{"_id":"69b16c8e940667c479011ae7","slug":"mcd-plans-to-close-old-garbage-dumps-soon-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-127322-2026-03-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुराने कचरा डलावों को जल्द बंद करने की योजना : एमसीडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुराने कचरा डलावों को जल्द बंद करने की योजना : एमसीडी
विज्ञापन
web -
विज्ञापन
-दिल्ली नगर निगम ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण को अपनी रिपोर्ट सौंपी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के वसंत विहार और आसपास के इलाकों में कचरा प्रबंधन को लेकर उठे विवाद पर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में निगम ने कहा कि इलाके में रोजाना कचरा उठाया जा रहा है और सफाई व्यवस्था ठीक तरह से चल रही है। साथ ही, पुराने कचरा डलावों को जल्द बंद करने की योजना भी बताई गई है। दरअसल, रेणु कुमार नाम की एक महिला ने एनजीटी में याचिका दायर कर शिकायत की थी कि दक्षिण जोन के कुछ इलाकों में कचरा समय पर नहीं उठाया जाता और धलावों के कारण लोगों को परेशानी होती है।
इस पर एमसीडी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कचरा उठाने वाली कंपनी एसएसआईपीएल के ऑटो टिपर रोजाना डलावों पर पहुंचते हैं। वहां से कचरा तुरंत उठाकर करीब एक किलोमीटर दूर बने फिक्स्ड कंपैक्टर ट्रांसफर स्टेशन (एफसीटीएस) तक भेज दिया जाता है, जहां से आगे प्रोसेसिंग के लिए ले जाया जाता है। एमसीडी के अनुसार, डलाव के आसपास सफाई बनाए रखने के लिए सैनिटेशन स्टाफ तैनात है और रोजाना सफाई की निगरानी भी की जाती है। रिपोर्ट के अनुसार, शहर के पुराने 1494 डलाव में से 985 को पहले ही बंद किया जा चुका है और बाकी को धीरे-धीरे एफसीटीएस में बदला जा रहा है। दक्षिण जोन में फिलहाल 48 एफसीटीएस काम कर रहे हैं और जल्द पूरे इलाके को धलाव-मुक्त बनाने का लक्ष्य है।
इसके अलावा निगम ने लोगों से घर पर ही कचरे को अलग-अलग करने की अपील की है। निगम के अनुसार दिसंबर 2025 तक करीब 60 प्रतिशत कचरा अलग किया जा चुका है। फरवरी 2026 तक इसे 85 प्रतिशत, अगस्त 2026 तक 90 प्रतिशत और जनवरी 2027 तक 100 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। यही नहीं, एमसीडी ने अपनी रिपोर्ट के साथ कुछ तस्वीरें भी एनजीटी को सौंपी हैं, जिनमें डलाव के आसपास साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था दिखाई गई है। निगम ने कहा कि वह सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 के सभी नियमों का पालन कर रहा है।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के वसंत विहार और आसपास के इलाकों में कचरा प्रबंधन को लेकर उठे विवाद पर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में निगम ने कहा कि इलाके में रोजाना कचरा उठाया जा रहा है और सफाई व्यवस्था ठीक तरह से चल रही है। साथ ही, पुराने कचरा डलावों को जल्द बंद करने की योजना भी बताई गई है। दरअसल, रेणु कुमार नाम की एक महिला ने एनजीटी में याचिका दायर कर शिकायत की थी कि दक्षिण जोन के कुछ इलाकों में कचरा समय पर नहीं उठाया जाता और धलावों के कारण लोगों को परेशानी होती है।
इस पर एमसीडी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कचरा उठाने वाली कंपनी एसएसआईपीएल के ऑटो टिपर रोजाना डलावों पर पहुंचते हैं। वहां से कचरा तुरंत उठाकर करीब एक किलोमीटर दूर बने फिक्स्ड कंपैक्टर ट्रांसफर स्टेशन (एफसीटीएस) तक भेज दिया जाता है, जहां से आगे प्रोसेसिंग के लिए ले जाया जाता है। एमसीडी के अनुसार, डलाव के आसपास सफाई बनाए रखने के लिए सैनिटेशन स्टाफ तैनात है और रोजाना सफाई की निगरानी भी की जाती है। रिपोर्ट के अनुसार, शहर के पुराने 1494 डलाव में से 985 को पहले ही बंद किया जा चुका है और बाकी को धीरे-धीरे एफसीटीएस में बदला जा रहा है। दक्षिण जोन में फिलहाल 48 एफसीटीएस काम कर रहे हैं और जल्द पूरे इलाके को धलाव-मुक्त बनाने का लक्ष्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके अलावा निगम ने लोगों से घर पर ही कचरे को अलग-अलग करने की अपील की है। निगम के अनुसार दिसंबर 2025 तक करीब 60 प्रतिशत कचरा अलग किया जा चुका है। फरवरी 2026 तक इसे 85 प्रतिशत, अगस्त 2026 तक 90 प्रतिशत और जनवरी 2027 तक 100 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। यही नहीं, एमसीडी ने अपनी रिपोर्ट के साथ कुछ तस्वीरें भी एनजीटी को सौंपी हैं, जिनमें डलाव के आसपास साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था दिखाई गई है। निगम ने कहा कि वह सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 के सभी नियमों का पालन कर रहा है।