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लश्कर हैंडलर पर खुलासा: शाबिर को मिला था इन जगहों पर ग्रेनेड फेंकने का टारगेट, इनको स्लीपर सेल बनाना था मकसद
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sharukh Khan
Updated Wed, 01 Apr 2026 11:21 AM IST
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सार
लश्कर हैंडलर शाबिर को भीड़ वाली जगहों पर ग्रेनेड फेंकने का टारगेट मिला था। समाचार पत्रों और न्यूज चैनल की सुर्खियां बनने के बाद शाबिर कोलश्कर ने डिप्टी कमांडर की उपाधि दी थी। शाबिर बांग्लादेश में हुलिया बदलकर डॉक्टर साहिल बनकर रह रहा था।
Terrorist Shabbir Ahmed
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
दिल्ली के गाजीपुर से पकड़े गए लश्कर हैंडलर शाबिर अहमद लोन उर्फ राजा उर्फ डाक्टर का लश्कर में रुतबा ऐसे नहीं बढ़ा। दिल्ली में देश विरोधी पोस्टर लगाने और भारतीय मीडिया में कवरेज मिलने पर लश्कर ने उसे और टॉरगेट दिए और मिशन में कामयाब होने पर डिप्टी कमांडर की उपाधि भी दी थी।
उसे भारत में पुजारियों की हत्या करने, देश विरोधी नारे वाले पोस्टर लगाने, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर ग्र्रेनेड फेंकने जैसे टारगेट दिए गए थे। इनमें सबसे बड़ा टारगेट वंदे मातरम ट्रेन मे देश विरोधी पोस्टर लगाने का मिला था।
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उसे भारत में पुजारियों की हत्या करने, देश विरोधी नारे वाले पोस्टर लगाने, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर ग्र्रेनेड फेंकने जैसे टारगेट दिए गए थे। इनमें सबसे बड़ा टारगेट वंदे मातरम ट्रेन मे देश विरोधी पोस्टर लगाने का मिला था।
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्पेशल सेल की नई दिल्ली रेंज में तैनात इंस्पेक्टर सुनील राजैन और इंस्पेक्टर धीरज महलावत की टीम ने फरवरी माह में लश्कर के इस बांग्लादेशी मॉड्यूल का पर्दाफाश कर सात बांग्लादेशी समेत आठ कथित आतंकी पकड़े थे।
आठ फरवरी 2026 को इन कथित आतंकियों ने सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर पाकिस्तान समर्थक नारे, कश्मीर से जुड़े भड़काऊ संदेश और मारे गए आतंकी बुरहान वानी की तस्वीरों वाले पोस्टर लगाए थे। इन पोस्टरों पर उर्दू में कुछ मैसेज भी लिखे थे, जिनका मतलब था-हम पाकिस्तानी हैं, पाकिस्तान हमारा है और कश्मीरी एकजुटता दिवस आदि लिखा था।
इस बांग्लादेशी मॉड्यूल के पर्दाफाश हुआ तो सरगना आतंकी शब्बीर लोन का नाम सामने आया था और इसकी मीडिया में काफी कवरेज हुई थी। इसके बाद लश्कर आकाओं को लगा कि आतंकी शब्बीर लोन भारत में कुछ भी आतंकी वारदात करा सकता है। लश्कर को लगता था कि वह दिल्ली में पोस्टर लगवा सकता है तो भारत में कुछ भी करवा सकता है।
शाबिर ने गुरुग्राम में कराया था हेयर ट्रांसप्लांट
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार बांग्लादेश जाने से पहले लश्कर हैंडलर शाबिर अहमद लोन ने अपना हु़लिया बदल लिया था। उसने दाढ़ी बनवाई और गुरुग्राम में एक क्लीनिक में सिर के बाल ट्रांसप्लांट कराए थे।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार बांग्लादेश जाने से पहले लश्कर हैंडलर शाबिर अहमद लोन ने अपना हु़लिया बदल लिया था। उसने दाढ़ी बनवाई और गुरुग्राम में एक क्लीनिक में सिर के बाल ट्रांसप्लांट कराए थे।
इसने युवा जैसा अपना हुलिया बना लिया था। ये बांग्लादेश में डा. साहिल बनकर रहता था। उसका एक साला भी बांग्लादेश में रहता है। वह बांग्लादेश में साले के साथ क्लीनिक खोलना चाहता था।
स्लीपर सेल को संगठित करने के लिए वाया नेपाल आया था
भारत में मौजूद सभी स्लीपर सेल जब इंस्पेक्टर सुनील राजैन और इंस्पेक्टर धीरज महलावत की टीम ने फरवरी में पकड़ लिए तो वह परेशान हो गया। लश्कर से लगातार टारगेट मिलने लगे थे। ऐसे में ये स्लीपर सेल को संगठित करने के लिए बांग्लादेश से नेपाल के रास्ते भारत आया था।
भारत में मौजूद सभी स्लीपर सेल जब इंस्पेक्टर सुनील राजैन और इंस्पेक्टर धीरज महलावत की टीम ने फरवरी में पकड़ लिए तो वह परेशान हो गया। लश्कर से लगातार टारगेट मिलने लगे थे। ऐसे में ये स्लीपर सेल को संगठित करने के लिए बांग्लादेश से नेपाल के रास्ते भारत आया था।
ये धर्म के नाम पर युवाओं को बहका कर लश्कर में भर्ती कर रहा था। लोन पाकिस्तान में बैठे लश्कर के बड़े हैंडलर्स अबू हुजैफा, सुमामा बाबर और अब्दुल रहमान के सीधे संपर्क में था। उनके निर्देशों पर ही भारत में आतंकी नेटवर्क को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहा था।
बांग्लादेशियों को स्लीपर सेल बनाना था
जांच एजेंसियों का मानना है कि शाबीर लोन का मकसद बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में घुसाकर उन्हें आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल करना और देशभर में स्लीपर सेल तैयार करना था, ताकि सही समय आने पर बड़े हमलों को अंजाम दिया जा सके।
जांच एजेंसियों का मानना है कि शाबीर लोन का मकसद बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में घुसाकर उन्हें आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल करना और देशभर में स्लीपर सेल तैयार करना था, ताकि सही समय आने पर बड़े हमलों को अंजाम दिया जा सके।