NEET exam row: नीट परीक्षा विवाद के बीच संसदीय समिति की बैठक, निगरानी संस्थाओं की जवाबदेही पर चर्चा
NEET exam row: नीट परीक्षा से जुड़े विवादों और परीक्षा प्रणाली पर उठे सवालों के बीच स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक हुई। बैठक में रेगुलेटरी संस्थाओं की कार्यक्षमता, जवाबदेही और परीक्षा संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा की गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
NEET: गुरुवार को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक में NEET-UG परीक्षा के आयोजन को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत काम करने वाली रेगुलेटरी संस्थाओं के कामकाज की समीक्षा की गई। बैठक में परीक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और संस्थाओं की जवाबदेही जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने समिति के सामने अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए। समिति ने परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा की।
NTA से मांगी गई लिखित रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार, समिति ने NEET-UG परीक्षा के संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया और NTA के कामकाज में सुधार के लिए कई सुझाव दिए। साथ ही, संबंधित अधिकारियों से इन मुद्दों पर विस्तृत लिखित रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा गया है।
सूत्रों ने बताया कि NEET विवाद पर इससे पहले भी दो अन्य संसदीय समितियां चर्चा कर चुकी हैं। इन बैठकों में स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा NTA, नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) और NEET पेपर लीक मामले की जांच कर रही CBI के अधिकारियों को भी बुलाया गया था। बैठक के दौरान स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संबंधी संसदीय समिति ने सरकारी और निजी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक किफायती और आम लोगों की पहुंच में बनाने के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा की।
बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
- बैठक के दौरान 'एक देश-एक प्रवेश परीक्षा' और SmartInsta Test-AI (SITAI) पर पावरपॉइंट प्रस्तुति दी गई।
- यह प्रस्तुति NITK सुरथकल के पूर्व बोर्ड ऑफ गवर्नर्स चेयरमैन और VTU कर्नाटक के पूर्व वाइस चांसलर बालावीरा रेड्डी ने पेश की।
- सरकारी और निजी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की किफायती कीमत और उपलब्धता के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
- इस विषय पर NPPA, QCI, NABH, DCGI और CDSCO के अधिकारियों की गवाही सुनी गई।
- स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़ी रेगुलेटरी संस्थाओं के संगठनात्मक ढांचे, कार्यप्रणाली और कार्यक्षमता की समीक्षा की गई।
- NMC एक्ट, 2019 के तहत NEET परीक्षा आयोजित करने से जुड़े पहलुओं पर विचार-विमर्श हुआ।
- बैठक में मौजूद विशेषज्ञों और NTA अधिकारियों ने इन मुद्दों पर विस्तार से अपनी राय और सुझाव रखे।
NEET विवाद पर तीन संसदीय समितियों ने की समीक्षा
NEET-UG परीक्षा विवाद पर अब तक तीन संसदीय समितियां चर्चा कर चुकी हैं। शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों की समिति तथा सरकारी आश्वासनों से जुड़ी समिति के बाद स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संबंधी संसदीय समिति ने भी इस मामले पर विचार किया।
समितियों ने NMC के चेयरमैन, उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी और NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह से परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर चर्चा की। गौरतलब है कि 3 मई को हुई NEET-UG परीक्षा को रद्द कर 21 जून को दोबारा आयोजित किया गया था।