NCERT: ग्रेजुएशन से लेकर डॉक्टरेट तक की डिग्रियां देगा एनसीईआरटी; शिक्षा मंत्रालय ने दी मंजूरी
NCERT: एनसीईआरटी को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिल गया है। अब संस्थान डिप्लोमा, ग्रेजुएशन, पोस्टग्रेजुएशन और डॉक्टरेट स्तर के कोर्स संचालित करेगा। शिक्षा मंत्रालय ने मंजूरी दी है, जिससे उच्च शिक्षा और रिसर्च कार्यक्रमों को बढ़ावा मिलेगा।
विस्तार
NCERT: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) अब छात्रों को विभिन्न शैक्षणिक पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट स्तर की डिग्रियां भी प्रदान कर सकेगा। संस्थान को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिल गया है, जिसके बाद यह विभिन्न कोर्स संचालित करने के लिए अधिकृत हो गया है। इस संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने औपचारिक मंजूरी दे दी है।
इस नए दर्जे के तहत एनसीईआरटी अब अपने पाठ्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थियों को डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी जैसी डिग्रियां प्रदान करेगा। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप उठाया गया है। साथ ही, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के निर्धारित प्रावधानों के तहत एनसीईआरटी को ऑफ-कैंपस और ऑफशोर केंद्र स्थापित करने की अनुमति भी होगी।
छह घटक इकाइयों के साथ मिलकर करेगा काम
शिक्षा मंत्रालय ने इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना के मुताबिक, यूजीसी अधिनियम 1956 की धारा 3 के अंतर्गत यूजीसी की सिफारिश पर एनसीईआरटी को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा प्रदान किया गया है। इस मान्यता के बाद अब एनसीईआरटी अपनी छह घटक इकाइयों के साथ मिलकर एक डीम्ड यूनिवर्सिटी के रूप में कार्य करेगा।
एनसीईआरटी की इन इकाइयों में रीजनल इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशन, अजमेर; नॉर्थ ईस्ट रीजनल इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशन, शिलांग; रीजनल इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशन, मैसूर; पंडित सुंदरलाल शर्मा सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ वोकेशनल एजुकेशन तथा रीजनल इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशन, भुवनेश्वर शामिल हैं। इस दर्जे के मिलने के बाद एनसीईआरटी अब एक उच्च शिक्षण संस्थान के रूप में विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित करेगा और छात्रों को मान्यता प्राप्त डिग्रियां प्रदान करेगा।
जनवरी में समिति ने की थी सिफारिश
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इसी वर्ष जनवरी में यूजीसी ने विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को मंजूरी दी थी, जिसमें एनसीईआरटी को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा देने की अनुशंसा की गई थी।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि एनसीईआरटी और उसके क्षेत्रीय संस्थानों को सभी निर्धारित मानकों को पूरा करने के बाद ही यह दर्जा प्रदान किया गया है। जारी अधिसूचना में संस्थान को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप अनुसंधान कार्यक्रम, डॉक्टोरल अध्ययन और नवाचार आधारित शैक्षणिक पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं।
इस पूरी प्रक्रिया को पूरा होने में करीब तीन वर्ष का समय लगा। इसकी शुरुआत यूजीसी पोर्टल पर एनसीईआरटी द्वारा आवेदन जमा करने के साथ हुई थी। इसके बाद अगस्त 2023 में लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया। नवंबर 2025 में एनसीईआरटी ने अनुपालन रिपोर्ट यूजीसी को सौंपी, जिसे विशेषज्ञ समिति ने स्वीकृति दी। अब शिक्षा मंत्रालय की अधिसूचना के बाद संस्थान आधिकारिक रूप से डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट स्तर के पाठ्यक्रम संचालित कर सकेगा।