Harvard Business Review: ऐसी प्रतिक्रिया दें, जो सीखने का अवसर बने; अधिकांश कर्मचारियों को होती ये आशा
अपमानजनक या कठोर प्रतिक्रिया कर्मचारियों के प्रदर्शन को सुधारने के बजाय उनके आत्मविश्वास और उत्पादकता को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया देते समय व्यक्तिगत टिप्पणी से बचते हुए सम्मानजनक और पेशेवर तरीके अपनाने चाहिए तथा प्रयासों की सराहना भी करनी चाहिए, ताकि कर्मचारी सुधार के लिए प्रेरित हों।
विस्तार
Harvard Business Review: नकारात्मक प्रतिक्रिया अगर अपमानजनक या किसी को नीचा दिखाने वाली हो, तो उसका परिणाम अक्सर उल्टा होता है। ऐसे में कर्मचारी अपने काम में सुधार करने के बजाय उस कठोर व्यवहार और बुरे अनुभव को ज्यादा समय तक याद रखते हैं। वहीं अधिकांश कर्मचारी ऐसी प्रतिक्रिया चाहते हैं, जो उन्हें अपनी गलतियों को समझने और बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करे। लेकिन जब प्रतिक्रिया बहुत कठोर या अपमानजनक होती है, तो इससे व्यक्ति को शर्मिंदगी महसूस होती है, उसका आत्मविश्वास कम हो जाता है और उसके काम की उत्पादकता भी प्रभावित होती है।
भावनात्मक प्रभाव
अगर किसी कर्मचारी को प्रतिक्रिया देते समय उस पर व्यक्तिगत टिप्पणी की जाए या कठोर शब्दों का इस्तेमाल किया जाए, तो वह सुधार करने के बजाय निराश हो सकता है और काम में उसकी रुचि कम हो जाती है। इससे उसके प्रदर्शन और कार्यस्थल के माहौल पर भी बुरा असर पड़ता है। इसलिए प्रतिक्रिया हमेशा सम्मान और समझदारी के साथ देनी चाहिए, ताकि कर्मचारी अपनी गलती समझकर सुधार कर सके और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित हो।
व्यक्तिगत टिप्पणी करने से बचें
प्रतिक्रिया देते समय व्यक्ति के स्वभाव पर नहीं, बल्कि उसके काम या व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए। जैसे 'तुम लापरवाह हो' कहने के बजाय यह कहना बेहतर है कि 'इस काम में कुछ गलतियां रह गई हैं, जिन्हें सुधारने की जरूरत है।' इससे व्यक्ति प्रतिक्रिया को आसानी से स्वीकार करता है और सुधार के लिए प्रेरित होता है।
प्रतिक्रिया पेशेवर तरीके से दें
प्रतिक्रिया देते समय केवल शब्द ही नहीं, बल्कि बोलने का तरीका, स्वर और समय भी महत्वपूर्ण होता है। यदि किसी को गलत समय पर या कठोर लहजे में प्रतिक्रिया दी जाए, तो वह नकारात्मक लग सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया शांत, सम्मानजनक और पेशेवर तरीके से देनी चाहिए, साथ ही ऐसा समय चुनना चाहिए जब सामने बाला व्यक्ति उसे समझने और स्वीकार करने के लिए तैयार हो। इससे संदेश स्पष्ट रूप से पहुंचता है और सुधार की संभावना बढ़ती है।
प्रयासों की भी सराहना करें
प्रतिक्रिया में गलतियों या कमियों पर ही ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि व्यक्ति के अच्छे काम और प्रयासों की भी सराहना करनी चाहिए। जब सुधार की जरूरत वाले बिंदुओं के साथ-साथ सकारात्मक और प्रोत्साहन देने वाली बातें भी कही जाती हैं, तो कर्मचारी को आलोचना कम कठोर लगती है। इससे उसका आत्मविश्वास बना रहता है और वह अपनी कमियों को सुधारने के लिए अधिक प्रेरित होता है।
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