हैं।