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Hindi News ›   Education ›   MH-CET 2026 Row: Police Complaint Filed After Viral Audio Claims ₹12 Lakh for ‘Special’ Exam Centre

MH CET: स्पेशल केंद्र दिलाने का ऑडियो वायरल, 12 लाख में क्या सौदा होने का दावा? सीईटी सेल ने दर्ज कराई एफआईआर

Tue, 28 Jul 2026 02:14 PM IST
Akash Kumar पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: Akash Kumar Updated Tue, 28 Jul 2026 02:14 PM IST
सार

MH-CET 2026 Row: महाराष्ट्र एमएच सीईटी 2026 में 12 लाख रुपये लेकर 'स्पेशल' परीक्षा केंद्र दिलाने का दावा करने वाला एक कथित ऑडियो वायरल हुआ है। सीईटी सेल ने मामले में साइबर सेल और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, विपक्ष और अभिभावकों ने परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
 

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MH-CET 2026 Row: Police Complaint Filed After Viral Audio Claims ₹12 Lakh for ‘Special’ Exam Centre
MH CET 2026 Row - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

MH CET 2026 Row: महाराष्ट्र कॉमन एंट्रेंस टेस्ट 2026 को लेकर नया विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो क्लिप वायरल हुई है, जिसमें एक महिला इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा के अभ्यर्थी के अभिभावक को करीब 12 लाख रुपये लेकर "स्पेशल" परीक्षा केंद्र दिलाने और बेहद ऊंचा पर्सेंटाइल दिलाने का दावा करती सुनाई दे रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए महाराष्ट्र सीईटी सेल ने राज्य साइबर सेल और मुंबई के आजाद मैदान पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

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सीईटी सेल ने क्या कहा?

महाराष्ट्र सीईटी सेल के आयुक्त और सीईओ दिलीप सरदेसाई ने कहा कि ऑडियो क्लिप की सत्यता की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर आजाद मैदान पुलिस (मुंबई में) के पास और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीईटी सेल को इस ऑडियो से जुड़ी कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है।

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क्या छात्र परीक्षा केंद्र चुन सकते हैं?

दिलीप सरदेसाई ने परीक्षा केंद्र आवंटन प्रक्रिया को लेकर लगे आरोपों को खारिज किया। उन्होंने बताया:

  • उम्मीदवार केवल चार पसंदीदा परीक्षा शहर चुन सकते हैं। 
  • महिला उम्मीदवार अपने जिले के भीतर केंद्र का विकल्प चुन सकती हैं।
  • परीक्षा से एक सप्ताह पहले केवल परीक्षा शहर की जानकारी दी जाती है, जबकि केंद्र का नाम और पता परीक्षा से दो दिन पहले जारी किया जाता है। 
  • अंतिम परीक्षा केंद्र कंप्यूटर आधारित रैंडम प्रक्रिया से तय होता है और इसमें उम्मीदवार की कोई भूमिका नहीं होती।
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संदिग्ध मामलों की होगी जांच

सरदेसाई ने कहा कि जिन उम्मीदवारों पर संदेह जताया जा रहा है, उनके मामलों का विश्लेषण किया जाएगा। हालांकि, केवल सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी के आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि अधिक पर्सेंटाइल पाने वाले छात्रों ने कोई अनियमितता की है।

कांग्रेस ने उठाए सवाल

महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता बालाजी गाडे ने दावा किया कि नांदेड़ के एक भाजपा पार्षद के बेटे और बेटी को कक्षा 12 में भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित (PCM) में क्रमशः 56 प्रतिशत और 51 प्रतिशत अंक मिले थे।

उन्होंने कहा कि दोनों छात्रों ने JEE में 51 प्रतिशत और 28 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, लेकिन एमएच-सीईटी में दोनों का 99 पर्सेंटाइल आया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रश्नपत्र पहले से उपलब्ध कराया गया था और इसकी जांच होनी चाहिए।

लाखों छात्रों की परीक्षा पर सवाल नहीं उठाए जा सकते: सीईटी सेल

सरदेसाई ने कहा कि इस वर्ष 4.63 लाख छात्रों ने एमएच-सीईटी परीक्षा दी थी। इनमें से 2.35 लाख छात्रों ने केंद्रीकृत प्रवेश प्रक्रिया (CAP) में भाग लिया, जबकि 2.29 लाख छात्र सीएपी का हिस्सा नहीं बने।

उन्होंने बताया कि सीएपी से बाहर रहने वाले छात्रों में भी करीब 25,000 अभ्यर्थियों ने 80 पर्सेंटाइल से अधिक और 4,319 छात्रों ने 95 पर्सेंटाइल से अधिक अंक हासिल किए हैं। इसलिए कुछ मामलों के आधार पर पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

अभिभावकों और छात्रों ने मांगी स्वतंत्र जांच

परभणी जिले के कुछ अभिभावकों ने परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया और स्वतंत्र जांच की मांग की। एक अभिभावक ने दावा किया कि मार्च में हुई 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में लगभग 50% अंक पाने वाले कई छात्रों ने दो महीने के भीतर आयोजित MH-CET में लगभग 99 परसेंटाइल हासिल किए। अभिभावक ने दावा किया, "इसमें जरूर कोई रैकेट शामिल होगा, राज्य सरकार को इसकी जांच करनी चाहिए।"

छात्रों ने यह भी कहा कि कथित अनियमितताओं से असली उम्मीदवारों को नुकसान हो रहा है। एक छात्र ने कहा, "12वीं बोर्ड परीक्षा और एमएच सीईटी का सिलेबस लगभग एक जैसा है। फिर भी, जिन छात्रों के फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स में कम मार्क्स थे, उन्होंने एमएच सीईटी परीक्षा में बहुत अच्छा स्कोर किया है। इससे टॉप कॉलेजों में एडमिशन पर असर पड़ेगा।"

एक और छात्र ने बताया कि उसने क्लास 10 में 93 परसेंट और क्लास 12 में 86 परसेंट मार्क्स हासिल किए थे। उसने MH-CET में 99.32 परसेंटाइल स्कोर किया। फिर भी, टॉप स्कोरर्स की बहुत ज़्यादा संख्या के कारण उसके एडमिशन की संभावनाएं कम हो गईं।

छात्र ने कहा, "पिछले साल के ट्रेंड के आधार पर, मुझे उम्मीद थी कि मेरा परसेंटाइल लगभग 99.4 होगा और रैंक 2,000 के आसपास होगी। अब मेरी रैंक गिरकर लगभग 3,000 हो गई है। इससे किसी अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन मिलने की मेरी संभावनाएँ कम हो गई हैं।"

 

शिक्षकों ने भी जताई चिंता

शिक्षक दिनेश कुमार गुप्ता ने भी परिणामों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कक्षा 12 की परीक्षा की तुलना में एमएच-सीईटी का स्तर जेईई मेन के बराबर माना जाता है। ऐसे में बोर्ड परीक्षा में कम अंक पाने वाले कुछ छात्रों का लगभग 100 पर्सेंटाइल हासिल करना जांच का विषय होना चाहिए।

नतीजों के बारे में उन्होंने कहा, "जो छात्र बोर्ड परीक्षा में अच्छा स्कोर नहीं कर पाए, उनके लिए एमएच सीईटी में बहुत ज्यादा स्कोर करना आम तौर पर मुश्किल होता है। फिर भी, ऐसे लगभग 200 छात्र हैं जिन्होंने 12वीं क्लास में 38 से 40 प्रतिशत अंक हासिल किए, लेकिन एमएच सीईटी में लगभग 100 परसेंटाइल स्कोर किया। इन मामलों की जांच की जानी चाहिए।"

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