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CDSCO: एआई मेडिकल सॉफ्टवेयर के नए नियमों से खुला रास्ता, छोटे बदलावों पर बार-बार लाइसेंस की जरूरत नहीं

Tue, 28 Jul 2026 01:15 PM IST
Akash Kumar ब्यूरो, अमर उजाला
ब्यूरो, अमर उजाला Published by: Akash Kumar Updated Tue, 28 Jul 2026 01:15 PM IST
सार

देश में मेडिकल सॉफ्टवेयर के लिए नए नियम लागू हो गए हैं। अब छोटे तकनीकी बदलावों पर बार-बार नया लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं होगी। नई गाइडलाइन एआई आधारित मेडिकल सॉफ्टवेयर की सुरक्षा, गुणवत्ता, निगरानी और लाइसेंस प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और आसान बनाएगी।
 

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AI Medical Software Rules: India Issues New Guidelines, Eases Licensing for Minor Software Updates
AI Medical Software Rules - फोटो : AI Generated

विस्तार

देश में मेडिकल सॉफ्टवेयर को सुरक्षित और तय नियमों के तहत इस्तेमाल करने के लिए केंद्रीय औषधि नियामक संगठन (सीडीएससीओ) ने मेडिकल डिवाइस सॉफ्टवेयर (एमडीएसडब्ल्यू) के लिए अंतिम गाइडलाइन जारी कर दी है। यह 21 जुलाई से लागू हो गई है। 

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औषधि महानियंत्रक डॉ. राजीव रघुवंशी की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि यह गाइडलाइन मेडिकल डिवाइस नियम-2017 (एमडीआर-2017) के तहत मेडिकल सॉफ्टवेयर से जुड़े नियमों को साफ करती है। 
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इसमें सॉफ्टवेयर की श्रेणी, सुरक्षा, गुणवत्ता, जरूरी दस्तावेज और बाजार में आने के बाद उसकी निगरानी के नियम बताए गए हैं। कंपनियों और दूसरे सभी संबंधित पक्षों से कहा गया है कि मंजूरी के लिए आवेदन करते समय इसी गाइडलाइन का पालन करें।

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ये मिलेगी बड़ी राहत

नई गाइडलाइन में अब कंपनियों को सॉफ्टवेयर में छोटे बदलावों के लिए नया लाइसेंस नहीं लेना पड़ेगा। अब एल्गोरिद्म जैसे अपडेट भी लागू किए जा सकेंगे। साथ ही टेस्ट लाइसेंस और व्यावसायिक लाइसेंस लेने की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में आसान और स्पष्ट कर दी गई है।

मेडिकल सॉफ्टवेयर की दो नई श्रेणियां

  • सॉफ्टवेयर इन मेडिकल डिवाइस: वह सॉफ्टवेयर है, किसी मेडिकल मशीन के अंदर लगा होता है और उसे मशीन को चलाता है। जैसे पेसमेकर, ब्लड प्रेशर मशीन या इंसुलिन पंप का सॉफ्टवेयर। इस पर वही नियम लागू होंगे जो उस मशीन पर लागू हैं।
  • सॉफ्टवेयर ऐज मेडिकल डिवाइस: ऐसा सॉफ्टवेयर है, जो बिना किसी मेडिकल मशीन के भी काम करता है। जैसे एक्स-रे देखकर टीबी की पहचान करने वाला सॉफ्टवेयर, कैंसर का मरीज के आंकड़ों पर इलाज की सलाह देने वाला क्लाउड आधारित सॉफ्टवेयर।

नई गाइडलाइन क्यों जरूरी है?

अस्पतालों और क्लीनिकों में मेडिकल सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। एआई आधारित जांच, बीमारी की निगरानी और इलाज में इनकी भूमिका लगातार बढ़ रही है। लेकिन मेडिकल डिवाइस नियम-2017 मुख्य रूप से मेडिकल मशीनों को ध्यान में रखकर बनाए गए थे। इसलिए सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनियों, आयातकों और शोधकर्ताओं को कई बातों में परेशानी होती थी।

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