DU: कम नामांकन वाले भाषा पाठ्यक्रम हो सकते हैं मर्ज; उर्दू-अरबी, फारसी समेत इन लैंग्वेज कोर्सेज पर रहेगा फोकस
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) कम नामांकन वाले कुछ भाषा पाठ्यक्रमों में बदलाव की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार, उर्दू, अरबी, फारसी समेत कुछ भाषाओं को अन्य विषयों के साथ जोड़कर नए BA प्रोग्राम कॉम्बिनेशन बनाए जा सकते हैं। इस संबंध में जल्द ही आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।
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DU Admission 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) इस सप्ताह कई BA प्रोग्राम के संशोधित कॉम्बिनेशन की घोषणा कर सकती है। इसके साथ ही, कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS-UG) के तहत स्नातक प्रवेश प्रक्रिया का दूसरा चरण भी शुरू होने वाला है। वर्तमान में एडमिशन का पहला चरण जारी है और छात्र CSAS पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर रहे हैं।
यूनिवर्सिटी यह कदम उन कोर्स में सीटों के कम भरे जाने की समस्या को दूर करने के लिए उठा रही है, जिनकी मांग पिछले कुछ वर्षों से लगातार कम रही है। अंडरग्रेजुएट एडमिशन का पहला चरण चल रहा है और यूनिवर्सिटी CSAS पोर्टल के जरिए रजिस्ट्रेशन मंगा रही है। एडमिशन डीन हनीत गांधी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों के एडमिशन ट्रेंड का विश्लेषण करने के बाद बदले हुए प्रोग्राम कॉम्बिनेशन को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
गांधी ने PTI को बताया, "हम BA प्रोग्राम कॉम्बिनेशन में कुछ बदलाव करने जा रहे हैं, क्योंकि कुछ कॉम्बिनेशन में बदलाव किया जाएगा। हमने पिछले कुछ वर्षों के डेटा और ट्रेंड का विश्लेषण किया है। यह फैसला पूरी तरह से डेटा पर आधारित है। दूसरे चरण की शुरुआत के साथ ही इस हफ्ते जानकारी जारी कर दी जाएगी।"
कम मांग वाले विषयों को लोकप्रिय कोर्सों के साथ जोड़ने की तैयारी
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने उन BA कोर्सों में दाखिले बढ़ाने के लिए एक समिति बनाई थी, जिनमें पिछले कुछ वर्षों से कम छात्र प्रवेश ले रहे हैं। समिति ने सुझाव दिया है कि कॉलेज अपने मौजूदा विषय संयोजनों की समीक्षा करें और कम मांग वाले विषयों को लोकप्रिय विषयों के साथ जोड़ें, ताकि इन कोर्सों में अधिक छात्र दाखिला लें।
समिति ने उर्दू, अरबी, फारसी, बंगाली और तेलुगु जैसी भाषाओं को दूसरे विषयों के साथ जोड़कर नए BA प्रोग्राम बनाने का भी सुझाव दिया है। अधिकारियों के अनुसार, डीयू के 67 कॉलेजों में चलने वाले 73 अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम और 100 से अधिक BA प्रोग्राम कॉम्बिनेशन में प्रवेश CUET-UG 2026 के अंकों के आधार पर दिया जाएगा। इसके लिए छात्रों को संबंधित कोर्स की पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
CSAS-UG फेज-2 में क्या करना होगा?
- शुरुआती रजिस्ट्रेशन पूरा करने के बाद उम्मीदवारों को CSAS-UG के दूसरे चरण में भाग लेना होगा।
- दूसरे चरण में छात्रों को कोर्स (प्रोग्राम) और कॉलेज की प्राथमिकताएं (Preferences) भरनी होंगी।
- उम्मीदवारों को अपने CUET-UG विषयों को 12वीं कक्षा में पढ़े गए विषयों के साथ मैप (Match) करना होगा।
- यूनिवर्सिटी केवल उन्हीं भाषा और डोमेन-विशिष्ट CUET पेपर को मान्य मानेगी, जो 12वीं में पढ़े गए विषयों से संबंधित हैं।
- विषय मैपिंग के आधार पर यह तय किया जाएगा कि उम्मीदवार किन-किन प्रोग्रामों के लिए पात्र (Eligible) हैं।
- पात्रता तय होने के बाद ही छात्रों को कोर्स और कॉलेज की पसंद भरने का अवसर मिलेगा।
- डीयू ने बताया है कि CSAS-UG दूसरे चरण का पूरा शेड्यूल जल्द जारी किया जाएगा।