FIITJEE: ऑफलाइन कक्षाएं बंद होने के बाद प्रभावित छात्रों को फीस लौटाएगा फिटजी; जून में शुरू होगी प्रक्रिया
पिछले साल ऑफलाइन कक्षाएं बाधित होने के बाद चर्चा में रहे कोचिंग संस्थान फिटजी ने प्रभावित विद्यार्थियों के अभिभावकों को अनुपातिक फीस लौटाने की घोषणा की है। संस्थान ने कहा है कि जून 2026 के अंत तक रिफंड प्रक्रिया शुरू की जाएगी और इसका संचालन दिल्ली स्थित कॉरपोरेट कार्यालय करेगा।
विस्तार
FIITJEE Fee Refund: कोचिंग संस्थान फिटजी (FIITJEE) ने ऑफलाइन कक्षाओं में आई रुकावट के बाद प्रभावित अभिभावकों को अनुपातिक फीस लौटाने की घोषणा की है। संस्थान ने इस घटनाक्रम पर खेद व्यक्त करते हुए कहा है कि वह प्रभावित परिवारों को रिफंड देने के लिए प्रतिबद्ध है। एक ईमेल पता भी जारी किया गया है, जिसके माध्यम से प्रभावित छात्रों के अभिभावक रिफंड से संबंधित समस्याओं पर संवाद कर सकते हैं। यह भी कहा गया है कि परिस्थितियां असाधारण और संस्थान के नियंत्रण से बाहर थीं।
जून 2026 से शुरू हो सकती है रिफंड प्रक्रिया
संस्थान के अनुसार, जिन छात्रों को पहले चरण में रिफंड नहीं मिल सका, उन्हें अनुपातिक फीस बाद में लौटाई जाएगी। प्रभावित अभिभावकों को वर्ष 2026 के अंत जून तक फीस लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। रिफंड की जिम्मेदारी केवल दिल्ली स्थित कॉरपोरेट कार्यालय की होगी। स्थानीय केंद्रों या उनके अधिकारियों की इसमें कोई भूमिका नहीं रहेगी।
संस्थान ने स्पष्ट किया है कि यदि 15 जून 2026 तक अभिभावकों को रिफंड राशि के संबंध में सटीक जानकारी नहीं मिलती है, तो वे 16 जून 2026 से refunds@fiitjee.com पर ईमेल कर सकते हैं।
ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखने का दावा
वर्ष 2025 में उत्पन्न परिस्थितियों के कारण कुछ केंद्रों पर ऑफलाइन कक्षाएं दोबारा शुरू नहीं हो सकीं। संस्थान ने इस स्थिति के लिए 'पूर्व नियोजित साजिश से बने शत्रुतापूर्ण माहौल' को जिम्मेदार बताया है। पत्र में यह भी कहा गया है कि कुछ लोगों ने यह प्रचार किया कि संबंधित केंद्र को किसी अन्य संस्था को बेच दिया गया है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी।
पत्र में कहा गया है कि ऑफलाइन कक्षाएं बाधित होने के बावजूद पढ़ाई जारी रखने के लिए तुरंत ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था की गई थी। संस्थान का दावा है कि बड़ी संख्या में छात्रों ने ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई जारी रखी और लाभ उठाया।
फ्रेंचाइजी मॉडल से विस्तार की योजना
संस्थान ने अपने पुनर्गठन की जानकारी देते हुए बताया है कि भविष्य में केंद्रों का संचालन उद्यमियों के साथ साझेदारी में किया जाएगा। इसके तहत 'फिटजी यूनिवर्स फ्रेंचाइज नेटवर्क' के माध्यम से नए केंद्र, वर्ल्ड स्कूल और जूनियर कॉलेज संचालित करने की योजना है।
अभिभावकों को फ्रेंचाइज अवसरों के लिए लोगों को रेफर करने का प्रस्ताव भी दिया गया है। इसके बदले चयनित आवेदक के सेटअप शुल्क का 25 प्रतिशत और अन्य निर्धारित शुल्क का 1 प्रतिशत प्रोत्साहन देने की बात कही गई है।
क्या था मामला?
वर्ष 2025 में कुछ केंद्रों पर कक्षाएं अचानक बाधित होने के बाद कई अभिभावकों ने चिंता जताई थी। सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर इस मुद्दे को लेकर बहस हुई थी। कई अभिभावकों ने फीस वापसी और शैक्षणिक नुकसान को लेकर सवाल उठाए थे। मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना था।
हालांकि, संस्थान ने इसे असाधारण परिस्थिति बताया और कहा कि यह स्थिति अनजाने में बनी तथा इसका उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं था।
संस्थान का पक्ष
फिटजी (FIITJEE) ने कहा है कि जो कुछ हुआ वह अनजाने में हुआ और उसका उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं था। संस्थान ने सत्य, पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के मूल्यों के साथ पुनर्निर्माण की बात कही है। संस्थान ने अपने लंबे शैक्षणिक रिकॉर्ड और विभिन्न इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा है कि अब उसका फोकस संरचित पुनरुत्थान और दीर्घकालिक संस्थागत मजबूती पर है।
पत्र के अंत में संस्थान ने शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा है कि वह छात्रों और अभिभावकों का विश्वास दोबारा स्थापित करने के लिए प्रयासरत है।