Maharashtra TET Leak: पटना में मास्टरमाइंड की पत्नी गिरफ्तार; बिजेंद्र गुप्ता की तलाश तेज; पुलिस जांच में जुटी
Maharashtra TET Leak: महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना से कथित मास्टरमाइंड की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस का दावा है कि बिहार निवासी बिजेंद्र गुप्ता इस पूरे नेटवर्क का सरगना है।
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Maharashtra TET Leak: महाराष्ट्र टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पेपर लीक मामले की जांच में तेजी आई है। इस मामले के कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन कुमारी को पटना से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस परीक्षा का पेपर लीक करने और उससे जुड़े पैसों के लेन-देन में उनकी संदिग्ध भूमिका के बारे में उनसे पूछताछ कर रही है।
महाराष्ट्र पुलिस और पटना पुलिस के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सुमन कुमारी को पटना से गिरफ्तार किया गया और अभी उनसे पूछताछ की जा रही है। जांचकर्ताओं को शक है कि सुमन कुमारी ने कथित पेपर लीक ऑपरेशन से जुड़े पैसों के लेन-देन को संभालने में भूमिका निभाई थी।
पूछताछ में सामने आ सकते हैं पैसों के लेन-देन और पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े कई अहम राज
पुलिस को शक है कि TET पेपर लीक होने के बाद सुमन कुमारी अपने पति बिजेंद्र गुप्ता और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों के संपर्क में थीं।
जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि सुमन कुमारी से पूछताछ के दौरान पैसों के लेन-देन और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
सुमन की गिरफ्तारी से पहले महाराष्ट्र पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों - पटना के राजीव शाह और आकाश कुमार, तथा हरियाणा के पानीपत निवासी धीरज कुमार को भी गिरफ्तार किया था।
पुलिस के मुताबिक, इन तीनों से पूछताछ के दौरान बिजेंद्र गुप्ता का नाम इस पूरे पेपर लीक मामले के कथित मास्टरमाइंड के रूप में सामने आया।
मुख्य आरोपी की तलाश में कई राज्यों में छापेमारी
बिजेंद्र गुप्ता की गिरफ्तारी के लिए पुलिस बिहार, दिल्ली, हरियाणा और आगरा समेत कई जगहों पर लगातार छापेमारी कर रही है। वह बिहार के समस्तीपुर जिले के शेरपुर गांव का रहने वाला है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि पेपर लीक नेटवर्क को चलाने और पूरे मामले की योजना बनाने में उसकी अहम भूमिका थी।
बिजेंद्र के पिता बालेश्वर गुप्ता ने बताया कि पढ़ाई के लिए गांव छोड़ने के बाद से परिवार का उससे ज्यादा संपर्क नहीं रहा। उन्होंने कहा कि परिवार को उसके कामकाज के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
पिता के मुताबिक, पेपर लीक मामले में बेटे का नाम सामने आने के बाद पूरा परिवार परेशान है। वहीं, पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार बिजेंद्र गुप्ता का नाम पहले भी कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है।
वित्तीय रिकॉर्ड और कॉल डिटेल्स खंगाल रही पुलिस
जांच एजेंसियों के मुताबिक, बिजेंद्र गुप्ता का नाम वर्ष 2003 में दर्ज एक हत्या के मामले में भी सामने आ चुका है। इसके अलावा, NEET-UG और ओडिशा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक मामलों की जांच में भी उसका नाम जुड़ा रहा है।
हालांकि, ये सभी बातें पुलिस जांच का हिस्सा हैं और मामले की जांच अभी जारी है।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए महाराष्ट्र पुलिस की कई टीमें बिहार में डेरा डाले हुए हैं। वहीं, जांचकर्ता वित्तीय लेन-देन, कॉल रिकॉर्ड और नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और सबूत सामने आ सकते हैं, जिसके बाद अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।