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दिल्ली स्टेशन पर भगदड़ मामला: रेलवे को फटकार...जवाब नहीं मिलने पर कोर्ट ने उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: राहुल तिवारी
Updated Thu, 08 Jan 2026 10:06 AM IST
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सार
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मामले की पीआईएल पर जवाब न देने पर हाईकोर्ट ने रेलवे को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने लगभग एक साल बाद भी हलफनामा दाखिल न करने को गंभीर लापरवाही बताया और सख्त टिप्पणी करते हुए चेतावनी दी।
दिल्ली हाईकोर्ट, Delhi High Court
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हाईकोर्ट ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (एनडीएलएस) पर पिछले साल 15 फरवरी को हुई भगदड़ के मामले में दायर जनहित याचिका (पीआईएल) का अब तक जवाब न देने पर रेलवे को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि लगभग एक साल बीत जाने के बाद भी रेलवे ने अपना हलफनामा दाखिल नहीं किया, जो गंभीर लापरवाही है।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने रेलवे के वकील से पूछा कि इतने लंबे समय के बाद भी जवाब क्यों नहीं दिया गया। कोर्ट ने पहले ही रेलवे को 26 मार्च 2025 तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक कोई हलफनामा नहीं आया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या आप किसी और हादसे का इंतजार कर रहे हैं? क्या इस घटना से आपकी आंखें नहीं खुलीं? कोर्ट ने यह भी कहा कि अदालत को हल्के में न लिया जाए और इस तरह की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रेलवे के वकील ने बताया कि भगदड़ की घटना के बाद रेलवे ने कई कदम उठाए हैं, जैसे भीड़ कम करने के उपाय और आरक्षित व अनारक्षित टिकटों की कीमतों में कमी। उन्होंने कहा कि इन सभी फैसलों की जानकारी देते हुए चार हफ्तों के भीतर हलफनामा दाखिल किया जाएगा। कोर्ट ने रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी से भी सवाल किया, जिस पर बताया गया कि एक नया और अपडेटेड हलफनामा जल्द दाखिल किया जाएगा। इसके बाद कोर्ट ने रेलवे को जवाब दाखिल करने के लिए और समय दे दिया।
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मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने रेलवे के वकील से पूछा कि इतने लंबे समय के बाद भी जवाब क्यों नहीं दिया गया। कोर्ट ने पहले ही रेलवे को 26 मार्च 2025 तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक कोई हलफनामा नहीं आया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या आप किसी और हादसे का इंतजार कर रहे हैं? क्या इस घटना से आपकी आंखें नहीं खुलीं? कोर्ट ने यह भी कहा कि अदालत को हल्के में न लिया जाए और इस तरह की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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रेलवे के वकील ने बताया कि भगदड़ की घटना के बाद रेलवे ने कई कदम उठाए हैं, जैसे भीड़ कम करने के उपाय और आरक्षित व अनारक्षित टिकटों की कीमतों में कमी। उन्होंने कहा कि इन सभी फैसलों की जानकारी देते हुए चार हफ्तों के भीतर हलफनामा दाखिल किया जाएगा। कोर्ट ने रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी से भी सवाल किया, जिस पर बताया गया कि एक नया और अपडेटेड हलफनामा जल्द दाखिल किया जाएगा। इसके बाद कोर्ट ने रेलवे को जवाब दाखिल करने के लिए और समय दे दिया।