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ढाई माह बाद खुला हत्याकांड का राज: सगे भाई और उसकी पत्नी ने मारा, फिर शव कंबल में लपेटा, कट्टे में भरकर फेंका

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Akash Dubey Updated Tue, 16 Jun 2026 11:16 PM IST
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सार

भाई की गंदी आदतों से परेशान होकर छोटे भाई ने गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया था। हत्या कर आरोपी दंपती फरार हो गया था। 72 दिन की जांच के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंचीं।

Murder mystery solved after two and a half months brother and his wife arrested
छोटे भाई ने बड़े की हत्या की - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

पश्चिम दिल्ली के मोती नगर स्थित रामा रोड इलाके में एक फैक्टरी के बाहर बोरे में मिली लाश की गुत्थी को पुलिस ने आखिर 72 दिन बाद सुलझा लिया। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड के मामले में मृतक अमित (42) के छोटे भाई गोपाल (32) और इसकी पत्नी सोमा उर्फ सीमा (35) को गिरफ्तार किया है।

तीनों ही गांव असावटी, पलवल, हरियाणा के रहने वाले हैं। दरअसल गोपाल अपने बड़े भाई अमित की आदतों और उसके चरित्र से परेशान था। इससे परेशान होकर गोपाल व उसकी पत्नी सोमा ने अमित की हत्याकर उसका शव कंबल और गद्दों में लपेटा। बाद में उसे एक प्लास्टिक के कट्टे में डालकर लोनी से मोती नगर फिकवा दिया।

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पुलिस ने करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और 200 नोटिस लगवाने के बाद मृतक और आरोपियों की पहचान की। सोमवार को दोनों को रामा गार्डन, मोती नगर इलाके से दबोच लिया गया। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से सोमा को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया जबकि गोपाल की एक दिन की पुलिस रिमांड लेकर उससे पूछताछ की जा रही है।

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पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि 4 अप्रैल 2026 को मोती नगर इलाके में एक फैक्टरी के सामने प्लास्टिक के कट्टे में एक शव बरामद हुआ। शव को दो कंबल में लपेटकर बाद में दो गद्दों से भी लपेटा गया था। इसके बाद उसे एक बड़े प्लास्टिक के कट्टे में डालकर यहां फेंका गया था।

शव बुरी तरह सड़ चुका था। उसके दोनों पैर डाटा केबल से बंधे थे। मृतक के पास से उसकी पहचान का कोई कागज बरामद नहीं हुआ। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की मृतक की हाथ की एक कलाई पर अमित-किरन गुदा हुआ था। उसके आधार पर आगे की पड़़ताल शुरू हुई।

ऐसे हुई मृतक की पहचान...
पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम करवाया तो पता चला कि उसके गले पर निशान थे। उसके सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया गया था। उसके शरीर की हड्डी भी टूटी हुई थी। उसकी मौत दम घुटने से हुई। पुलिस ने मृतक की पहचान के लिए करीब 200 नोटिस लगवाने के अलावा 300 सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की।

थाना प्रभारी सुनील कुमार को पड़़ताल के दौरान एक ई-कार्ट दिखा। उसमें आरोपी बोरे को फेंकते दिखा। ई-कार्ट के आधार पर पुलिस ने लोनी, गाजियाबाद निवासी उसके चालक कासिम की पहचान की। टीम उस तक पहुंची। कासिम ने बताया कि उसे जय प्रकाश उर्फ गंजा और जगदीश नामक दो लोगों ने गद्दों और कंबल को इंदरपुरी, लोनी से मोती नगर छोड़ने के लिए कहा था।

टीम तूरंत जय प्रकाश और जगदीश के पास पहुंची तो पता चला कि उनको गोपाल नामक व्यक्ति ने बोरे को मोती नगर पहुंचाने के लिए कहा था। पुलिस उस मकान तक पहुंची, जहां से बोरा उठाया गया था। मकान मालिक ने मृतक की पहचान अमित के रूप में की। जांच में पता चला कि वारदात वाले दिन से अमित का भाई गोपाल और उसकी पत्नी सोमा फरार हैं।

कई राज्यों में की गई तलाश, उसके बाद मिले आरोपी...
पुलिस ने गोपाल और सोमा की तलाश के लिए सीडीआर और आधार लिंक मोबाइल नंबर की मदद ली। इसके आधार पर दोनों की तलाश के लिए गाजियाबाद, पलवल,  कैथल, नजफगढ़, हाथरस, एटा और पश्चिम बंगाल  में छापेमारी की गई। आखिर लंबी पड़ताल के बाद 15 जून को दोनों आरोपियों को रामा गार्डन मोती नगर इलाके से दबोच लिया गया। पूछताछ के दौरान इन लोगों ने अमित की हत्या की बात स्वीकार कर ली। पुलिस गोपाल से पूछताछ कर रही है।

अमित ने की हुई थी तीन शादी, इसके बाद भी करता था गंदी हरकतें...
पुलिस की पूछताछ में गोपाल ने बताया कि उसके बड़े भाई अमित ने एक के बाद एक तीन शादियां की थीं। सोमा भी एक समय उसकी दूसरी पत्नी थी। अमित ने सोमा को छोड़ा तो गोपाल ने सोमा से शादी कर ली। अमित की पहली पत्नी से एक बेटा भी है जो गोपाल और सोमा के साथ ही रहता था। अमित ने अपनी तीनों की पत्नियों को छोड़ दिया था।

इसके अलावा वह रोजाना शराब के नशे में घर पहुंचता था। अक्सर उसके साथ एक नई महिला होती थी। गोपाल ने बताया कि इतना सब होने के बाद वह सोमा से जबरदस्ती के प्रयास करता था। 3 अप्रैल को अमित ने शराब के नशे में सोमा के साथ जबदरस्ती की तो उसने उसे धक्का दे दिया। उसका सिर दरवाजे में लगा और वह अचेत हो गया।

गुस्से में गोपाल ने उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। बाद में उसके सिर पर भारी वस्तु से वार भी किया। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए दोनों उसके पैर बांधे। बाद में शव को दो कंबल में लपेटकर दो गद्दों से लपेटा गया। इसके बाद एक कट्टे में डालकर उसे मोती नगर की फैक्टरी के सामने फिकवा दिया।

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