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Delhi-Dehradun Expressway: रफ्तार के नए एक्सप्रेसवे पर आज से भर सकेंगे फर्राटा, इन वाहनों को नहीं मिली अनुमति
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 14 Apr 2026 02:08 AM IST
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सार
देश की राजधानी दिल्ली और उत्तराखंड की राजधानी देहरादून अब नए संगम में जुड़ गई है। मंगलवार को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता को समर्पित करेंगे। मंगलवार दोपहर दो बजे के बाद यह जनता के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे
- फोटो : जी पाल
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विस्तार
देश की राजधानी दिल्ली और उत्तराखंड की राजधानी देहरादून अब नए संगम में जुड़ गई है। मंगलवार को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता को समर्पित करेंगे। मंगलवार दोपहर दो बजे के बाद यह जनता के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि दोपहिया और तीन पहिया वाहनों को इस एक्सप्रेसवे पर चलने की अनुमति नहीं होगी। यह एक्सप्रेसवे सिर्फ सफर को तेज नहीं करेगा, बल्कि दिल्ली-एनसीआर को जाम से राहत, बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक रफ्तार का भी नया रास्ता देगा।
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213 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून का सफर, 6 घंटे के बजाय 2.5 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। एक्सप्रेसवे पर वाहन फिलहाल 100 किमी प्रतिघंटा की गति से फर्राटा भरेंगे। दिल्ली में यह एक्सप्रेसवे अक्षरधाम से शुरू होता है और उत्तर प्रदेश के बागपत, शामली और सहारनपुर होते हुए उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में प्रवेश करता है। यह कॉरिडोर हरिद्वार, ऋषिकेश और मसूरी जाने वाले यात्रियों के लिए भी बड़ी राहत लेकर आएगा। खासकर वीकेंड टूरिज्म के लिहाज से यह एक्सप्रेसवे गेमचेंजर साबित होने वाला है। इस परियोजना का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने कराया है। वर्ष 2021 में निर्माण कार्य शुरू हुआ। करीब 12000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह एक्सप्रेसवे आधुनिक इंजीनियरिंग का नायाब उदाहरण है। एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियतों में 6 लेन का हाई-स्पीड कॉरिडोर, 12 किमी का वाइल्डलाइफ कॉरिडोर, अत्याधुनिक इंटरचेंज, सर्विस रोड, इमरजेंसी लेन और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम शामिल हैं। सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी, एम्बुलेंस और हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं भी मुहैया कराई गई हैं।
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यमुनापार का ट्रैफिक दबाव होगा कम
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर जाने और निकलने की व्यवस्था शास्त्री पार्क के पास होगी। यहां पर कश्मीरी गेट से देहरादून जाने वाले वाहन शास्त्री पार्क के पास एक्सप्रेसवे पर जा सकेंगे। यूपी की ओर से एक्सप्रेस-वे से आने वाले वाहन शास्त्री पार्क के पास निकल भी सकेंगे। अधिकारियों ने बताया कि एक्सप्रेस वे के दिल्ली के हिस्से में एट्री और एग्जिट पॉइंट इस हिसाब से बनाया गया है कि दक्षिणी मध्य, उत्तरी और पूर्वी दिल्ली के वाहनों चालकों की आवाजाही आसान हो सके। दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे, विकास मार्ग, गीता कॉलोनी, गांधी नगर मार्केट, शास्त्री पार्क, सिग्नेचर ब्रिज इन सभी मार्गों से आने वाले वाहन चालकों को एक्सप्रेस वे पर चढ़ने के लिए एंट्री पॉइंट बनाए गए हैं। एक्सप्रेसवे का पहला खंड दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होता है। इसकी लंबाई 32 किलोमीटर है। यह लोनी से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) तक जाता है।
टोल अधिक लगेगा
एनएचएआई ने 210 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के लिए टोल दरें निर्धारित कर दी हैं। पुराने रूट के जरिये देहरादून पहुंचने में कुल 445 का टोल लगता था जबकि नए एक्सप्रेसवे पर एक तरफ का सफर 675 रुपये का पड़ेगा। अगर कोई यात्री 24 घंटे के भीतर वापस आता है तो उसे दोनों तरफ के लिए 1,010 रुपये चुकाने होंगे। इस तरह एक दिन की यात्रा करने वालों को 340 की बचत होगी। एनएचएआई का अनुमान है कि इस मार्ग पर ट्रैफिक के भारी दबाव से सालाना 900-950 करोड़ की कमाई होगी। इस हिसाब से प्रोजेक्ट की मूल लागत निकालने में करीब 13 साल लगेगा।
अक्षरधाम से लोनी बॉर्डर तक टोल फ्री
अक्षरधाम से शुरू होकर लोनी बॉर्डर तक का लगभग 18 किलोमीटर का हिस्सा टोल-फ्री रहेगा। इसका उद्देश्य दिल्ली के स्थानीय ट्रैफिक को सुचारू रखना है ताकि रोजाना दफ्तर आने-जाने वालों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। साथ ही यमुनापार की अन्य सड़कों पर वाहनों का दबाव कम हो।
गीता कॉलोनी खेकड़ा तक दोपहिया वाहनों पर रहेगा प्रतिबंध
एनएचएआई ने सुरक्षा का हवाला देते हुए गीता कॉलोनी से खेकड़ा के बीच 26 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर बाइक, ऑटो और ट्रैक्टर के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है। उल्लंघन करने वालों पर 20,000 का जुर्माना लगाया जाएगा। अक्षरधाम से खेकड़ा तक मंडौला, लोनी बॉर्डर, खजूरी चौक, न्यू उस्मानपुर और शास्त्री पार्क जैसे क्षेत्र आते हैं। एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्ग भूमि और यातायात अधिनियम 2002 की धारा 35 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह अधिसूचना जारी की है।
यह हैं टोल दरें
--कुल दूरी-------पुराना रूट 250 किमी---नया एक्सप्रेस वे 213 किमी
--यात्रा का समय---5 से 6 घंटे---2.5 से 3 घंटे
--एकतरफ टोल----445 रुपये---675 रुपये
--राउंड ट्रिप---670 रुपये---1010 रुपये
नंबर गेम
कुल लंबाई: 213 किमी
लेन: 6 लेन (8 तक विस्तार योग्य)
डिजाइन स्पीड: 120 किमी/घंटा तक
यात्रा समय: 6–6.5 घंटे से घटकर 2.5 घंटे
परियोजना स्वीकृति: 2020 (इन-प्रिंसिपल अप्रूवल)
टेंडर जारी: 2021
शिलान्यास: दिसंबर 2021
कुल निर्माण: 4 फेज / 6 पैकेज में
प्रमुख सेक्शन..
दिल्ली–ईपीई (ब्राउनफील्ड)
ईपीई–सहारनपुर (ग्रीनफील्ड)
सहारनपुर–देहरादून (ग्रीनफील्ड)
कुल अनुमानित लागत: 12,000 करोड़ के बीच
अंडरपास: 113
रेलवे ओवरब्रिज: 5
एंट्री/एग्जिट पॉइंट: 16
सर्विस रोड: 76 किमी
बस शेल्टर: 62
वे-साइड सुविधाएं (फूड, टॉयलेट आदि): 12
एशिया का सबसे लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर (12–14 किमी)
डाटकाली टनल (लगभग 340 मीटर)
कनेक्टविटी : दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे,चारधाम हाईवे (हरिद्वार लिंक)
