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Taranjit Singh Sandhu: कौन हैं तरनजीत सिंह संधू? जिन्होंने ली दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में शपथ; पढ़ें
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Sharukh Khan
Updated Wed, 11 Mar 2026 02:03 PM IST
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सार
पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को दिल्ली स्थित लोक निवास में हुए एक समारोह में दिल्ली के 23वें लेफ्टिनेंट गवर्नर के तौर पर शपथ ली। दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने संधू को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू ने ली दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में शपथ
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को दिल्ली के 23वें उपराज्यपाल के तौर पर शपथ ली। यह समारोह लोक निवास में आयोजित किया गया था। दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
संधू ने विनय कुमार सक्सेना का स्थान लिया है। विनय कुमार सक्सेना को अब लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। तरनजीत सिंह संधू 1988 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी हैं।
वह संयुक्त राज्य अमेरिका मामलों के सबसे अनुभवी भारतीय राजनयिकों में से एक रहे हैं। उन्होंने वाशिंगटन, डी.सी. स्थित भारतीय दूतावास में कई बार कार्य किया है। संधू फरवरी 2020 से जनवरी 2024 तक अमेरिका में भारत के राजदूत के रूप में कार्यरत थे। 63 वर्षीय संधू जुलाई 2005 से फरवरी 2009 तक संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में भी रहे थे।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'मैं उपराज्यपाल का स्वागत करती हूं। आप दिल्ली को और अधिक गति से बढ़ाने के लिए यहां आए हैं। हमारा पूरा विश्वास है कि आपके यहां होने से दिल्ली की गति और बढ़ेगी। दिल्ली की समस्याओं का और समाधान मिल पाएगा। आपके मार्गदर्शन में दिशा निर्देश के अनुसार दिल्ली सरकार काम करेगी'
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संधू ने विनय कुमार सक्सेना का स्थान लिया है। विनय कुमार सक्सेना को अब लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। तरनजीत सिंह संधू 1988 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी हैं।
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वह संयुक्त राज्य अमेरिका मामलों के सबसे अनुभवी भारतीय राजनयिकों में से एक रहे हैं। उन्होंने वाशिंगटन, डी.सी. स्थित भारतीय दूतावास में कई बार कार्य किया है। संधू फरवरी 2020 से जनवरी 2024 तक अमेरिका में भारत के राजदूत के रूप में कार्यरत थे। 63 वर्षीय संधू जुलाई 2005 से फरवरी 2009 तक संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में भी रहे थे।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'मैं उपराज्यपाल का स्वागत करती हूं। आप दिल्ली को और अधिक गति से बढ़ाने के लिए यहां आए हैं। हमारा पूरा विश्वास है कि आपके यहां होने से दिल्ली की गति और बढ़ेगी। दिल्ली की समस्याओं का और समाधान मिल पाएगा। आपके मार्गदर्शन में दिशा निर्देश के अनुसार दिल्ली सरकार काम करेगी'
संधू का लंबा राजनयिक करियर
तरनजीत सिंह संधू का राजनयिक करियर काफी लंबा और प्रभावशाली रहा है। उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका में भारत के राजदूत के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वाशिंगटन, डी.सी. में भारतीय दूतावास में उनका अनुभव विशेष रूप से उल्लेखनीय है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में भी उन्होंने सेवा दी थी। यह उनके अंतरराष्ट्रीय संबंधों की गहरी समझ को दर्शाता है।
तरनजीत सिंह संधू का राजनयिक करियर काफी लंबा और प्रभावशाली रहा है। उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका में भारत के राजदूत के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वाशिंगटन, डी.सी. में भारतीय दूतावास में उनका अनुभव विशेष रूप से उल्लेखनीय है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में भी उन्होंने सेवा दी थी। यह उनके अंतरराष्ट्रीय संबंधों की गहरी समझ को दर्शाता है।
हालिया राजनीतिक गतिविधियां
संधू ने 2024 में राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने पंजाब के अमृतसर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा। हालांकि, उन्हें इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। अब उन्हें दिल्ली के उपराज्यपाल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह उनकी प्रशासनिक और सार्वजनिक सेवा की नई पारी है।
बता दें कि तरनजीत सिंह संधू विनय कुमार सक्सेना की जगह ले रहे हैं, जिन्हें हाल ही में लद्दाख का उपराज्यपाल बनाया गया है। संधू 1988 बैच के आईएफएस अधिकारी रहे हैं और अमेरिका में भारत के राजदूत के तौर पर काम कर चुके हैं।
संधू ने 2024 में राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने पंजाब के अमृतसर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा। हालांकि, उन्हें इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। अब उन्हें दिल्ली के उपराज्यपाल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह उनकी प्रशासनिक और सार्वजनिक सेवा की नई पारी है।
बता दें कि तरनजीत सिंह संधू विनय कुमार सक्सेना की जगह ले रहे हैं, जिन्हें हाल ही में लद्दाख का उपराज्यपाल बनाया गया है। संधू 1988 बैच के आईएफएस अधिकारी रहे हैं और अमेरिका में भारत के राजदूत के तौर पर काम कर चुके हैं।