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Hindi News ›   Delhi ›   Sonam Wangchuk New Message: Calls July 20 Second Freedom Movement Urges Support for Parliament March

'20 जुलाई को आजादी का दूसरा आंदोलन': वांगचुक का नया संदेश, फिर बढ़ेगा आंदोलन? पत्नी के जरिए भेजा खास मैसेज

Sun, 19 Jul 2026 09:56 AM IST
Rahul Kumar Tiwari अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Rahul Kumar Tiwari Updated Sun, 19 Jul 2026 09:56 AM IST
सार

सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की ओर से उनकी पत्नी गीतांजलि के माध्यम से एक हस्तलिखित संदेश जारी किया गया है। इसमें 20 जुलाई को 'आजादी का दूसरा आंदोलन' बताते हुए लोगों से संसद मार्च को सफल बनाने और अन्याय व भय से मुक्ति की अपील की गई है।
 

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Sonam Wangchuk New Message: Calls July 20 Second Freedom Movement Urges Support for Parliament March
सोनम वांगचुक का संदेश - फोटो : अमर उजाला GFX

विस्तार

सफदरजंग अस्पताल में भर्ती पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की ओर से उनकी पत्नी गीतांजलि के माध्यम से एक हस्तलिखित संदेश जारी किया गया है। इस संदेश में उन्होंने 20 जुलाई को होने वाले कार्यक्रम को 'आजादी का दूसरा आंदोलन' बताते हुए लोगों से संसद मार्च में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की है।
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हस्तलिखित संदेश में सोनम वांगचुक ने लिखा है, 'आजादी का दूसरा आन्दोलन, जय मुक्त भारत, अन्याय मुक्त भारत।' इसके साथ उन्होंने अंग्रेजी में Freedom from injustice (Like paper leaks)' और 'Freedom from Fear (my illegal detention); यानी अन्याय (जैसे पेपर लीक) से आजादी' और 'डर से आजादी (मेरी कथित अवैध हिरासत)' का उल्लेख किया है।
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संसद मार्च को सफल बनाने की अपील
संदेश में आगे सोनम वांगचुक ने 20 जुलाई को संसद मार्च को सफल बनाने की अपील की है। संदेश के अंत में उन्होंने लिखा, यह संदेश उनकी पत्नी गीतांजलि के माध्यम से सफदरजंग में अपनी 'कथित अवैध हिरासत' से भेजा गया है।

गौरतलब है कि सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल, सोनम डॉक्टरों के निगरानी में हैं। और अस्पताल की ओर से जारी हेल्थ अपडेट के अनुसार उनके वाइटल पैरामीटर स्थिर हैं, हालांकि उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।

जेएनयूटीए ने जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और अभिभावकों पर पुलिस द्वारा की गई कथित बर्बर कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। जेएनयूटीए ने इसे लोकतांत्रिक असहमति पर एक शर्मनाक और तानाशाही हमला करार दिया है।

जेएनयूटीए का मानना है कि यह कार्रवाई उन नागरिकों के खिलाफ राज्य की शक्ति का दुरुपयोग है, जिन्होंने युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने वाली नीतियों के लिए जिम्मेदार सत्ता से सवाल पूछने का साहस किया। संगठन के अनुसार, सरकार ने इस कृत्य से अपनी राजनीतिक और नैतिक विश्वसनीयता को उजागर किया है। यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार अब युवाओं की गंभीर चिंताओं को हल करने योग्य संकट के बजाय दबाए जाने वाले जनसंपर्क संकट के रूप में देख रही है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संगठन भी सोनम वांगचुक के समर्थन में आया। 20 जुलाई को होने वाले मार्च का समर्थन भी किया है।
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कैसी है सोनम वांगचुक की तबीयत?
अस्पताल के अनुसार, सोनम वांगचुक को आवश्यक चिकित्सकीय उपचार दिया जा रहा है। फिलहाल उनके सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतक (वाइटल पैरामीटर) स्थिर हैं। हालांकि, रक्त जांच से जुड़े कुछ मानक अभी भी सामान्य से थोड़ा प्रभावित हैं। अस्पताल का कहना है कि लंबे समय से जारी भूख हड़ताल के कारण शरीर पर पड़े शारीरिक और प्रणालीगत प्रभावों को देखते हुए उन्हें विशेषज्ञों की बहु-विषयक टीम की निगरानी में लगातार चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता है।
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