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Delhi: ईशा फाउंडेशन मानहानि मामला, दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया 39 और वीडियो हटाने का निर्देश, जानें अपडेट
Fri, 31 Jul 2026 08:32 PM IST
Digvijay Singh
आईएएनएस, दिल्ली
आईएएनएस, दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Fri, 31 Jul 2026 08:32 PM IST
सार
दिल्ली हाईकोर्ट ने ईशा फ़ाउंडेशन के पक्ष में अपने पहले के अंतरिम आदेश का दायरा बढ़ाया है। कोर्ट ने आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव के खिलाफ मानहानि करने वाली सामग्री वाले 39 शॉर्ट वीडियो और पांच अंग्रेजी वीडियो हटाने का निर्देश दिया।
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : ANI
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विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने ईशा फ़ाउंडेशन के पक्ष में अपने पहले के अंतरिम आदेश का दायरा बढ़ाया है। कोर्ट ने आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव के खिलाफ मानहानि करने वाली सामग्री वाले 39 शॉर्ट वीडियो और पांच अंग्रेजी वीडियो हटाने का निर्देश दिया। ये वीडियो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटाए जाएंगे।
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जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की सिंगल-जज बेंच ने ईशा फाउंडेशन की अर्जी को मंज़ूरी दी। फ़ाउंडेशन ने 19 मार्च के अंतरिम आदेश पर स्पष्टीकरण मांगा था। उस आदेश में कुछ आपत्तिजनक वीडियो और लेख हटाने का निर्देश था। अर्ज़ी में कहा गया कि शिकायत के पैराग्राफ 10 में बताए गए 39 शॉर्ट वीडियो और पांच अंग्रेज़ी वीडियो शामिल नहीं थे। इनमें भी वही मानहानिपूर्ण सामग्री थी। प्रतिवादियों ने इसे समीक्षा याचिका बताया। कोर्ट ने अर्ज़ी को "बदलाव" के लिए माना। जस्टिस प्रसाद ने कहा कि मांगी गई राहत पहले के आदेश के दायरे से बाहर नहीं थी। शिकायत की सामग्री निषेधाज्ञा की अर्ज़ी का हिस्सा थी।
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कोर्ट का आदेश और बदलाव
हाई कोर्ट ने माना कि 19 मार्च के आदेश में विवादित कंटेंट को मानहानिपूर्ण माना गया था। कोर्ट ने कहा कि 39 शॉर्ट वीडियो और पांच अंग्रेज़ी वीडियो के लिए अलग सुनवाई की ज़रूरत नहीं है। ये वीडियो पहले की अर्ज़ी का ही हिस्सा थे। कोर्ट ने अपने पहले के आदेश को पूरी तरह लागू करने के लिए बदलाव ज़रूरी माना। दिल्ली हाई कोर्ट ने 19 मार्च के आदेश के पैराग्राफ 58 और 59 में बदलाव का निर्देश दिया।
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निर्देशों का विस्तार और अगली सुनवाई
बदले हुए निर्देशों के तहत, प्रतिवादी 2 और 3 को मानहानिपूर्ण कंटेंट बनाने या फैलाने से रोका गया है। प्रतिवादी 1 और 3 को विवादित वीडियो और लेख हटाने का निर्देश दिया गया। इसमें शिकायत के पैराग्राफ 10 में बताए गए 39 शॉर्ट वीडियो और पांच अंग्रेज़ी वीडियो भी शामिल हैं। कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस आदेश को 19 मार्च के आदेश के साथ मिलाकर पढ़ा जाए। यह मामला अब 5 अगस्त को रोस्टर बेंच के सामने सुनवाई के लिए लिस्ट किया गया है।