Assam: असम के मेडिकल कॉलेजों-अस्पतालों में कितने पद खाली? राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने विधानसभा में दी जानकारी
Assam Medical Colleges: असम के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में स्वीकृत पदों का बड़ा हिस्सा खाली पड़ा है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल ने विधानसभा में बताया कि 14 मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 4,232 पद रिक्त हैं, जबकि रोजाना 15 हजार से ज्यादा मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
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Assam Medical Colleges: असम के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की कमी का मुद्दा विधानसभा में उठा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अशोक सिंघल ने शुक्रवार को सदन में जानकारी दी कि राज्य के 14 सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में स्वीकृत पदों में से 28 प्रतिशत से अधिक पद खाली हैं। इन संस्थानों में कुल 14,754 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से 4,232 पद अभी भी रिक्त पड़े हुए हैं।
कितने पद खाली हैं और स्थिति कितनी गंभीर है?
स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल ने कांग्रेस विधायक बेबी बेगम के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रिक्त पदों की संख्या कुल स्वीकृत पदों का बड़ा हिस्सा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ रहा है।
- राज्य में 14 सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल संचालित हैं।
- इन संस्थानों में कुल 14,754 पद स्वीकृत हैं।
- इनमें से 4,232 पद फिलहाल खाली हैं।
- यह कुल स्वीकृत पदों का 28 प्रतिशत से अधिक है।
मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों के कितने पद खाली हैं?
कांग्रेस विधायक आसिफ मोहम्मद नजर के सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि मेडिकल शिक्षा से जुड़े कई अहम पद भी खाली पड़े हैं। शिक्षकों की कमी का असर मेडिकल शिक्षा और प्रशिक्षण दोनों पर पड़ सकता है।
- प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 297 पद रिक्त हैं।
- ये पद मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण और प्रशिक्षण से जुड़े हैं।
- रिक्तियों का असर मेडिकल छात्रों की पढ़ाई पर भी पड़ सकता है।
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में रोज कितने मरीज पहुंच रहे हैं?
एक ओर जहां हजारों पद खाली हैं, वहीं दूसरी तरफ राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में मरीजों का दबाव लगातार बना हुआ है। स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल मिलकर हर दिन 15,205 मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
- सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में रोजाना 15,205 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
- गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) में प्रतिदिन 3,246 मरीज आते हैं।
- डिब्रूगढ़ स्थित असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रोज करीब 1,800 मरीजों का इलाज होता है।
- सिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 1,500 मरीज पहुंचते हैं।
- जोरहाट, बारपेटा और धुबरी मेडिकल कॉलेजों में रोजाना 1,000 से अधिक मरीज आते हैं।
मेडिकल कॉलेजों में छात्रों की सीटें कितनी हैं?
स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य में मेडिकल शिक्षा की स्थिति पर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 मेडिकल कॉलेजों में हर साल बड़ी संख्या में छात्रों को प्रवेश दिया जाता है। हालांकि, सबसे पुराने दो मेडिकल कॉलेजों में सबसे ज्यादा सीटें उपलब्ध हैं।
- राज्य के 14 मेडिकल कॉलेजों में कुल 1,825 छात्रों के वार्षिक प्रवेश की क्षमता है।
- गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हर साल 250 छात्रों को प्रवेश मिलता है।
- डिब्रूगढ़ स्थित असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भी 250 सीटें हैं।
- ये दोनों राज्य के सबसे पुराने मेडिकल संस्थान हैं।
क्या असम में नए मेडिकल कॉलेज भी बन रहे हैं?
राज्य सरकार स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए नए मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों का निर्माण भी कर रही है। मंत्री ने बताया कि आने वाले वर्षों में मेडिकल सुविधाओं का दायरा और बढ़ेगा।
- राज्य में 10 नए मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों का निर्माण जारी है।
- बोंगाईगांव, बिश्वनाथ और चराइदेव के मेडिकल कॉलेज जल्द तैयार होने की उम्मीद है।
- नए संस्थानों के शुरू होने से स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा दोनों को मजबूती मिलेगी।