JMI: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 30 नए कोर्स शुरू, आवेदन की आखिरी तारीख 25 मार्च, फीस में नहीं हुआ बदलाव
JMI: जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने 2026-27 सत्र के लिए 30 नए कोर्स शुरू किए हैं। यूजी, पीजी और डिप्लोमा कोर्सेज के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 25 मार्च है। फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है और एनईपी 2020 के तहत मल्टीपल एंट्री सिस्टम लागू होगा।
विस्तार
JMI: जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अपने पाठ्यक्रमों में बड़ा विस्तार करते हुए 30 नए प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा की है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इन नए कोर्सेज के साथ छात्रों को विभिन्न विषयों में अधिक विकल्प मिलेंगे।
विश्वविद्यालय ने अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्सेज में प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 25 मार्च 2026 तय की है। इच्छुक उम्मीदवारों को निर्धारित समय के भीतर आवेदन पूरा करने की सलाह दी गई है।
20 फरवरी से शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी है, जब विश्वविद्यालय ने अपना प्रॉस्पेक्टस जारी किया था। नए शुरू किए गए प्रमुख कोर्सेज में शामिल हैं:
- बीए (Hons) जापानी स्टडीज, जर्मन स्टडीज, उज़्बेक भाषा, साहित्य एवं संस्कृति
- बीए (Hons) ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट
- एमएससी (रिन्यूएबल एनर्जी)
- बीटेक (रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस)
- बीटेक सिविल इंजीनियरिंग (कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी)
आवेदन से जुड़ी अहम जानकारी
- प्रवेश परीक्षा वाले कोर्सेज के लिए आवेदन की अंतिम तारीख: 25 मार्च 2026
- FYUP (मल्टीपल एंट्री मोड) के तहत आवेदन: 10 अप्रैल 2026 तक (सीट खाली होने पर)
फीस में नहीं हुआ कोई बदलाव
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि 2026-27 सत्र के लिए किसी भी कोर्स की फीस में बढ़ोतरी नहीं की गई है। साथ ही, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत फोर-ईयर अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (FYUP) में मल्टीपल एंट्री सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे छात्रों को पढ़ाई में अधिक लचीलापन मिलेगा।
नए एग्जाम सेंटर और अंतरराष्ट्रीय छात्रों को राहत
देशभर के छात्रों की सुविधा के लिए जामिया ने जयपुर, देहरादून और किशनगंज में तीन नए परीक्षा केंद्र जोड़े हैं। इसके साथ कुल परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है।
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित करने के लिए विश्वविद्यालय ने विदेशी छात्रों की फीस में कमी की है। SAARC, पश्चिम एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के छात्रों के लिए अलग-अलग फीस संरचना लागू की गई है।
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