Top Medical Colleges: देश के टॉप-10 मेडिकल कॉलेज, पहले नंबर पर एम्स दिल्ली, जानें दूसरे और तीसरे पर कौन
MBBS Admission 2026: नीट यूजी का रिजल्ट आने के बाद अब लाखों छात्रों की नजर मेडिकल काउंसलिंग पर है। देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिले की होड़ शुरू होने वाली है। ऐसे में सही कॉलेज का चयन छात्रों के भविष्य के लिए बेहद अहम साबित होगा। काउंसलिंग शुरू होने से पहले यह जानना जरूरी है कि देश के कौन से संस्थान NIRF 2025 रैंकिंग में शीर्ष पर रहे थे।
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विस्तार
MBBS Admission 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी री-एग्जाम का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस साल 11.21 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास की है। नीट क्वालिफाई करने वाले देशभर के लाखों छात्रों की नजरें अब मेडिकल काउंसलिंग और पसंदीदा कॉलेज पर टिकी हैं। हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में छात्र देश के टॉप मेडिकल कॉलेजों में दाखिला पाने का सपना देख रहे हैं। अच्छी रैंक हासिल करने वाले अभ्यर्थियों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि उन्हें किस कॉलेज को प्राथमिकता देनी चाहिए।
अगर आप भी NEET 2026 में सफल हुए हैं और मेडिकल कॉलेज चुनने की तैयारी कर रहे हैं, तो NIRF 2025 रैंकिंग के आधार पर देश के टॉप-10 मेडिकल कॉलेज बताए गए हैं। इससे आपको काउंसलिंग के दौरान सही कॉलेज का चुनाव करने में मदद मिल सकती है।
देश के टॉप-10 मेडिकल कॉलेज कौन से हैं?
अधिकांश टॉप रैंक हासिल करने वाले छात्रों की पहली पसंद आमतौर पर एम्स दिल्ली होती है। हालांकि, देश में ऐसे कई अन्य प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान हैं, जहां हर साल बड़ी संख्या में मेधावी छात्र दाखिला लेना पसंद करते हैं। NIRF 2025 के अनुसार देश के टॉप-10 मेडिकल कॉलेज इस प्रकार हैं:
| रैंक | संस्थान | शहर | राज्य |
|---|---|---|---|
| 1 | अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) | नई दिल्ली | दिल्ली |
| 2 | पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) | चंडीगढ़ | चंडीगढ़ |
| 3 | क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (CMC) | वेल्लोर | तमिलनाडु |
| 4 | जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (JIPMER) | पुडुचेरी | पुडुचेरी |
| 5 | संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGIMS) | लखनऊ | उत्तर प्रदेश |
| 6 | बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) | वाराणसी | उत्तर प्रदेश |
| 7 | नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज (NIMHANS) | बेंगलुरु | कर्नाटक |
| 8 | किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) | लखनऊ | उत्तर प्रदेश |
| 9 | अमृता विश्व विद्यापीठम | कोयंबटूर | तमिलनाडु |
| 10 | कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज (KMC) | मणिपाल | कर्नाटक |
कॉलेज चुनते समय किन बातों का रखें ध्यान?
काउंसलिंग के दौरान केवल रैंक देखकर कॉलेज चुनना पर्याप्त नहीं होता। छात्रों को कॉलेज का इंफ्रास्ट्रक्चर, अस्पताल में मरीजों की संख्या, फैकल्टी, इंटर्नशिप के अवसर, रिसर्च सुविधाएं और प्लेसमेंट जैसी बातों पर भी ध्यान देना चाहिए। कई बार थोड़ा कम चर्चित लेकिन बेहतर क्लिनिकल एक्सपोजर वाले कॉलेज भी छात्रों के लिए लंबी अवधि में बेहतर विकल्प साबित होते हैं।
रिजल्ट के बाद अब क्या होगा?
नीट यूजी का परिणाम आने के बाद उम्मीदवारों के लिए अगला और सबसे महत्वपूर्ण चरण काउंसलिंग है। इसी प्रक्रिया के जरिए छात्रों को उनके रैंक, पसंद और उपलब्ध सीटों के आधार पर मेडिकल कॉलेज आवंटित किए जाएंगे। यह प्रक्रिया मुख्य रूप से दो हिस्सों में होती है।
- 15% ऑल इंडिया कोटा (AIQ)
- 85% राज्य कोटा
काउंसलिंग का पूरा गणित समझिए
15% ऑल इंडिया कोटा:
ऑल इंडिया कोटा के तहत देश के सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों की 15 प्रतिशत सीटों पर दाखिला दिया जाता है। इसके अलावा AIIMS, JIPMER, डीम्ड यूनिवर्सिटी और केंद्रीय विश्वविद्यालयों की सीटों पर भी इसी प्रक्रिया के तहत प्रवेश मिलता है।
85% राज्य कोटा:
सरकारी मेडिकल कॉलेजों की शेष 85 प्रतिशत सीटों पर संबंधित राज्य की काउंसलिंग एजेंसी द्वारा प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसमें आमतौर पर उसी राज्य के निवासी उम्मीदवार हिस्सा ले सकते हैं। राज्य स्तरीय काउंसलिंग आमतौर पर चार चरणों में आयोजित की जाती है:
- राउंड-1
- राउंड-2
- मॉप-अप राउंड
- स्ट्रे वैकेंसी राउंड
देश में कितनी MBBS सीटें हैं?
देश में इस समय MBBS की कुल सीटों की संख्या बढ़कर 1,36,939 हो चुकी है, जिससे पहले की तुलना में अधिक छात्रों को मेडिकल शिक्षा का मौका मिलेगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे MCC और अपने राज्य की काउंसलिंग वेबसाइट पर नियमित नजर बनाए रखें और समय पर पंजीकरण तथा चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया पूरी करें।