School Safety: स्कूलों में दुर्घटना वाले ब्लैक स्पॉट खत्म हों, बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर दें ध्यान: आशीष
Children Mental Health: शिक्षा मंत्री आशीष संवाद कार्यक्रम के तहत ई-रिक्शा से सरकारी स्कूल पहुंचे और स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्कूल परिसरों में दुर्घटना की आशंका वाले कोई ब्लैक स्पॉट नहीं होने चाहिए तथा बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
School Safety: दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा है कि स्कूलों में दुर्घटना की आशंका वाले कोई ब्लैक स्पॉट नहीं होने चाहिए। स्कूलों में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाए। शिक्षा मंत्री ने स्कूलों के आसपास इग्स के बढ़ते खतरे पर चिंता जताने के साथ ही खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद मंगलवार को शिक्षा निदेशालय की ओर से सूरजमल विहार स्थित सीएम श्री स्कूल में (ईस्ट जोन-1 एवं जोन-2) में आयोजित संवाद कार्यक्रम में प्राचार्यों और स्कूल प्रमुखों से रूबरू थे। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आईएनए से कड़कड़डूमा कोर्ट तक दिल्ली मेट्रो से यात्रा की। इसके बाद मेट्रो स्टेशन से सीएम श्री स्कूल ई-रिक्शा से पहुंचे।
शिक्षकों की गैर-शैक्षणिक ड्यूटी से पढ़ाई प्रभावित
संवाद में मंत्री आशीष सूद ने शैक्षणिक वातावरण, विद्यार्थियों की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा, स्कूल संसाधन, स्वच्छता, सुरक्षा तथा अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, खेल सुविधाओं, स्वच्छ पेयजल, शौचालयों तथा डिजिटल शिक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों और प्रधानाचायों से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव देने का भी आग्रह किया।
माना-बीएलओ ड्यूटी व अन्य कामों में शिक्षकों को लगाने से पढ़ाई प्रभावित होती है। मंत्री ने कहा कि वर्तमान में अधिकांश प्रशिक्षण कार्यक्रम शैक्षणिक सत्र के दौरान आयोजित होते हैं जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। सरकार अब इस दिशा में विचार कर रही है कि शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को चरणबद्ध तरीके से गर्मी की छुट्टियों में आयोजित किया जाए तथा उनका शेडयूल पहले से जारी किया जाए ताकि शिक्षक अपनी योजनाएं उसी अनुरूप बना सके।
उन्होंने स्वीकार किया कि बीएलओ क्यूटी और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों के कारण शिक्षकों का समय प्रभावित होता है, लेकिन सरकार प्रयासरत है कि स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता और उपयोग अधिक प्रभावी तरीके से सुनिश्चित किया जा सके।