DU: एसओएल से अगले साल से देश विदेश में बैठकर कर सकेंगे पढ़ाई, पांच कोर्स ऑनलाइन होंगे शुरू
DU SOL Online Courses 2027-28: डीयू स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग अगले साल से पांच पाठ्यक्रम ऑनलाइन शुरू करने की तैयारी में है। छात्र देश या विदेश में रहकर पढ़ाई कर सकेंगे। पढ़ाई और आंतरिक मूल्यांकन ऑनलाइन होगा, जबकि लिखित परीक्षा ऑफलाइन होगी। विदेशी परीक्षा केंद्र बड़ी चुनौती रहेगी।
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DU SOL Online Courses: दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) अब छात्रों को देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में रहकर भी पढ़ाई करने का अवसर देने की तैयारी कर रहा है। अगले साल से एसओएल के पांच पाठ्यक्रम ऑनलाइन शुरू किए जाएंगे। इससे छात्र देश के किसी भी हिस्से या विदेश में रहकर एसओएल से पढ़ाई कर सकेंगे। इसके लिए मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स (मूक्स) ई-लर्निंग मटेरियल तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मूक्स आधारित ई-लर्निंग सामग्री तैयार करने के लिए शिक्षाविदों से आवेदन मांगे गए हैं। इसमें पढ़ाई ऑनलाइन लेकिन परीक्षा ऑफलाइन होगी।
एसओएल में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से एमबीए, बीकॉम ऑनर्स, बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (बीएमएस), बीए ऑनर्स अंग्रेजी तथा बीएससी ऑनर्स कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रम ऑनलाइन मोड में शुरू होंगे। इसके लिए ई-लर्निंग सामग्री में वीडियो, ऑडियो, एनीमेशन, सिमुलेशन और वर्चुअल लैब जैसी ई-ट्यूटोरियल, पीडीएफ ई-बुक, टेक्स्ट, इंटरैक्टिव, शोध पत्र, केस स्टडी, ई-बुक, बहुविकल्पीय प्रश्न, असाइनमेंट सामग्री तैयार की जाएगी।
क्लासेज और लाइव डिस्कशन प्रज्ञान पोर्टल से होगी
ऑनलाइन पढ़ाई को प्रभावी बनाने के लिए एसओएल ने प्रज्ञान पोर्टल तैयार किया है। मूक्स तैयार होने पर पोर्टल पर इन्हें उपलब्ध करा दिया जाएगा। ऑनलाइन पढ़ाई को केवल रिकॉर्डेड लेक्चर तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं के साथ-साथ लाइव क्लासेज और लाइव डिस्कशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
डिजिटल शिक्षा प्रणाली की ओर ले जाने की कोशिश
एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो ने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई का मॉडल एसओएल को पारंपरिक ओपन लर्निंग व्यवस्था से आगे ले जाकर अधिक व्यापक डिजिटल शिक्षा प्रणाली की ओर ले जाने की कोशिश है। ऑनलाइन शिक्षा के लिए पोर्टल तैयार किया जा चुका है। एसओएल का यह कदम उन छात्रों के लिए फायदेमंद होगा जो नियमित कक्षाओं में शामिल नहीं हो पाते या कामकाजी हैं।
शिक्षकों से मांगे आवेदन
ऑनलाइन पाठ्यक्रमों को तैयार करने के लिए एसओएल ने शिक्षकों से आवेदन मांगे हैं। चयनित शिक्षक संबंधित विषयों का डिजिटल पाठ्यक्रम, अध्ययन सामग्री और ऑनलाइन शिक्षण सामग्री तैयार करेंगे।
विदेश में परीक्षा बड़ी चुनौती
विदेश में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए परीक्षा केंद्र की व्यवस्था एसओएल के सामने अहम चुनौती होगी। इसके समाधान के लिए एसओएल भारतीय दूतावासों से मदद लेने की तैयारी में है। इसके लिए दूतावासों को पत्र लिखा जाएगा कि विदेशों में छात्रों की लिखित परीक्षा किस स्थान और किस व्यवस्था के तहत कराई जा सकती है।
पढ़ाई व मूल्यांकन ऑनलाइन, परीक्षा ऑफलाइन
एसओएल की ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था में पढ़ाई, मूल्यांकन और परीक्षा के तरीके अलग-अलग होंगे। पाठ्यक्रम की पढ़ाई और आतंरिक मूल्यांकन ऑनलाइन होगा, लेकिन लिखित परीक्षा पेन-पेपर मोड में होगी। ऑफलाइन की तरह ही ऑनलाइन कक्षाएं होंगी और लाइव डिस्कशन होंगे।