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Sonam Wangchuk: 30 सेकंड में बदला जंतर मंतर का माहौल, लोग घेरा बनाते रहे और वांगचुक को ले गई पुलिस; पूरी कहानी
Sat, 18 Jul 2026 10:24 PM IST
Rahul Kumar Tiwari
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Sat, 18 Jul 2026 10:24 PM IST
सार
जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को पुलिस अपने साथ कैसे ले गई? प्रदर्शनकारियों का दावा है कि पूरी कार्रवाई महज 30 सेकंड में हुई। धक्का-मुक्की, वीडियो बनाने से रोकने और मोबाइल फोन छीनने के आरोप भी लगे। आखिर मौके पर क्या-क्या हुआ, पढ़िए पूरी खबर...
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30 सेकंड में बदला जंतर मंतर का माहौल
- फोटो : अमर उजाला GFX
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विस्तार
जंतर मंतर में शनिवार सुबह शांतिपूर्वक बैठे थे, नारे लगा रहे थे और अपनी बात रख रहे थे। तभी अचानक माहौल बदल गया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, पुलिस आई और महज 30 सेकंड के अंदर सोनम वांगचुक को अपने साथ ले गई।
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जंतर मंतर पर मौजूद लोगों का कहना है कि जैसे ही उन्हें लगा कि पुलिस वांगचुक को ले जाने वाली है, सभी लोग उनकी ओर दौड़ पड़े। किसी ने उनका हाथ पकड़ने की कोशिश की, तो किसी ने पुलिस से रुकने की अपील की। महिलाओं और छात्रों ने मिलकर उनके चारों ओर घेरा बना लिया, ताकि पुलिस उन्हें अपने साथ न ले जा सके। लेकिन यह कोशिश ज्यादा देर तक नहीं चल सकी। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, कुछ ही पलों में पुलिस वांगचुक को अपने साथ ले गई।
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चश्मदीदों ने फोन छीनने के लगाए आरोप
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वांगचुक को हिरासत में लेने के दौरान वहां काफी धक्का-मुक्की हुई। लोगों के अनुसार, जब वह पुलिस की कार्रवाई का वीडियो बनाने लगे तो कुछ पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। कई प्रदर्शनकारियों का दावा है कि उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए, जबकि कुछ लोगों को पीछे धकेल दिया गया।
प्रदर्शनकारी रमन ने बताया कि मैं अपने फोन से वीडियो बना रहा था। तभी एक पुलिसकर्मी मेरे पास आए और बोले, फोन नीचे करो, रिकॉर्डिंग बंद करो। इसके बाद उन्होंने मेरा फोन हाथ से ले लिया। वहीं, एक महिला प्रदर्शनकारी गीता ने बताया कि हम सिर्फ यह रिकॉर्ड करना चाहते थे कि वहां क्या हो रहा है। हमने किसी के साथ बदसलूकी नहीं की, लेकिन हमें पीछे धकेला गया और वीडियो बनाने से रोका गया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वांगचुक को हिरासत में लेने के दौरान वहां काफी धक्का-मुक्की हुई। लोगों के अनुसार, जब वह पुलिस की कार्रवाई का वीडियो बनाने लगे तो कुछ पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। कई प्रदर्शनकारियों का दावा है कि उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए, जबकि कुछ लोगों को पीछे धकेल दिया गया।
प्रदर्शनकारी रमन ने बताया कि मैं अपने फोन से वीडियो बना रहा था। तभी एक पुलिसकर्मी मेरे पास आए और बोले, फोन नीचे करो, रिकॉर्डिंग बंद करो। इसके बाद उन्होंने मेरा फोन हाथ से ले लिया। वहीं, एक महिला प्रदर्शनकारी गीता ने बताया कि हम सिर्फ यह रिकॉर्ड करना चाहते थे कि वहां क्या हो रहा है। हमने किसी के साथ बदसलूकी नहीं की, लेकिन हमें पीछे धकेला गया और वीडियो बनाने से रोका गया।
क्या बोले लोग
- पुलिस अचानक हमारे बीच आ गई। हमें पीछे हटाने के दौरान धक्का-मुक्की की गई। जो लोग बीच में आए, उनके साथ भी सख्ती की गई। -प्रशांत
- हम शांतिपूर्वक धरने पर बैठे थे। पुलिस ने बिना पर्याप्त बातचीत किए हमें हटाने की कोशिश की। इस दौरान कई लोगों के साथ धक्का-मुक्की हुई। -मोहम्मद अल्तमश
- जब हमने सोनम वांगचुक को ले जाने का विरोध किया तो हमें जबरन हटाया गया। इस दौरान मुझे चोट भी लगी। -मुजीब
- प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग किया। कई साथियों के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया। हम इसकी निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं। -संदीप