Gurukuls: आंध्र प्रदेश के सरकारी हॉस्टल और गुरुकुल के स्टूडेंट्स को राहत, खाने-पीने के खर्च में 10% का इजाफा
Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सरकारी हॉस्टलों और गुरुकुलों में रहने वाले छात्रों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। सरकार ने छात्रों के खाने-पीने (डाइट चार्ज) के खर्च में 10% बढ़ोतरी करने का फैसला किया है, जिससे उन्हें बेहतर और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा। यह बढ़ी हुई दरें चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही से लागू होंगी।
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Andhra CM: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सरकारी हॉस्टलों और गुरुकुलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए भोजन पर होने वाले खर्च में 10% बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। यह नई व्यवस्था चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही से लागू होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद छात्रों को इसका लाभ दिया जाए।
सचिवालय में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि BC, SC, ST और अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों को भी निजी संस्थानों के छात्रों की तरह अच्छी शिक्षा और बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण भोजन और शिक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
सचिवालय में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि BC, SC, ST और अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों को भी निजी संस्थानों के छात्रों की तरह अच्छी शिक्षा और बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण भोजन और शिक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, "उन्होंने (नायडू) अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही से बढ़ी हुई डाइट चार्ज दरों को लागू करें, भले ही वित्त विभाग ने वित्तीय तंगी के कारण इस फैसले को टालने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से BC, SC, ST और अल्पसंख्यक समुदायों के जीवन को बदला जा सकता है।"
क्या मेधावी छात्रों को मिलेगी बेहतर तैयारी?
- राज्य में अधिक गुरुकुल संस्थान स्थापित किए जाएंगे।
- भविष्य में नए निर्माण कार्यों में सामान्य हॉस्टलों की जगह गुरुकुलों को प्राथमिकता दी जाएगी।
- आवासीय स्कूलों में पर्यावरण-अनुकूल (नेट-ज़ीरो) मॉडल अपनाने की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा।
- गुरुकुल परिसरों को आधुनिक सुविधाओं और जैव-विविधता पार्कों की तर्ज पर विकसित करने का सुझाव दिया गया।
- हॉस्टल और आवासीय स्कूलों के रखरखाव के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
- SC, ST, BC और अल्पसंख्यक वर्ग के मेधावी छात्रों के लिए विशेष कोचिंग सेंटर शुरू किए जाएंगे।
- प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए बेहतरीन शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
- NRI (प्रवासी भारतीयों) को कल्याणकारी हॉस्टलों को गोद लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
- हॉस्टल, गुरुकुल और आश्रम स्कूलों के पूर्व छात्रों (Alumni) का नेटवर्क मजबूत किया जाएगा।
- शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में विशेषज्ञों की स्वैच्छिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
- SASKI, पूर्वोदय और VB-G RAM G जैसी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए।
- मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याण योजनाएं केवल आर्थिक मदद तक सीमित न रहें, बल्कि छात्रों के शिक्षा, कौशल और सामाजिक विकास पर भी ध्यान दिया जाए।
हॉस्टल्स में स्मार्ट कार्ड फोन सुविधा क्यों शुरू की गई?
उन्होंने कमजोर वर्गों के किसानों की आय बढ़ाने के लिए बागवानी फसलों, रबर, कॉफी और हल्दी की खेती को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया। आजीविका से जुड़ी पहलों का जिक्र करते हुए नायडू ने बताया कि सरकार ने पारंपरिक ताड़ी निकालने वालों के लिए शराब की दुकानों में आरक्षण, वडेरा समुदायों के लिए खदानों में कोटा और नाई, मछुआरों व हथकरघा कामगारों को आर्थिक सहायता दी है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को VB-G Ram G योजना के तहत आंगनवाड़ी भवन बनाने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि हॉस्टलों में स्मार्ट कार्ड-आधारित टेलीफ़ोन सिस्टम शुरू किया गया है, जिससे घर की याद सताने वाले छात्र हर दिन चार मिनट तक अपने माता-पिता से बात कर सकते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि SASKI कार्यक्रम के तहत अभी 120 करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर के काम चल रहे हैं, जिनमें सोशल वेलफ़ेयर और ट्राइबल वेलफ़ेयर स्कूलों में RO प्लांट लगाना और शौचालय व अन्य सुविधाएं बनाना शामिल है। 'डाइटरी चार्ज' का मतलब उस फ़ीस से है जो अस्पताल, नर्सिंग होम, बोर्डिंग स्कूल या स्पोर्ट्स हॉस्टल जैसे संस्थान खाने, भोजन या विशेष पोषण के लिए लेते हैं।