Delhi School Nursery Admission: आज आएगी निजी स्कूलों में दाखिले की पहली सूची, 1.25 लाख बच्चे होंगे शामिल
Delhi School Admission 2026: दिल्ली के निजी स्कूलों में नर्सरी में दाखिले की पहली मेरिट सूची आज आएगी। शहर भर के 1,741 निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूल यह सूची जारी करेंगे। इस सूची में 1.25 लाख बच्चों के नाम शामिल हो सकते हैं।
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Delhi School Nursery Admission 2026: दिल्ली के निजी स्कूल शुक्रवार को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नर्सरी में दाखिले के लिए चयनित विद्यार्थियों की पहली सूची की घोषणा करेंगे। अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस सूची में लगभग 1.25 लाख बच्चों के नाम शामिल होने की संभावना है।
एक अधिकारी बताया कि शहरभर के 1,741 निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूल शुक्रवार को पहली सूची जारी करेंगे। इस सूची में वेटिंग लिस्ट सहित लगभग 1.25 लाख बच्चों के नाम शामिल होंगे।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी संशोधित प्रवेश संरचना के तहत, मूलभूत चरण में नर्सरी और किंडरगार्टन (केजी) शामिल हैं, जिसके बाद कक्षा 1 आती है।
आयु सीमा निर्धारित
शिक्षा निदेशालय ने बताया कि 2026-27 सत्र के लिए नर्सरी में दाखिले के लिए बच्चे की आयु 31 मार्च, 2026 तक कम से कम तीन वर्ष, केजी में दाखिले के लिए चार वर्ष और कक्षा 1 में दाखिले के लिए पांच वर्ष होनी चाहिए। विभाग ने कहा कि विद्यालय प्रमुख के विवेकानुसार, आयु में एक महीने तक की छूट दी जा सकती है।
- नर्सरी - 3 वर्ष
- केजी - 4 वर्ष
- कक्षा-1 - 5 वर्ष
प्रवेश कार्यक्रम के अनुसार, स्कूलों को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), वंचित समूह (DG) और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CwSN) की श्रेणियों को छोड़कर, ओपन सीटों के लिए अपने प्रवेश मानदंड और अंक 28 नवंबर तक अपलोड करने थे।
आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 27 दिसंबर थी। स्कूलों ने आस-पड़ोस की निकटता से लेकर भाई-बहनों और पूर्व छात्रों तक, कई मानदंडों को ध्यान में रखा। स्कूलों ने 9 जनवरी को सभी आवेदकों का विवरण अपलोड किया और 16 जनवरी तक अंक प्रणाली के तहत प्रत्येक बच्चे को आवंटित अंक जारी कर दिए।
दूसरी सूची 9 फरवरी को
प्रवेश सूची और प्रतीक्षा सूची शुक्रवार को जारी की जाएगी, जिसके बाद दूसरी सूची 9 फरवरी को जारी की जाएगी। शिक्षा विभाग के अनुसार, अभिभावक 24 जनवरी से 3 फरवरी के बीच अंकों के आवंटन के संबंध में स्पष्टीकरण प्राप्त कर सकते हैं। प्रवेश प्रक्रिया 19 मार्च को समाप्त होगी।
नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने और शिकायतों के निवारण के लिए जिला स्तरीय निगरानी प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है। इसमें कहा गया है कि यदि आवश्यक हो तो लॉटरी का संचालन अभिभावकों की उपस्थिति में किया जाना चाहिए और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग की जानी चाहिए।
विभाग ने आगे स्पष्ट किया कि स्कूल केवल 25 रुपये का अप्रतिदेय पंजीकरण शुल्क ही वसूल सकते हैं और उन्हें कैपिटेशन फीस वसूलने या अभिभावकों को प्रॉस्पेक्टस खरीदने के लिए मजबूर करने की अनुमति नहीं है।